Indore : अब पिछले दो साल के इनकम टैक्स रिटर्न कर सकते हैं दाखिल
टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन इंदौर द्वारा सेमिनार आयोजित किया गयाRaj Express

Indore : अब पिछले दो साल के इनकम टैक्स रिटर्न कर सकते हैं दाखिल

इंदौर, मध्यप्रदेश : बजट 2022 में वित्त मंत्री ने घोषणा की थी कि जो करदाता अपने पिछले सालों का रिटर्न फाइल नहीं कर पाए हैं उन्हें कुछ अतिरिक्त कर के साथ रिटर्न भरने का एक मौका और दिया जाएगा।

इंदौर, मध्यप्रदेश। टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन इंदौर द्वारा आयकर के नए रिटर्न फॉर्म्स, अपडेटेड रिटर्न, आयकर की धारा 12-ए, 80-जी और चैरिटेबल संस्थाओं के द्वारा दाखिल किए जाने वाले फॉर्म 10 बीडी के संबंध में शुक्रवार को सेमिनार आयोजित किया गया। सीए दीपक माहेश्वरी ने बताया कि बजट 2022 में वित्त मंत्री ने घोषणा की थी कि जो करदाता अपने पिछले सालों का रिटर्न फाइल नहीं कर पाए हैं उन्हें कुछ अतिरिक्त कर के साथ रिटर्न भरने का एक मौका और दिया जाएगा। बजट की घोषणा के अनुसार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस वर्ष पिछले 2 सालों के इनकम टैक्स रिटर्न को भरने के लिए अपडेटेड रिटर्न के नाम से एक नया रिटर्न फॉर्म जारी किया है जिसके अंतर्गत करदाता अपने पिछले 2 सालों के इनकम टैक्स रिटर्न, जिन की अवधि समाप्त हो चुकी है, दाखिल कर पाएगा। इस तरह इस सुविधा का लाभ उठाकर करदाता भारी भरकम पेनल्टी और प्रॉसीक्यूशन की कार्रवाई से अपने आप को सुरक्षित कर सकेगा। इस संबंध में आयकर विधान में नई धारा जोड़ी गई है, जिसमें इस संबंध में विस्तृत प्रावधान दिए गए है।

आंकड़ों का एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट से जरूर मिलान करें :

उन्होंने कहा कि प्रत्येक करदाता को रिटर्न दाखिल करते समय सारे आंकड़ों का एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट से जरूर मिलान करना चाहिए। एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट करदाता के इनकम टैक्स पोर्टल पर उपलब्ध रहता है तथा इसमें करदाता के वित्तीय संव्यवहारो से संबंधित विस्तृत जानकारी जो आयकर विभाग के पास में उपलब्ध है प्रदर्शित होती है। एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट तथा रिटर्न में दाखिल की गई किसी जानकारी में यदि अंतर होता है तो विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है। यहां तक कि आयकर विभाग केस स्क्रूटनी में लेकर पुन: कर निर्धारण जैसी कार्रवाई कर सकता है।

संस्थाओं को 31 मई तक दाखिल करना अनिवार्यः

सीए प्रणय गोयल ने आयकर अधिनियम की धारा 12 ए और धारा 80 जी के तहत पारमार्थिक ट्रस्ट व संस्थाओं को प्राप्त आयकर छूट के सम्बन्ध में निर्धारित नियमों को समझाते हुए कहा कि आयकर में सभी फॅार्म केवल इलेक्ट्रॉनिक मोड में ही प्रस्तुत होंगे, मेन्युअली कुछ भी कार्य नहीं होगा। पहले पारमार्थिक संस्थाएं जो कि अलग अलग धाराओं में रजिस्टर्ड होती थीं उनके लिए आयकर में छूट प्राप्त करने हेतु अलग अलग प्रक्रिया अपनानी होती थीं। नए नियमों के अनुसार समस्त पारमार्थिक संस्थाओं को चाहे धारा 12 ए में या धारा 10 (23) के तहत पंजीकृत हो, एक समान प्रक्रिया का पालन करना होगा। उन्होंने बताया फर्जी दान दिखाकर आयकर छूट लेना अब संभव नहीं है। इसकी रोकथाम के लिए आयकर विभाग ने फॉर्म 10 बीडी जारी किया है जिसे पारमार्थिक संस्थाओं को 31 मई तक अनिवार्य रूप से दाखिल करना होगा। उक्त फॉर्म दाखिल करने के बाद पोर्टल से प्रत्येक दानदाता के सम्बन्ध में एक प्रमाण पत्र फॉर्म 10 बीई जनरेट होगा जो कि संस्था द्वारा प्रत्येक दानदाताओ को अनिवार्य रूप से देना होगा। दानदाता इसी फॉर्म के आधार पर अपने आयकर रिटर्न में दिए गए दान के विरुद्ध आयकर से छूट क्लेम कर सकेंगे। सेमिनार का संचालन टीपीए के मानद सचिव सीए अभय शर्मा ने किया।

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