सरकार गिराने की स्वीकारोक्ति के बाद किया जाए नार्को टेस्ट

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : सरकार गिराने की स्वीकारोक्ति करने के बाद अब यह भी बता देना चाहिए कि किसको कितना पैसा दिया ओर केन्द्र सरकार से कितना पैसा मिला।
सरकार गिराने की स्वीकारोक्ति के बाद किया जाए नार्को टेस्ट
सरकार गिराने की स्वीकारोक्ति के बाद किया जाएं नार्को टेस्टSocial Media

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। सरकार गिराने की स्वीराकोत्ति करने के बाद अब यह भी बता देना चाहिए कि किसको कितना पैसा दिया ओर केन्द्र सरकार से कितना पैसा मिला। यह बात प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी (ग्वालियर-चम्बल संभाग) केके मिश्रा ने भाजपा की चुनावी सभाओं में कमलनाथ सरकार गिराने की स्वीकारोक्ति के बाद कही।

गुरुवार को ग्वालियर-चंबल अंचल के दिमनी, जौरा, महगांव और गोहद विधानसभा उपचुनाव की चुनावी सभाओं में कांग्रेस के पूर्व विधायक और वर्तमान भाजपा प्रत्याशी गिर्राज डंडोतिया और रणवीर जाटव का नाम लेकर सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री द्वारा कही गई उस स्वीकारोक्ति को एक गंभीर मामला बताया, जिसमें उन्होंने कहा है कि गिर्राज डंडोतिया को मैने यह कहा था कि कहां फंसे हो यार, साथ आओ सरकार गिरा दो और गोहद के भाजपा प्रत्याशी रणवीर जाटव ने उनसे कहा था कि मुझे सरकार गिराना है, यह सरकार चलना नहीं चाहिये। जनादेश के माध्यम से चुनी गई किसी भी सरकार को भ्रष्टाचार के माध्यम से गिरा देना एक अक्षम्य राजनैतिक अपराध है। मुख्यमंत्री की स्वीकारोक्ति के बाद अब उनका नार्को टेस्ट करवाना चाहिये ताकि प्रदेश सरकार गिराने की सच्चाई सामने आ सके।

मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री यदि धीरे-धीरे कमलनाथ सरकार को गिराने की सच्चाई उगल ही रहे हैं, तो उन्हें अब उस सच्चाई को भी उजागर कर देना चाहिये कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने सरकार गिराने के लिए स्थानीय नेतृत्व को किसने पैसे दिलवाएं थे। कांग्रेस ने यह भी पूछा कि क्या यह भी झूठ है कि प्रदेश के पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के माध्यम से कोरोना काल में एकत्र 1500 करोड़ रूपयों की राशि में से 1250 करोड़ रूपयों के कर्ज की अदायगी सरकार बनाने के एवज में खर्च की गईं?

मिश्रा ने यह भी कहा कि अपने उक्त बयान के पूर्व मुख्यमंत्री ने कभी यह कहा था कि कमलनाथ सरकार खुद अपने कर्मो से गिरी है बाद में इन्दौर की एक चुनावी सभा में सार्वजनिक तौर पर कहा कि यदि तुलसी सिलावट नहीं होते तो मैं मुख्यमंत्री नहीं बन सकता था। अब चुनावी सभाओं में सरकार गिराने की उनकी इस स्वीकारोक्ति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा ने किस तरह से जनता के वोट से बनी सरकार को गिराने का काम किया। कांग्रेस प्रवक्ता मिश्रा ने कहा कि इस स्वीकारोक्ति के बाद अब नार्को टेस्ट होना चाहिये ताकि इससे जुड़ी अहम जानकारियां भी सार्वजनिक हो सकें।

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