फिलहाल मंत्रिमंडल के विस्तार की योजना नहीं : शिवराज

भोपाल, मध्य प्रदेश : मुख्यमंत्री ने अटकलों पर लगाया विराम। बिजली के दाम बढ़ाने पर भी विचार नहीं।
फिलहाल मंत्रिमंडल के विस्तार की योजना नहीं : शिवराज
फिलहाल मंत्रिमंडल के विस्तार की योजना नहीं : शिवराजSocial Media

भोपाल, मध्य प्रदेश। उपचुनाव में भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत और तीन मंत्रियों चुनाव हारने के बाद मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार की योजना नहीं है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मीडिया के सवाल पर यह बयान दिया है। उनसे पूछा गया कि मंत्रिमंडल का विस्तार कब होगा और कौन-कौन से विधायकों को जगह मिलेगी, इस पर मुख्यमंत्री ने सिर्फ इतना ही कहा कि अभी इसको लेकर जल्दबाजी करने की आवश्यकता नहीं है। बिजली के दाम बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर अभी विचार नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को यह बात आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप जारी करने के बाद मीडिया के सवाल पर ये बात कही। उप चुनाव में भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत और तीन मंत्रियों के चुनाव हारने के कारण मंत्रिमंडल विस्तार के कयास लगाए जा रहे थे। उप चुनाव जीतने के बाद सरकार अब प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य पर फोकस कर रही है। भोपाल में श्री चौहान ने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए रोडमैप जारी किया। उन्होंने कहा ये रोडमैप पीएम मोदी की प्रेरणा से तैयार किया गया है।

प्रदेश को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे :

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश का रोड मैप जमीन पर उतारा जाएगा। हम मध्यप्रदेश को नंबर एक राज्य बनाएंगे। जनता की अपेक्षाओं को पूरा किया जाएगा। श्री चौहान ने कहा सत्ता के सिंहासन पर बैठकर समय नहीं काटा जाएगा बल्कि अगले तीन साल में प्रदेश की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जाएगा। इसके लिए जी जान से कोशिश होगी।

हमने किसी कर्मचारी का वेतन नहीं रोका :

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश आर्थिक संकट से गुजरा। तीन चार महीने सरकारी खजाने में कोई पैसा नहीं आया। संकट के इस दौर में सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह बंद करने का भी प्रस्ताव आया था, लेकिन हमने किसी का भी वेतन नहीं रोकने का फैसला किया। उन्होंने आर्थिक संकट में प्रदेश का रोड मैप तैयार करना, पेश करना और उसे पूरा करने का संकल्प लेना एक चुनौतीपूर्ण काम है,लेकिन इसके लिए राह निकाल कर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए हम काम करेंगे। सरकार आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के रोड मैप में निजी क्षेत्र की मदद लेगी।

केन-बेतवा लिंक परियोजना जल्द शुरू होगी :

मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि केन बेतवा लिंक परियोजना का काम जल्द शुरू किया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार के बाद यूपी सरकार के साथ मिलकर परियोजना को जल्द पूरा किया जाएगा।

भाजपा विधायकों की संख्या बहुमत के आंकड़े से 11 ज्यादा :

उपचुनाव में बीजेपी को 28 में से 19 सीटों पर जीत हासिल हुई है। यानी बीजेपी विधायकों की संख्या विधानसभा में बहुमत के आंकड़े से 11 ज्यादा हो गई है। शिवराज कैबिनेट के 14 मंत्री चुनाव मैदान में उतरे थे। इसमें से तीन इमरती देवी, ऐंदल सिंह कंसाना और गिरराज दंडोतिया चुनाव हार गए हैं, जबकि तुलसी सिलावट और गोविंदसिंह राजपूत छह माह का कार्यकाल पूरा होने के बाद इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि सिलावट और राजपूत चुनाव जीत गए हैं, लेकिन उन्हें मंत्रीमंडल में वापसी के लिए फिर से शपथ लेना पड़ेगी। उपचुनाव से पहले शिवराज सरकार में 33 (25 कैबिनेट और 8 राज्यमंत्री) मंत्री थे। इसमें से 14 मंत्री चुनाव मैदान में उतरे थे, कैबिनेट में अधिकतम 34 मंत्री शामिल हो सकते हैं। यानी छह विधायक मंत्री बन सकते हैं।

मंत्री बनने के लिए फील्डिंग में लगे दावेदार :

इधर, शिवराज कैबिनेट में जगह पाने के लिए दावेदारों ने फील्डिंग जमाना शुरू कर दी है। चुनाव परिणाम के बाद से कई वरिष्ठ विधायकों के बीजेपी कार्यालय में चक्कर लगना शुरू हो गए हैं। तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत का फिर से मंत्री बनना लगभग तय है। बावजूद, इसके खाली 4 पदों के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है।

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