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पावर प्लांट शुरू करने के लिए NTPC का जमीन पर सर्वे
पावर प्लांट शुरू करने के लिए NTPC का जमीन पर सर्वे|Priyanka Sahu- RE
मध्य प्रदेश

छतरपुर: पावर प्लांट शुरू करने के लिए NTPC ने किया जमीन का सर्वे

बरेठी, छतरपुर: विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद थर्मल की जगह सोलर प्लांट पर चर्चा हो रही हैं और अब बरेठी के एनटीपीसी पावर प्लांट को शुरु करने के लिए टीम ने जमीन का सर्वे किया है।

Pankaj Yadav

राज एक्सप्रेस। राजनगर क्षेत्र के ग्राम बरेठी के समीप 2013 में प्रस्तावित हुए एनटीपीसी के थर्मल पावर प्लांट की जगह अब सोलर प्लांट की स्थापना हेतु सुगबुगाहट शुरु हो गई है। पर्यावरण मंजूरी न मिलने के कारण वर्ष 2013 से कोयले से बिजली बनाने के इस पावर प्लांट का काम अधूूरा रह गया था। इस मुद्दे पर पिछले विधानसभा सत्र के दौरान विधायक आलोक चतुर्वेदी ने आवाज उठाई थी, उनके द्वारा इस पावर प्लांट को जल्द से जल्द चालू कराने के लिए विधानसभा में अशासकीय संकल्प लाया गया था, जिसके बाद सरकार ने इस अशासकीय संकल्प को मंजूरी देते हुए केंद्र सरकार को भेज दिया था।

समस्याओं को दूर करने का सुझाव :

विधानसभा में हुई चर्चा के दौरान एनटीपीसी ने पर्यावरण दिक्कतों के कारण हो रही समस्याओं को दूर करने का सुझाव देते हुए कहा था कि, यदि यहां थर्मल यानी कोयले की जगह सोलर यानी सूर्य की रोशनी से बिजली बनाने का प्लांट लगाया जाए तो एनटीपीसी द्वारा अधिगृहित की गई जमीन का इस्तेमाल भी हो जाएगा और पर्यावरण से जुड़ी समस्यायें भी नहीं होंगी। मध्यप्रदेश सरकार एवं एनटीपीसी द्वारा इस मुद्दे पर अनौपचारिक सहमति बन चुकी थी। अब एनटीपीसी के इस पावर प्लांट को चालू कराने के लिए इसी सहमति के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। एनटीपीसी की छतरपुर कार्यालय की टीम ने अब सोलर पावर प्लांट के लिए और अधिक जमीन की इच्छा जाहिर की है। गौरतलब है कि, सरकार पहले ही बरेठी में 3000 एकड़ जमीन को लगभग 300 करोड़ रुपए का मुआवजा बांटकर अधिगृहित कर चुकी है।

किशनगढ़ क्षेत्र की जमीनों का किया गया सर्वे :

एनटीपीसी की टीम ने बिजावर एसडीएम डीपी द्विवेदी के साथ किशनगढ़ क्षेत्र के ग्राम पुरवा, पटना, बंजर, नहरकुआं, गर्दा सहित कई गांवों की शासकीय जमीनों का भ्रमण किया। बरेठी में स्थित पावर प्लांट की पुरानी जमीन से सटे बिजावर क्षेत्र के नए इलाके में लगभग 2000 एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि, एनटीपीसी का विचार है कि, यदि यहां सोलर पावर प्लांट लगाया गया तो लगभग 1000 मेगावाट बिजली बनाने के लिए 5000 एकड़ जमीन की आवश्यकता पड़ सकती है, जबकि वर्तमान मेें एनटीपसी के पास लगभग 3000 एकड़ जमीन उपलब्ध है। इस संबंध में एनटीपीसी के अधिकारियों एवं कलेक्टर मोहित बुंदस के बीच भी एक बैठक हो चुकी है।

इनका कहना :

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एनटीपीसी के अधिकारियों के साथ नई जमीन को तलाशने का सर्वे किया गया है, लेकिन अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है। शासन इस दिशा में जो भी दिशा निर्देश देगा, उनके आधार पर हम जमीन उपलब्ध कराएंगे।