इंदौर : चूहे द्वारा शव कुतरने के मामले में कलेक्टर, सीएमएचओ, एसपी को नोटिस

इंदौर, मध्य प्रदेश : मप्र मानव अधिकारी ने स्वयं लिए संज्ञान, परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में इलाज में भी लापरवाही के लगाए आरोप।
इंदौर : चूहे द्वारा शव कुतरने के मामले में कलेक्टर, सीएमएचओ, एसपी को नोटिस
चूहे द्वारा शव कुतरने के मामले में कलेक्टर, सीएमएचओ, एसपी को नोटिसSocial Media

इंदौर, मध्य प्रदेश। यूनिक हॉस्पिटल में एक बुजुर्ग के शव को चूहों द्वारा कुतरे जाने के मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने स्वयं संज्ञान लेते हुए कलेक्टर, सीएमएचओ, पुलिस अधीक्षक और एमवायएच अधीक्षक को प्रतिवेदन जारी करते हुए जवाब मांगा है।

वहीं इस मामले में बुजुर्ग के परिजनों ने एक लिखित शिकायत थाना अन्नपूर्णा में बुधवार को ही। इस शिकायत में आरोप लगाए गए हैं कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा इलाज में भी लापरवाही बरती गई है और इलाज के दौरान ही चूहों ने मरीज को कुतर दिया गया है। परिजनों ने साक्ष के रूप में शव के फोटो भी आवेदन में लगाए हैं और मांग की है कि अस्पताल प्रबंधक पर कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लायसेंस निरस्त किया जाए।

अस्पताल प्रबंधन अड़ियल रुख पर अड़ा रहा :

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जैन ने मानव अधिकार से जुड़े मामले में संबंधितों से बुधवार को दो मामलों प्रतिवेदन मांगा है। दो में से एक मामला इंदौर का है। इंदौर शहर में एमवायएच की मर्चुरी में तीन शवों के साथ अमानवीयता के बाद अब निजी अस्पताल में दुर्दशा का मामला सामने आया है। बीते सोमवार को अन्नपूर्णा रोड स्थित यूनिक हॉस्पिटल में नवीनचंद जैन के शव के नाक, कान, पैरों की उंगलियां चूहे द्वारा कुतरा गया। इसे लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगाए। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने एडीएम को मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। लापरवाही और संवेदनहीनता के बाद भी अस्पताल ने अड़ियल रूख बनाए रखा। परिजन को शव तभी सौंपा, जब उन्होंने एक लाख रुपए का बिल चुकाया। स्व. श्री जैन की पोती प्रज्ञा ने बताया पिता प्रकाश जैन अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. प्रमोद नीमा से मिलने पहुंचे, तो बार-बार हाथ जोड़कर यही कहते रहे कि इसमें कुछ नहीं कर सकता। मैं हाथ जोड़कर माफी मांगता हूँ। हमसे गलती हुई है और मैं माफी मांगता हूं। आज तक हमारे यहां ऐसा नहीं हुआ।

तीन सप्ताह में देना होगा जवाब :

उल्लेखनीय है कि इतवारिया बाजार, इंदौर निवासी नवीनचंद जैन को सांस लेने में तकलीफ और निमोनिया के चलते 17 सितंतबर को यूनिक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उनकी पोती प्रज्ञा ने बताया कि रविवार की रात को डॉ. रूपेश मोदी का फोन आया। उन्होंने कहा हलात गंभीर हो रही है। उन्होंने पापा से अंडरटेकिंग फार्म पर हस्ताक्षर करने को कहा। रात करीब तीन बजे हमें मौत की सूचना दी गई। अगले दिन सुबह 8.30 बजे चार लोगों को पीपीई किट में शव लेने अस्पताल बुलाया। हम सुबह 7 बजे ही पहुंच गए, लेकिन हम 4-6 घंटे तक इंतजार करवाया। अस्पताल के पास शव वाहन की व्यवस्था तक नहीं थी। प्रज्ञा ने बताया कि उसके दादाजी के शव की उंगलियां पूरी गायब थीं। चूहे एक कान और नाक बुरी तरह से कुतर चुके थे। आंखें भी बुरी तरह खराब हो चुकी थी। इस गंभीर मामले में आयोग ने इंदौर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) तथा अधीक्षक, एमवायएच अस्पताल तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है।

मुत्यूपूर्व पिताजी का शरीर हुआ क्षत-विक्षत :

वहीं उक्त मामले में बुधवार को मृतक के पुत्र प्रकाशचंद्र जैन, सर हुकुमचंद मार्ग ने थाना अन्नपूर्णा में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें उक्त बातों के साथ यह भी आरोप लगाए हैं कि उनके पति को किसी जीव-जंतु ने मृत्यु पूर्व ही शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया गया। उन्होंने बार-बार पिता के शव को देखने की इच्छा जताई, लेकिन कोविड गाइड लाइन का हवाला देने से इनकार कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि अब तक यही आरोप लग रहे थे कि नवीनचंद जैन के शव को चूहों ने मौत के बाद कुतरा था। इस नए आरोप से अस्पताल प्रशासन की मुश्किल और बढ़ सकती है, क्योंकि उक्त आवेदन में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।

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