शहर के सपूत बादलसिंह को शहर बंद रखकर नम आंखों से दी गयी अंतिम विदाई
अंतिम दर्शन करते शहीद की पत्नीRaj Express

शहर के सपूत बादलसिंह को शहर बंद रखकर नम आंखों से दी गयी अंतिम विदाई

नागदा जं., मध्यप्रदेश। सियाचीन के समीप देश की सेवा करते हुए शहीद हुए शहर के वीर सपूत बादलसिंह को दोपहर तक शहर बंद कर महिलाएं व बच्चों सहित पूरे शहरवासियों ने नम आंखो से श्रद्धांजलि देकर अंतिम विदाई दी

नागदा जं., मध्यप्रदेश। सियाचीन के समीप देश की सेवा करते हुए शहीद हुए शहर के वीर सपूत बादलसिंह को दोपहर तक शहर बंद कर महिलाएं व बच्चों सहित पूरे शहरवासियों ने नम आंखो से श्रद्धांजलि देकर अंतिम विदाई दी। दोपहर 12 बजे उनके निवास स्थान से अंतिम यात्रा निकाली गई। जिस मार्ग से यात्रा गुजरी वहां मकानो पर खड़े होकर महिलाओं व बच्चों ने पुष्प वर्षा की। महिलाएं आंसू नही रोक पाई। शहर में जगह-जगह राजनीतिक, सामाजिक संस्थाओं ने मंच बनाकर शहीद को पुष्पचक्र अर्पित किए। शव यात्रा में देश भक्ति के गीतो के साथ बादल अमर रहे व वंदे मातरम की गूंज सुनाई दी।

सियाचीन के समीप देश की सेवा करते समय शहर के वीर सपूत बादलसिंह चंदेल बुधवार को शहीद हो गए थे। उनका पार्थिव शरीर आने का पूरा शहर सुबह 8 बजे से ही इंतजार करता रहा। शहीद को श्रद्धांजलि के लिए पूरा शहर बंद रहा। दोपहर 2 बजे बाद शहर का बाजार खुला। शनिवार को निर्धारित समय सुबह 8:30 बजे की जगह सुबह 11 बजे आर्मी के अधिकारी व जवान पार्थिव शरीर लेकर आए। बायपास पर राजस्थानी ढाबे से शहर में प्रवेश किया वहीं से शहरवासियों ने सड़क पर डीजे लगाकर देश भक्ति के गीत के उनके निवास रामसहाय मार्ग पर पहुंचने के पूर्व लगभग 150 स्थानों पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही परिजनों ने धैर्य खो दिया। शहीद की मां, पत्नी सहित रिश्तेदारो के आंसू अंतिम समय तक नहीं रूके।

दोपहर 12 बजे शहीद के निवास स्थान से शव यात्रा प्रारंभ हुई इसमें कोरोना को नजरअंदाज कर हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। यात्रा जिस मार्ग से निकली लगभग सभी मकानों पर महिलाएं, बच्चों ने पुष्प वर्षा कर वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान महिलाएं आंसू नहीं रोक पाईं। नपा कार्यालय के सामने नपा अधिकारी, कर्मचारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पुराने बस स्टैंड से होते हुए जवाहरमार्ग, महात्मागांधी मार्ग, चंबल मार्ग होते हुए 3 घंटे में मुक्तिधाम पहुंचे। श्रद्धांजलि सभा में केंद्रीय मंत्री डॉ. थावरचंद गेहलोत, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक दिलीपसिंह गुर्जर, तराना विधायक महेश परमार, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, पूर्व विधायक लालसिंह राणावत, जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सुबोध स्वामी, भाजपा मंडल अध्यक्ष सीएम अतुल, राधे जायसवाल, पूर्व नपाध्यक्ष गोपाल यादव, डॉ. तेजबहादुरसिंह चौहान, सुल्तानसिंह शेखावत, प्रकाश जैन ने श्रद्वांजलि अर्पित की। कांग्रेस नेता बसंत मालपानी ने रामसहायमार्ग को शहीद बादलसिंह के नाम से नामांकन करने का सुझाव दिया। वहां गाड ऑफ ऑनर देकर सामाजिक प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद शहीद के तीन वर्षीय पुत्र वीवानसिंह व भाई जयसिंह चंदेल ने मुखाग्रि दी। शव यात्रा में एसडीएम आशुतोष गोस्वामी, तहसीलदार आशिष खरे, मंडी थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा, बिरलाग्राम थाना प्रभारी हेमंतसिंह जादोन, मुख्य नपा अधिकारी भविष्य कुमार खोब्रागड़े, नागदा व्यापारी संघ अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल, महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र जैन बिंदु, सज्जन सिंह शेखावत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व शहर के युवा शामिल थे।

शहीद की अंतिम यात्रा में महिलाएं भी हुईं शामिल :

पहली बार शहर में शहीद की शव यात्रा में महिलाएं भी शामिल हुईं। पूर्व विधायक दिलीपसिंह शेखावत की पत्नी इंद्रकुंवर शेखावत, वार्ड पार्षद उषा गुर्जर, लता खेतान, भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष साधना जैन सहित कई महिलाएं थी। विधायक दिलीपसिंह गुर्जर गांव डाबरी से ही शव वाहन में खड़े हो गए थे। कई सामाजिक संस्थाओं ने गर्मी के मौसम को देखकर पानी की व्यवस्था की।

शहीद की अंतिम यात्रा में महिलाएं भी हुई शामिल
शहीद की अंतिम यात्रा में महिलाएं भी हुई शामिलRaj Express

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