शहडोल : बांधवगढ़ में नाइट-टाइगर सफारी का मिलेगा लुत्फ़
फारेस्ट की थीम पर लाईटिंग एवं म्यूजिक स्पॉट होंगे तैयार। इको सेस्टिव जोन के लिए 132 ग्रामों में शुरू होंगे पर्यावरण आधारित कार्य। प्रतिबंधित क्षेत्र में स्वीकृत 5 रेत खदान होंगी निरस्त।
शहडोल : बांधवगढ़ में नाइट-टाइगर सफारी का मिलेगा लुत्फ़
बांधवगढ़ में नाइट-टाइगर सफारी का मिलेगा लुत्फ़Afsar Khan

शहडोल, मध्य प्रदेश। कमिश्नर नरेश पाल की अध्यक्षता में बुधवार को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में बांधवगढ़ नेशनल पार्क क्षेत्र में नाइट सफारी, टाइगर सफारी प्रारंभ करने तथा स्थानीय ग्रामीणों को वनोपज और पर्यटन पर आधारित रोजगार मुहैया कराने के प्रस्तावों का अनुमोदन सर्वसम्मति से किया गया। बैठक में क्षेत्र संचालक बाधंवगढ़ टाइगर रिजर्व विंसेंट रहीम द्वारा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व स्थानीय सलाहकार समिति की जनवरी माह में हुई बैठक में लिये गए निर्णयों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि 1 अक्टूबर से बाधंवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क पर्यटकों के लिये खोला जाएगा।

सोशल डिस्टेसिंग का हो पालन :

बैठक में कमिश्नर ने कहा कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को कोरोना से बचाव के उपायों का पालन सुनिश्चित किया जाएं तथा शासन द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। टाइगर रिजर्व क्षेत्र मे किसी भी पर्यटक को बैगर मास्क एवं सेनेटाईजिंग के बगैर प्रवेश नहीं दिया जाएं। बैठक में क्षेत्र संचालक बाधंवगढ़ टाइगर रिजर्व ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में 15 से 30 जून तक पर्यटन वापस प्रारंभ किया गया था, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के सहयोग सेे पर्यटकों की स्क्रीनिंग की गई। उन्होंने बताया कि 1 अक्टूबर से पर्यटन प्रारंभ होने पर बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व क्षेत्र में सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन किया जाएगा। पर्यटकों को मास्क लगाने के लिये बाध्य किया जाएगा, सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराया जाएगा तथा कोरोना से बचाव हेतु भारत सरकार द्वारा दिये गए दिशा निर्देशो का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

जंगल की थीम पर लाईटिंग एवं म्यूजिक :

क्षेत्र संचालक ने बताया कि बांधवगढ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में टाइगर सफारी पनपथा जोन में एमपी थियेटर एवं नाइट सफारी प्रारंभ किये जा रहे हैं, वहीं जोहिला क्षेत्र में वाटर फॉल का विकास करने तथा आदिवासी कल्चर पर म्यूजियम तैयार करने के प्रयास किये जा रहे है। बैठक में कमिश्नर ने सुझाव दिया कि बांधवगढ टाईगर रिजर्व क्षेत्र में फारेस्ट की थीम पर लाईटिंग एवं म्यूजिक स्पॉट भी तैयार किया जाएं। बैठक में कमिश्नर ने सुझाव दिया कि बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व क्षेत्र में वनोपज पर आधारित उत्पादो को प्रोत्साहित किया जाएं तथा कोदो, कुटकी की मार्केटिंग हेतु स्व सहायता समूहों को दायित्व सौंपा जाए।

नाइट टूरिज्म की होगी शुरूआत :

बैठक में सरपंच ताला सहित अन्य सदस्यो ने बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व क्षेत्र के गांवों में हाथियों द्वारा फसलों को किये जा रहे नुकसान के संबंध में जानकारी दी गई। सदस्यों का कहना था कि, हाथियों के झुण्ड द्वारा फसलों किये जा रहे हानि का मुआवजा राशि का भुगतान के अधिकार वन विभाग के अधिकारियों को दिए जाएं, इससे मुआवजा राशि का भुगतान किसानों को जल्दी होगा। सदस्यो के सुझाव पर कमिश्नर ने कहा कि इस संबंध में शासन को पत्र लिख कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा। बैठक में बांधवगढ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में नाइट टूरिज्म सीमित स्तर पर प्रारंभ करने पर भी चर्चा की गई।

एमपीटीबी के हाथों जोनल मॉस्टर प्लान :

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की ईको सेंसेटिव जोन के जोनल मास्टर प्लान तैयार करने हेतु पारिस्थितिक संवेदीजोन की मॉनीटरिंग समिति की बैठक संपन्न हुई। क्षेत्र संचालक विंसेंट रहीम ने बताया कि एमपीटीबी द्वारा जोनल मास्टर प्लांन तैयार करने हेतु आईपीई ग्लोबल कंसलटेंट को इस संदर्भ में संस्था द्वारा स्थानीय व्यक्तियों एवं संबंधित ग्राम पंचायतो के लोगों से चर्चा की गई है तथा जोनल मास्टर प्लान तैयार करने की कार्यवाही तेजी से की जा रही है।

पर्यावरण आधारित होंगे रोजगार :

आईपीई ग्लोबल संस्था के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि जोनल मास्टर प्लान तैयार करने के लिये तकनीकी समिति का गठन कर लिया गया है। अब तक लगभग 15 गांव के लोगों से चर्चा की गई है। उन्होंने बताया कि ईकों सेंसेटिव जोन में लगभग 1 लाख 37 हजार लोग आएगें, जिन्हें पर्यावरण पर आधारित रोजगार से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि ईको सेंसेटिव जोन तैयार करने के लिये उस क्षेत्र के लोगों से निरंतर चर्चा की जा रही है। उनके द्वारा जोनल मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार किया गया, जिसमें सभी समिति सदस्यों से सुझाव/टिप्पणी मांगी गई है, जिसके उपरांत फायनल फार्मेट जारी किया जाएगा।

तीन भागों में विभाजन :

ईको सेेंसेटिव जोन बनाने का उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा है पर्यावरण की सुरक्षा के लिये जोन क्षेत्र में रहने वाले किसानों और मजदूरों को रोजगार के अवसर वनो पर आधारित रोजगार मुहैया कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि जोन क्षेत्र में रहने वाले किसानों और मजदूरों को कैसे रोजगार उपलब्ध कराना है, शासन के गाइडलाइन के अनुसार कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि ईको सेंसेटिव जोन क्षेत्र में निर्माण कार्यों को तीन भागों में विभाजित किया गया है, इसमें प्रतिसिद्ध, विनियमित, अनुमत्य।

अवैध निर्माणकारियों पर होगी कार्यवाही :

क्षेत्र संचालक ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के आसपास के क्षेत्रो में होटलों के विस्तार के आवेदन आये हैं। इसी प्रकार बांधवगढ़ क्षेत्र में बैगर अनुमति के आवासो का निर्माण करने वाले 07 व्यक्तियों को नोटिस दिये गए है। बैठक में कमिश्नर ने निर्देश दिए कि होटलों के विस्तार से संबंधित आवेदनों का राजस्व विभाग द्वारा परीक्षण कर नियमानुसार उन पर कार्यवाही करें, वहीं बाधवगढ़ क्षेत्र में बैगर अनुमति के आवासो का निर्माण करने वालों के विरूद्ध नोटिस देकर नियमानुसार कार्यवाही करें।

5 रेत खदानें होंगी निरस्त :

बैठक में क्षेत्र संचालक द्वारा बताया गया कि उमरिया जिले में माइनिंग कॉर्पोरेशन भोपाल द्वारा 5 रेत खदानें इको सेंस्टिव जोन में स्वीकृत कर दी गई हैं, जिसको निरस्त करने की प्रक्रिया चालू है। बैठक मे कमिश्नर ने निर्देश दिए कि बांधवगढ़ क्षेत्र के 132 गांवो में शासकीय अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्यों से संबंधित या अन्य किसी भी प्रयोजन से स्वीकृति प्रदान की जाती है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में किस आधार पर निर्माण कार्यों के लिये या अन्य प्रयोजन के लिये किन नियमों के तहत अनुमतियां दी जा सकती है, इसकी जानकारी सभी अधिकारियों को होना चाहिए। इसके लिये समुचित प्रचार सामग्री तैयार कर क्षेत्र के सभी 132 गांव के सार्वजनिक स्थानों में चस्पा किया जाएं।

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