भोपाल : कोरोना कहर के कारण इस बार नहीं हो पाया राष्ट्रीय बाल रंग कार्यक्रम
कोरोना कहर के कारण इस बार नहीं हो पाया राष्ट्रीय बाल रंग कार्यक्रमRaj Express

भोपाल : कोरोना कहर के कारण इस बार नहीं हो पाया राष्ट्रीय बाल रंग कार्यक्रम

भोपाल, मध्य प्रदेश : प्रदेश में कोरोना के कहर ने बाल प्रतिभाओं को भी जमकर सताया है। प्रतिवर्ष होने वाला राष्ट्रीय बाल रंग समारोह इस बार महामारी के कारण आयोजित नहीं हो पाया है।

भोपाल, मध्य प्रदेश। प्रदेश में कोरोना के कहर ने बाल प्रतिभाओं को भी जमकर सताया है। प्रतिवर्ष होने वाला राष्ट्रीय बाल रंग समारोह इस बार महामारी के कारण आयोजित नहीं हो पाया है। अधिकारियों का कहना है कि भारत सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक 31 दिसंबर तक स्कूल पूरी तरह बंद थे। इसके लिए शासन से भी मार्गदर्शन मांगा गया था लेकिन लगातार पैर पसार रही बीमारी के कारण शासन द्वारा भी कोई अनुमति नहीं प्रदान की गई। इस कारण बाल रंग कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा है। लोक शिक्षण संचालनालय में अधिकारियों का कहना है कि पूर्व की तरह इस बार भी 19 से 21 दिसंबर तक बाल रंग कार्यक्रम भोपाल के राष्ट्रीय मानव संग्रहालय प्रस्तावित था। माना जा रहा था कि बीमारी का प्रकोप कम होगा तो यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, लेकिन लगातार बढ़ती महामारी के कारण यह राष्ट्रीय समारोह स्थगित करना पड़ा है। बताना होगा कि कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश बंगाल मणिपुर असम छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र तमिलनाडु केरल जम्मू कश्मीर राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के बाल कलाकार सहभागिता करने के लिए आते थे। अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष अब यह कार्यक्रम संभव नहीं है। अगर बीमारी का प्रकोप थमा तो अगले वर्ष इस पर विचार किया जा सकता है अफसरों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अब तो पूरा फोकस बच्चों की पढ़ाई पर है।

कक्षा में प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य पर रखी जा रही नजर :

इधर सरकार द्वारा नमी से 12वीं की बच्चों की जो नियमित कक्षाएं लगाई गई है। उन पर अधिकारियों का पूरा फोकस है। भोपाल में प्राचार्य को निर्देश दिए गए हैं कि भारत सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक हर दिन कक्षाएं लगाना जरूरी है। कक्षा में बच्चों के स्वास्थ्य पर पैनी नजर रखी जाए। उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर अध्यापन के तरीके निकाले जाएं। जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना स्वयं विद्यालयों की मॉनिटरिंग करने में जुटे हुए हैं। नितिन सक्सेना का कहना है कि प्राचार्य को सख्त निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक बच्चे से बात करें। ताकि कोई भी बच्चा बीमारी की चपेट में ना आ पाए और विद्यालय में आसानी से पढ़ाई कर सके। उन्होंने बताया है कि हर विद्यालय में स्वच्छता का अवलोकन भी किया जा रहा है। कोशिश यही है कि समय से बच्चों का कोर्स कंप्लीट हो और वह परीक्षाओं में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हो।

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