अवैध शराब के कारोबार पर नही लग पा रही रोक
अवैध शराब के कारोबार पर नही लग पा रही रोक|सांकेतिक चित्र
मध्य प्रदेश

झाबुआ: अवैध शराब के कारोबार पर नहीं लग पा रही रोक

झाबुआ, मध्य प्रदेश: नगर मे कई ऐसे ढाबे हैं जिन पर आज भी अवैध शराब परोसी जा रही है। हर शाम ढाबो पर जितनी टेबले सजती है उतनी ही बोतले अवैध शराब की खुलती हैं।

राज एक्सप्रेस

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झाबुआ, मध्य प्रदेश। "सैंया भय कोतलवाल तो अब डर काहे का" यह कहावत शराब माफियाओं पर एकदम फिट बैठती है। आखिर इनका काम ही अवैध रूप से शराब का परिवहन ओर साथ ही बेचने का भी है। जिसमे नगर सहित जिले के बाहर करबी 3 से 4 किलोमीटर के दायरे मे देशी सहित विदेशी शराब का महकमा आसानी से मिल जाता है। वही गांव-गांव में हजारो से लेकर लॉखो रूपये की अवैध शराब को रखा जाता है। आबकारी विभाग की ओर से समय-समय पर कार्यवाही तो की जाती है लेकिन बड़े स्तर की अभी तक कोई भी कार्यवाही एवं धरपकड़ नहीं हो पा रही है। वही ज्ञात सूत्रों के अनुसार यह तक सामने आया है कि अवैध शराब के कारोबारी कह रहे हैं कि हमारी तो सेटिंग चलती है इसलिये हमारा कुछ भी नहीं हो सकता है।

नगर मे कई ऐसे ढाबे हैं जिन पर आज भी अवैध शराब परोसी जा रही है। हर शाम ढाबों पर जितनी टेबले सजती हैं उतनी ही बोतले अवैध शराब की खुलती है। कहने को तो ढाबों पर शराब का बेचना प्रतिबंध है लेकिन, बावजूद इसके अवैध शराब बड़ी आसानी से परोसी जा रही है। वहीं लोगों को आराम से बैठाकर पिलाया जा रहा है। इतना ही नहीं प्राप्त जानकारी के अनुसार यह तक कहा जा रहा है कि इन ढाबो पर शराब के ठेके पर से ही अवैध शराब का भण्डारण करवाया जाता है। जिससे की इन ढाबो पर महंगे दामो में शराब मिल सके ओर ठेकेदारों का भी माल निकल सके।

कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने के बाद से ही मार्च मे लॉक डाउन किया गया था। जिसके बाद से संपूर्ण दुकानों को बंद करने के आदेश कलेक्टर प्रबल सिपाही द्वारा दिये गये थे। लेकिन बावजूद इसके ढाबो पर लोगों को बैठने के बजाय उन्हे शराब को बेचा जरूर जा रहा था। आखिर ये बात कुछ और है कि उन्होंने अपना स्टॉक भरपूर रख रखा था। लेकिन ढाबे के संचालकों को ये कैसे अंदाजा लगा की लॉकडाउन बढ़ेगा उस पर से स्टॉक कर लिया जाये। बावजूद इसके शराब की दुकाने करीब ढाई से तीन महिने बंद रही लेकिन ढाबों पर आसानी से शराब का मिलना जारी रहा। अब ढाबो के संचालक आखिर शराब का महकमा ला कहां से रहा था।

वही मुखबिरो की सूचना पर पाया कि ये तो शराब के ठेको से ही अपना माल भर रहे है ऐसे मे इनकी मदद खाकी वर्दी धारी भी कर रहे हैं। वही आबकारी विभाग के कर्मचारी इनकी ओर अनदेखा कर रहे हैं। ऐसे में इन अवैध शराब व्यापारियो पर ना ही पुलिस ने रोक लगाई और ना ही आबकारी विभाग के द्वारा इन पर कोई कार्यवाही की गई। वहीं जिले भर मे यही स्थिति पूरे लॉक डाउन मे बनी रही। अब देखना यह है कि आने वाले समय मे इन ढाबो पर अवैध शराब के परिवहन के साथ ही बेचने पर कितनी रोक लग पाती है। या फिर जो जैसा चल रहा है वह वैसा ही चलता रहेगा।

क्या कहना है जिम्मेदारों का :

जब इस बारे में आबकारी अधिकारी श्री सिद्धीकी जी को फोन लगाया तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।

ढाबो के साथ ही अवैध शराब के परिवहन एवं बेचने वालों पर समय-समय पर हमारे द्वारा कार्यवाही की जा रही है। वही आबकारी विभाग की ओर से ढाबो पर किसी भी प्रकार की कोई अवैध शराब को बैचने की कोई परमीशन नही दी जाती है। शराब के ठेके से केवल एक पेटी तक ही ले जाने की अनुमति एवं नियम है इसक बाद उस पर केस बनया जा सकता है। इससे अधिक वह नहीं ले जा सकते हैं। अगर ऐसा कोई माामला सामने आता है तो जरूर कार्यवाही होगी।

अक्षय सोलंकी, एसआई आबकारी विभाग, झाबुआ

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