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Gulganj Panchayat
Gulganj Panchayat|Pankaj Yadav
मध्य प्रदेश

छतरपुर: पंचायत ने लिए ढाई करोड़, फिर भी किया घटिया निर्माण कार्य

गुलगंज, छतरपुर: गांव के विकास की जिम्मेदारी पंचायतों को मिली, लेकिन उनके द्वारा किये गए घटिया निर्माण कार्यों पर सवाल उठ रहे है। लोगों ने बताया कि, यहाँ पंचायत कर रही है गांव की जगह खुद का विकास।

Pankaj Yadav

गुलगंज। सत्ता का विकेन्द्रीकरण करते हुए गांव के विकास की जिम्मेदारी पंचायतों को दी गई, लेकिन सरपंच और सचिवों ने पंचायत का विकास करने के बजाय अपना विकास किया है। यही वजह है कि, करोड़ों रूपए पंचायत के खाते में आने के बाद भी स्थिति पहले से बदतर हो गई है। घटिया निर्माण कार्यों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं उधर सड़कें बनते ही बिखर रही हैं।

सरपंच का कार्यकाल :

सरपंच का कार्यकाल साढ़े चार साल से ज्यादा गुजर चुका है इस लिहाज से पूरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभान्वित हितग्राहियों सहित करीब ढाई करोड़ की राशि पंचायत को मिली मगर पंचायत की हालत बेहतर होने के बजाय और खराब हो गई है। कस्बा का मुख्य मार्ग दलदल में तब्दील हो चुका है। 14वें वित्त के माध्यम से हर 6 माह में पंचायत को लाखों रूपए मिलते हैं, लेकिन इस राशि को डकारने में सरपंच और सचिव कोई कोताही नहीं बरतते।

सीईओ से की शिकायत :

एक दर्जन सीसी सड़कें बनने के साथ ही ध्वस्त हो चुकी हैं। वार्ड नं. 15, 16, 8 और 13 में बनाई गई सड़कें कब की खत्म हो चुकी हैं। इन वार्डों के पंच प्रियंका पटैरिया और संपत बुनकर ने जनपद पंचायत सीईओ से इस मामले में शिकायत भी की थी। मस्जिद के पास की पुलिया खराब पड़ी है। करीब 6 हजार जनसंख्या वाले गुलगंज की हालत पहले से भी खराब हो गई है। सरपंच ज्ञानवती यादव आज भी चार दीवारी में रहती हैं, उनके पति बबलू यादव सरपंची करने में लगे हैं। सवाल यह है कि, जब लाखों रूपए विकास कार्यों के लिए आए तो, फिर सरपंच को पंचायत की दशा बिगाडऩे का हक किसने दिया।

इनका कहना :

अखिलेश उपाध्याय का कहना हैं कि आपके माध्यम से हमें जानकारी मिली है एसडीओ को भेजकर निर्माण कार्यों की जांच कराएंगे। गड़बड़ी पाए जाने पर कार्यवाही होगी। अखिलेश उपाध्याय बिजावर जनपद के सीईओ हैं।