खाकी वर्दी की पहल, समूचे शहर में निकाली गई तिरंगा यात्रा
खाकी वर्दी की पहल, समूचे शहर में निकाली गई तिरंगा यात्राPrafulla Tiwari

Narmadapuram : खाकी वर्दी की पहल, समूचे शहर में निकाली गई तिरंगा यात्रा

कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च निकालने वाली खाकी वर्दी ने जिला मुख्यालय पर एसपी, एएसपी के निर्देशन में तिरंगा यात्रा निकाली। दिल्ली के राजपथ जैसा दिखा नाजारा।

नर्मदापुरम, मध्यप्रदेश। शहर में आजादी के अमृत महोत्सव की धूम मची हुई है जिला और पुलिस प्रशासन के साथ-साथ स्वयंसेवी और समाजसेवी संगठनों के साथ साथ व्यापारिक संगठन और अन्य गणमान्य नागरिक आजादी की 75 वीं वर्षगांठ का जश्न मना रहे हैं। आमतौर पर तीज त्योहारों के मौके पर कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च निकालने वाली खाकी वर्दी ने जिला मुख्यालय पर एसपी डा. गुरकरन सिंह, एएसपी अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन में तिरंगा यात्रा निकाली। बाइक पर सवार होकर हाथों में तिरंगा लिए पुलिस अधिकारी और कर्मचारी आज शहर की विभिन्न सड़कों पर निकले, तो मानो राजपथ जैसा दृश्य हो गया। पुलिस की इस अनूठी और अनुपम तिरंगा यात्रा को देखकर शहरवासी वाह-वाह करने पर मजबूर हो गए। तिरंगा यात्रा शाम चार बजे पुलिस लाईन से शुरू होकर मालाखेड़ी, एनएमबी कालेज, रामजी बाबा, सतरास्ता, हलवाई चौक, सराफा चौक, मोरछली चौक, इंदरा चौक, नेहरू पार्क, कोठी बाजार होते हुए कलेक्टे्रट परिसर में समाप्त हुई। तिरंगा यात्रा के दौरान जो जहां था, वहीं रुक गया और सैल्युट मारकर ध्वज के सम्मान में खड़ा रहा। राजनीतिक दल और स्वयंसेवी संगठन तो तिरंगा यात्रा निकालते ही रहते हैं, लेकिन शहर में है पहला मौका है जब खाकी वर्दी में हाथ में तिरंगा थामा और बाइक पर रैली निकाली।

इस अवसर पर कोतवाली टीआई संतोष सिंह चौहान और देहात थाना टीआई संजय चौकसे ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में तिरंगे की महिमा का बखान किया। टीआई श्री चौहान और श्री चोकसे ने कहा कि अभी तक शासकीय कार्यालय, निजी संस्थानों और घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के नियम अलग थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर केंद्र सरकार ने नियमों में संशोधन करते हुए आम आदमी को अपनी सुविधा के साथ अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए नियमों में संशोधन किया है। कारण सिर्फ इतना है कि देश इन दिनों आजादी का अमृत महोत्सव यानी 75 वीं वर्षगांठ मना रहा है अभी तक होता है रहा है कि राष्ट्रीय ध्वज शासकीय संस्थानों अथवा सार्वजनिक स्थानों पर ही फहराया जाता था। घरों में इसे फहराने के लिए कुछ नियम थे, जिन्हें प्रधानमंत्री की पहल पर अब से शिथिल कर दिया गया है, ताकि महलों से लेकर झोपड़ी में रहने वाला हर भारतवासी देश की आन बान शान और स्वतंत्रता के प्रतीक इस ध्वज को अपने कार्यस्थल पर और निवास पर ठहरा कर आजादी का जश्न मना सकें। दरअसल है देश के नागरिकों में राष्ट्रीयता की अलख जगाने का अनूठा अभियान है और इस अभियान में पुलिस प्रशासन बढ़-चढ़कर सक्रिय भागीदारी का निर्वाह कर रहा है। तिरंगा यात्रा एक संदेश भी है आम नागरिकों के लिए कि, देश में लोकतंत्र है, देश स्वतंत्र और प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति अपनी भावनाएं उजागर करने का अधिकार है। रही बात पुलिस की तो उसमें भी एक संदेश छुपा हुआ है कि पुलिस राष्ट्र की सेवा में समर्पित है। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में पुलिस कर्मियों ने संकल्प लिया है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और संविधान की भावना के अनुरूप प्रत्येक व्यक्ति को उनके अधिकारियों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है और इसे पूरा करने का हमने एक बार फिर संकल्प लिया है। तिरंगा यात्रा में एसडीओपी पराग सैनी, अजाक्स डीएसपी रोहित राठौर सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

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