नाथ ने कमलनाथ को दिया साथ
नाथ ने कमलनाथ को दिया साथ|Shrisitaram Patel
मध्य प्रदेश

अनूपपुर : नाथ ने कमलनाथ को दिया साथ, मजबूत हुआ कांग्रेस का हाथ

अनूपपुर, मध्य प्रदेश : एक नाथ ने नाथ को दिया साथ, मजबूत हुआ कांग्रेस का हाथ। विश्वनाथ के आधिकारिक घोषणा से कार्यकर्ताओं में उत्साह।

Shrisitaram Patel

अनूपपुर, मध्य प्रदेश। मध्यप्रदेश में 27 सीटो पर होने उपचुनाव में अनूपपुर विधानसभा सीट से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा विश्वनाथ सिंह की आधिकारिक घोषणा अधिसूचना लागू होने के पूर्व ही कर दिये जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम कांग्रेस ने करके भाजपा से चुनावी समर में आंगे बढने का पहला प्रयास किया है।

उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने अधिसूचना लगने के पूर्व ही प्रत्याशी की आधिकारिक घोषणा करके चुनावी समर में भाजपा से आगे निकलती दिख रही है, हालांकि भाजपा की ओर से प्रत्याशी की आधिकारिक घोषणा तो नही हुई है, किंतु कांग्रेस की सरकार गिराने में अहम भूमिका निभाने वाले बिसाहूलाल सिंह के दल बदल कर मंत्री बनाने के बाद उनका उम्मीदवार बनना तय है। इस प्रकार अनूपपुर विधानसभा सीट से अब यह तय हो चुका है कि विधानसभा उपचुनाव बिसाहूलाल सिंह बनाम विश्वनाथ सिंह के बीच होना है।

कांग्रेस और भाजपा के बीच ही रहा है मुकाबला :

अनूपपुर विधानसभा सीट 1977 से सृजित हुई है, तभी से 2018 तक के परिणाम यदि देखे तो अनूपपुर विधानसभा सीट में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही रहा है और कांटे का संघर्ष भी हमेशा से उक्त सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच रहता है। बिसाहूलाल सिंह 1980 से लेकर 2018 तक कांग्रेस के कद्दावर नेता जरूर बन गये थे, किंतु 2018 के पहले वे कभी लंबे अंतराल से चुनाव नही जीते, 2018 में पहली बार बिसाहूलाल सिंह 10 हजार से 'यादा वोटो से चुनाव जीते थे, उसका कारण भी यह रहा है कि 2018 में कांग्रेस से विश्वनाथ सिंह ने बिसाहूलाल को चुनौति देते हुए पूरे दम खम से अनूपपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस की टिकट मांगा था और अपनी दावेदारी की थी। 2018 में विश्वनाथ सिंह ने अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र का पैदल यात्रा किया था, किंतु कांग्रेस की टिकट बिसाहूलाल सिंह को मिल गई थी, जिसका लाभ बिसाहूलाल को मिला था। उपचुनाव बिसाहूलाल सिंह और विश्वनाथ सिंह के बीच होने से यह मुकाबला और भी रोमांचक और दिलचस्प हो गया है।

नाथ ने किया विश्वास नाथ पर :

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पूर्व में ही सार्वजनिक घोषणा कर दी थी कि सर्वे रिपोर्ट ही प्रत्याशी चयन का मुख्य आधार होगा, पार्टी ने 27 सीटो पर प्रत्याशी चयन के लिए तीन सर्वे कराये थे, तीनो सर्वे के आधार पर ही 27 में से 15 सीटो की पहली सूची भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी द्वारा घोषित की गई है, जिसमें अनूपपुर से विश्वनाथ सिंह का नाम पहली सूची में ही घोषित होना यह बताता है कि विश्वनाथ सिंह का सर्वे में नाम सबसे ऊपर रहा है। विश्वनाथ सिंह की जमीनी पकड और लोकप्रियता व सर्वे को आधार मानकर कमलनाथ ने उपचुनाव हेतु विश्वनाथ सिंह पर भरोसा किया है।

कार्यकर्ताओं में अभूत पूर्व उत्साह :

अनूपपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव में जमीनी कांग्रेस कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाये जाने से कार्यकर्ताओं में अभूत पूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। कार्यकर्ताओं के मन में इस बात को लेकर उत्साह है कि उनके बीच से कांग्रेस ने ऐसे कार्यकर्ता को प्रत्याशी के रूप में चयन किया है जो पिछले 27 वर्षो से पार्टी की सेवा करता चला आ रहा है, जिसकी राजनीति कांग्रेस का झंडा बांधने से शुरू हुई थी, ऐसे जमीनी कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाये जाने से कई कार्यकर्ताओं के मन में यह विश्वास बढा है कि कांग्रेस अपने ऐसे जमीनी कार्यकर्ताओं को आंगे बढने का अवसर देती है। जिससे कार्यकर्ताओं में एक गजब का जोश दिख रहा है और यह जोश कांग्रेस के लिए संजीविनी का काम कर रहा है।

अप्रत्याशित परिणाम की संभावना :

अनूपपुर विधानसभा के पिछले 43 वर्षो के परिणाम देखे जाये तो अनूपपुर विधानसभा के मतदाताओं हमेशा अप्रत्याशित परिणाम दिये है। पिछले परिणामों को देखा जाये तो बिसाहूलाल सिंह जब कांग्रेस के कद्दावर नेता हुआ करते थे और म.प्र. की राजनीति में एक आदिवासी नेताओं में सुमार होता था और अपनी राजनीति के चरम पर थे, और अपने प्रभाव से उन्होने अनूपपुर को 2003 में जिला बनवाया था, जो 15 अगस्त 2003 को अस्तित्व में आया था और उसके ठीक दो माह बाद आम चुनाव होने थे, जिसमें अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थे, तब भाजपा ने एक नये युवा चेहरा रामलाल रौतेल को जो तत्कालीन समय में जिला पंचायत सदस्य थे को प्रत्याशी बनाया था, उस मुकाबले में बिसाहूलाल सिंह को पराजित कर रामलाल रौतेल ने चुनाव जीत कर अप्रत्याशित परिणाम दिया था। बिसाहूलाल सिंह फिर दल बदल कर कांग्रेस की सरकार गिराकर भाजपा की सरकार में मंत्री है और अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है और कांग्रेस ने अपने एक जमीनी कार्यकर्ता युवा चेहरे विश्वनाथ सिंह सदस्य जिला पंचायत को प्रत्याशी बनाकर बिसाहूलाल सिंह को चुनौती दिया है, इतिहास को देखते हुए अनूपपुर विधानसभा उपचुनाव में विश्वनाथ सिंह की जीत अप्रत्याशित परिणाम दे सकती है।

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