रेड जोन के करीब नरसिंहपुर जिले में संक्रमितों की संख्या हुई आठ
रेड जोन के करीब नरसिंहपुर जिले में संक्रमितों की संख्या हुई आठSyed Dabeer-RE

रेड जोन के करीब नरसिंहपुर जिले में संक्रमितों की संख्या हुई आठ

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में ईश्वरपुर में तीन नए मरीजों के सामने आने के बाद कोरोना संक्रमितों की संख्या पिछले चार दिन में आठ हो गई है।

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में पहला कोरोना संक्रमित मरीज 23 मई को बिल्थारी में सामने आया था। दूसरा मरीज की पुष्टि करेली में 24 मई को हुई थी। वहीं 25 मई को बिल्थारी गांव में फिर से तीन मरीज और 26 मई को पुनरू कंटेंनमेंट एरिया वाले गांव नांदिया ईश्वरपुर में तीन नए मरीजों के सामने आने के बाद कोरोना संक्रमितों की संख्या पिछले चार दिन में आठ हो गई है। मंगलवार को जिला प्रशासन द्वारा की गई पुष्टि के बाद अंदेशा जताया जाने लगा है कि यदि ऐसे ही कोरोना संक्रमित एक दो दिन में सामने आए तो नरसिंहपुर जिला ग्रीन कैटेगरी से निकलकर रेड जोन में पहुंच जाएगा। गौरतलब है कि गाइडलाइन के अनुसार मध्यप्रदेश में वही जिला रेड जोन में शामिल किया गया है जहां कोरोना संक्रमितों की संख्या 10 से अधिक हुई है।

कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर हुई आठ

जिले के ग्राम बिल्थारी के पहले कोरोना पाजिटिव के साथ अहमदाबाद से आए तीन व्यक्ति और कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं। मंगलवार को कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा जारी सूचना के अनुसार दो व्यक्ति; एक महिला सहित ईश्वरपुर और एक व्यक्ति नांदिया के निवासी हैं। ईश्वरपुर और नादिया को पूर्व से ही कन्टेन्मेंट एरिया घोषित किया गया है। इस तरह जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर अब आठ हो गई है।

निगरानी बढ़ी तो खेत जाने लुकछुप निकल रहे ग्रामीण

कोरोना प्रकरण मिलने के बाद कंटेंमेंट क्षेत्र घोषित बिल्थारीए ईश्वरपुर व नादिया गांव में प्रशासन की निगरानी सख्त हो गई है। लोगों को घरों से नही निकलने दिया जा रहा है। कई लोग बावजूद इसके खेत और अन्य जरूरी कार्यो की आड़ में लुकछिप कर दूसरे रास्तो से निकल रहे हैं। तीनो गांवों में थानों के अलावा लाइन से आया बल और ग्राम कोटवार निगरानी में लगे हैं।

पुलिस ने लगाई लोगों को समाझाइश भरी फटकार

बिल्थारी गांव में दूसरे गांवों से जोड़ने वाले सभी रास्ते बंद हो चुके हैं। यहां आम लोगों के साथ ही पहले पॉजिटिव प्रकरण वाले युवक के परिजनों के घर से निकलने की पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस ने जाकर परिवार को समाझाइश भरी फटकार लगाई। जो लोग मूंग फसल का कार्य करने की बात कर आना जाना कर रहे हैं, उन्हें भी समझाया गया है कि वह कोई जोखिम न लें, घरों में रहे। गांव के सार्वजनिक हेंडपम्पों और अन्य स्थानों पर भी लोगों से सुरक्षा का ध्यान रखने कहा जा रहा है। मंगलवार को तेंदुखेडा थाना के एसआई राजेंद्र बागरी ने यहां बल सहित जायजा लिया। बताया जाता है कि गांव की निगरानी और लोगो को जागरूक करने में पंचायत के नुमाइंदे लापरवाह बने हैं। कई लोग पुलिस से नजर बचाकर गांव में आना जाना कर रहे हैं।

बीच गांव में पॉजिटिव का घर

ईश्वरपुर में जो पॉजिटिव प्रकरण सामने आया है उसके बाद इस गांव में भी लोग डरे हुए है कि अब क्या होगा। बताया जाता है कि पॉजिटिव का घर बीच गांव में है। उसके परिवार के लोग घर में ही रहे और पानी लेने भी घर से न निकले इसलिए अलग से पेयजल के लिए एक शटक भी बिछवा दी गई है। ग्राम कोटवार वीरेंद्र मेहरा का कहना है कि गांव के 3 रास्ते बंद हुए हैए मुख्य रास्ते पर बेरियर लगाया है। 6 पुलिसकर्मी गांव में तैनात है ताकि कोई घर से बाहर न निकले। जो लोग खेत जाने दूसरे रास्तों से निकलते हैं उन्हें भी टोका जा रहा है।

नादिया में भी सतत निगरानी

सुआतला थाना के ग्राम नादिया में भी सतत निगरानी चल रही है। एसडीओपी मोहंती मरावी ने बताया कि गांव का निरीक्षण कर लोगो को समझाया गया है कि वह घर में ही रहे। जो लोग लापरवाही दिखा रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो रही है। अभी तक गांव में शांति है।

कलेक्टर ने जताई संख्या बढ़ने की आशंका

जिले में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जिलेवासियों को संबोधित अपने खुले पत्र में कहा है कि संक्रमित आठों लोग बाहर से आए हैं। इनमें सात गुजरात और एक व्यक्ति गुजरात से आया है। ग्राम बिलथारी, ईश्वरपुर, नादिया आदि ग्रामों में गुजरात से आने वाले व्यक्तियों की संख्या 40 के आसपास है। यह और इनके परिवार के सदस्य कोरोना संक्रमित हो सकते हैं। इसके अलावा बाहर से आए हुए कई अन्य व्यक्ति भी संक्रमित निकल सकते हैं। संख्या बढ़ना स्वाभाविक है। इसमें परिस्थिति के अलावा किसी का दोष नहीं है।

बचाव के उपाय अपनाने की कही बात

चिंता इस बात की है कि यह संक्रमण स्थानीय व्यक्तियों में न फैले। यदि कोरोना स्थानीय लोगों के बीच भी पैर पसारता है तो हमारी जागरूकता और अनुशासन पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगेगा। उन्होंने संक्रमण से बचने के लिए कुछ उपाय अपनाने का आह्वान भी किया। इसमें बाहर से आए हुए व्यक्ति होम क्वारंटाइन में रहे किसी से संपर्क स्थापित न करेंए पारिवारिक सदस्यों से भी नहीं। स्थानीय व्यक्ति बाहर से आने वाले व्यक्तियों से कदापि न मिलें। उनकी निगरानी करें और उन्हें उनके घरों तक सीमित रखें। अपरिहार्य स्थिति में ही घर से बाहर निकलें। अच्छी तरह से फेस मास्क लगाएं, हाथों को बार-बार धोते रहें और फिजिकल डिस्टेंस का पालन करें।

डॉक्टर के चक्कर लगाने के झंझट में न पड़ें

कलेक्टर दीपक सक्सेना ने कहा कि नरसिंहपुर में बाहर से आने वाले व्यक्तियों के सहयोग से कोविड जैसी घातक बीमारी पर बड़ी आसानी से केवल घर बैठकर काबू पाया जा सकता है। बिना आपरेशन बिना गोली-दवाई, हॉस्पिटल, डॉक्टर के चक्कर लगाने के झंझट में न पड़ें।

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