आस्था के केंद्र सिद्धा पहाड़ के निकट नहीं हो कोई भी उत्खनन, मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

भोपाल, मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री ने खनिज साधन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक आरंभ होते ही स्पष्ट निर्देश दिए है कि सिद्धा पहाड़ की पवित्रता को बनाए रखते हुए इसके निकट उत्खनन के कार्य न किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
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भोपाल, मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सतना जिले में सिद्धा पहाड़ जन आस्था का केंद्र है। यहां किसी भी प्रकार का उत्खनन कार्य नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने खनिज साधन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक आरंभ होते ही स्पष्ट निर्देश दिए कि एक अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर के रूप में माने गए सिद्धा पहाड़ की पवित्रता को बनाए रखते हुए इसके निकट उत्खनन के कार्य न किए जाएं। आम जनता की श्रद्धा के रूप में सिद्धा पहाड़ की अलग पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस क्षेत्र में खनन के लिए किसी भी स्तर पर प्रयास किए जाने की जांच कर वस्तुस्थिति से अवगत करवाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में भी सिद्धा पहाड़ के निकट क्षेत्र में खनन न किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक कोई भी खनन की कार्यवाही नहीं हुई है, लेकिन आगे भी इसका पूरा ध्यान रखा जाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव खनिज साधन और कलेक्टर सतना को भी साफ-साफ निर्देश दिए हैं कि भविष्य में भी सिद्धा पहाड़ क्षेत्र में कोई भी खनन कार्यवाही नहीं होना चाहिए। यदि कोई अवैध रूप से खनन के कार्य के लिए प्रयासरत है तो उन्हें पूरी तरह से नियंत्रित किया जाए। क्षेत्र में किसी खनन माफिया को पनपने नहीं दिया जाएगा।

खनिज क्षेत्र की उपलब्धियों के लिए दी बधाई :

मुख्यमंत्री ने बैठक में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के अंतर्गत खनिज संपदाओं के वैज्ञानिक दोहन से रोजगार प्रदान करने के प्रयासों में प्राप्त सफलता के लिए खनिज साधन विभाग को बधाई दी। मुख्य रूप से प्रमुख खनिजों की नीलामी के लिए लघु खनिज नीति में मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 में संशोधन कर गौण खनिज के खदानों के आवंटन के प्रावधान की अधिसूचना प्रकाशित की जा चुकी है। खानों में डेडरेंट के युक्तिकरण, महत्वपूर्ण खनिजों की नीलामी का वार्षिक कैलेंडर तैयार करने और महत्वपूर्ण खनिजों की रायल्टी दरों को पुनर्मूल्यांकन करने का कार्य शतप्रतिशत पूर्ण हो गया है। इसके अलावा कोयला खानों को खनन सेवाओं के लिए निजी क्षेत्रों को आवंटित करने, जिला खनिज निधि में लघु खनिजों का समावेश करने और महत्वपूर्ण खनिजों वाली चूना पत्थर, बाक्साइट , मैगनीज, डोलामाइट आदि की निष्क्रिय खानों के पुन: संचालन का कार्य भी होने लगा है। मुख्य खनिजों की करीब 100 निष्क्रिय खदानों को पुन: संचालित करने का कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए है कि खनिज क्षेत्र में आय वृद्धि और कार्य के लिए भविष्य के लिए रोडमैप भी तैयार करें।

मुख्यमंत्री करेंगे केंद्र से चर्चा :

मुख्यमंत्री ने खनिज क्षेत्रों से संबंधित ऐसे प्राथमिक विषयों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए जिनका संबंध केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली स्वीकृति से है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे संबंधित केंद्रीय मंत्रियों सहित आवश्यकता हुई तो प्रधानमंत्री जी से भी इस संबंध में चर्चा और आग्रह करेंगे।

बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर खनिजों से आय बढ़ाने के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। खनिजों से आय वृद्धि के उद्देश्य से बैतूल, छतपुर, सीधी, कटनी और अन्य जिलों में सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व प्राप्ति का कार्य हो रहा है। गत वर्ष (2021-22 में) भी पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले खनिजों से 37 प्रतिशत अधिक आय प्राप्त हुई थी। रेत खनिज से गत वर्ष 1019 करोड़ रुपए की आय अर्जित हुई जो 47 प्रतिशत अधिक थी। इस वर्ष भी 1150 करोड़ रुपए की आय के लक्ष्य को प्राप्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्धन वर्ग के लिए नि:शुल्क रेत प्रदाय के विकल्पों पर विचार कर निर्णय लेने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मख्य सचिव वित्त मनोज गोविल, खनिज साधन विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह, संचालक खनिज राकेश श्रीवास्तव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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