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कलेक्टर की गाड़ी के नीचे लेटी वृद्धा
कलेक्टर की गाड़ी के नीचे लेटी वृद्धा|Pankaj Yadav
मध्य प्रदेश

जनसुनवाई में समस्या हल नहीं, कलेक्टर की गाड़ी के नीचे लेटी वृद्धा

छतरपुर: जनसुनवाई सिर्फ नाम की रह गई और जनसुनवाई से भरोसा उठा तो कलेक्टर की गाड़ी के सामने एक वृद्धा लेट गई और कहा कि, पेट को रोटी दो नहीं तो उसके ऊपर से गाड़ी निकाल दी जाए।

Pankaj Yadav

राज एक्‍सप्रेस। पिछले कई बार से जनसुनवाई में आवेदन देकर अपने दिवंगत पति के नाम की जमीन खुद के नाम कराने की गुहार लगा चुकी, लेकिन जब जनसुनवाई सिर्फ नाम की रह गई और उसका जनसुनवाई से भरोसा उठा तो वह कलेक्टर की गाड़ी के सामने लेट गई और कहा कि, यदि उसका पेट की रोटी नही मिल रही तो उसके ऊपर से गाड़ी निकाल दी जाए ताकि वह इस संसार से ही चली जाए। कलेक्टर की गाड़ी के सामने वृद्धा के लेटते ही कलेक्टर ने उसे उठाया और समस्या जानी तथा तुरंत निर्देश दिए कि, यदि जमीन अविवादित है तो शाम तक ही उसके नाम कर दी जाए।

कई आवेदन जनसुनवाई में दे चुकी :

लवकुशनगर तहसील अंतर्गत गुढ़ाकला की रहने वाली 80 वर्षीय हसमत खातून पत्नि इद्दू मुसलमान ने बताया कि, उसके पति का इंतकाल होने के कारण कानून पति की जमीन उसके नाम हो जानी चाहिए, लेकिन वह अपना हक पाने के लिए दर-दर भटक रही है। महिला ने बताया कि, पूर्व में कई आवेदन जनसुनवाई में दे चुकी। इसके अलावा पटवारी को जमीन की पैमाइश के लिए पैसे दे चुकी है, अब तहसीलदार भी पैसे मांग रहा है। गरीबी से जूझ रही वृद्धा पैसे देने में असहाय हुई तो उसने कलेक्टर की गाड़ी के सामने लेटकर आत्महत्या करने को तैयार हो गई। वृद्धा के पुत्र साजिद बक्श ने बताया कि, पिता की जमीन पर मां का नाम रिकार्ड में दर्ज नहीं हो रहा, इसलिए वह इस कदम को उठाने के लिए मजबूर हो गई।

आखिर क्यों आत्महत्या करने को मजबूर :

कलेक्टर की जनसुनवाई में आने वाले लोगों में से वृद्धा पहली महिला नहीं है, जिसने आत्महत्या करने का प्रयास किया हो, बल्कि इसके पहले कई लोग समस्या हल न होने के कारण मौत को गले लगाने की धमकी कलेक्टर के सामने दे चुके हैं। सवाल यह है कि, जब जिले के मुखिया से अपनी विनती सुनाने आने वाले लोगों के भी कार्य नहीं होते और उनकी समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है, तो फिर परेशान व्यक्ति किससे गुहार लगाएगा।