आयुर्वेदिक कॉलेज की ओपीडी 7 माह से है बंद, इलाज के लिए भटक रहे मरीज
आयुर्वेदिक कॉलेज की ओपीडी 7 माह से है बंदSocial Media

आयुर्वेदिक कॉलेज की ओपीडी 7 माह से है बंद, इलाज के लिए भटक रहे मरीज

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : प्रशासन ने कॉलेज को बनाया था क्वारेंटाइन सेंटर। एक भी मरीज भर्ती नहीं फिर भी शुरू नहीं हुई ओपीडी सुविधा।

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। आयुर्वेदिक कॉलेज में चलने वाली ओपीडी पिछले सात महीने से बंद है, प्रबंधन के अनदेखी की वजह से यहां पर उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को बिना उपचार की ही लौटना पड़ रहा है। कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते प्रशासन ने विभिन्न जगह मरीजों के भर्ती होने के लिए क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए थे, इनमें से आयुर्वेदिक कॉलेज भी शामिल था, कोरोना की दूसरी लहर में पिछले करीब दो महीने से कोरोना का प्रकोप बहुत की कम हो गया है, संक्रमित मरीजों की संख्या 50 से भी कम पर आ गई है।

संक्रमण कम होने की वजह से एक्टिव केस भी 500 से कम आ गए है, कई क्वारंटाइन सेंटर खत्म भी कर दिए हैं, लेकिन आयुर्वेदिक कॉलेज का क्वारेंटाइन सेंटर समाप्त नहीं होने का खामियाजा मरीजों को भुगताना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक यहां पर बने क्वारंटाइन सेंटर में कोरोना के कुल 36 मरीजों के भर्ती होने की व्यवस्था हैं, लेकिन पिछले कई दिनों से यहां पर एक भी मरीज भर्ती नहीं हैं और सभी बेड खाली पड़े हुए हैं। इसके साथ ही जेएएच परिसर में बने सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल में वर्तमानम कुल 178 मरीजों के भर्ती होने की व्यवस्था है यहां पर वर्तमान में 30 मरीज भर्ती हैं तो जिला अस्पताल मुरार में 93 मरीजों की भर्ती होने की व्यवस्था है यहां पर 17 मरीज भर्ती हैं तो मिलिट्री हॉस्पिटल में 50 पलंग में केवल 6 पलंग पर मरीज भर्ती है।

कोरोना काल में लोगों का आयुर्वेद के प्रति बड़ा रुझान :

कोरोना महामारी के दौरान आयुर्वेदिक के प्रति मरीजों का रूझान काफी बड़ा है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में को बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक औषधियों से बने काड़े का लोगों ने कोरोना से बचने के लिए काफी प्रयोग किया। इसकी वजह से पहले की तुलना में अब मरीजा यहां पर अधिक संख्या में उपचार लेने के लिए पहुंच रहे हैं। प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक कोरोना महामारी से पहले हर रोज यहां पर 200 से 250 मरीजों की ओपीडी रहती थी, इससे अधिक संख्या में यहां मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन ओपीडी नहीं चल पा रही है। ऐसा सब क्वारंटाइन सेंटर की वजह से ही हो रहा है।

जिला अस्पताल में भी ओपीडी नहीं हो पाई शुरू :

जिला अस्पताल मुरार की कायाकल्प एवं मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा बैठक कर सामाजिक संस्थाओं से सहयोग मांगा जा रहा है, लेकिन जिला अस्पताल मुरार में भी सामान्य बीमारियों के मरीजों के लिए ओपीडी प्रारंभ नहीं हो पा रही है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने निर्देश देने व निरीक्षण करने के बाद यहां पर समान्य मरीजों के लिए ओपीडी प्रारंभ करने के निर्देश दिए थे। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों की बीच चल रही आपसी राजनीति की वजह से यहां पर जनरल ओपीडी शुरू नहीं हो पा रही है। इससे जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीज परेशान हैं। इतना ही नहीं जिला अस्पताल में ओपीडी शुरू न होने के कारण इसका फायदा अस्पताल के आस-पास संचालित क्लीनिक और अस्पतालों को मिल रहा है, क्योंकि जिला अस्पताल में उपचार न मिलने के कारण मरीज को मजबूरी में इन निजी चिकित्सा केन्द्रों पर ले जाना पड़ता है।

इनका कहना :

यह बात सही है कि अभी हमारे यहां बने क्वारंटाइन सेंटर में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज भर्ती नहीं है। जब तक यह सेंटर बंद नहीं होगा तब तक जनरल ओपीडी प्रारंभ नहीं हो पाएगी। इसकी मांग मैं पहले भी कह चुका हूं फिर से प्रशासन से मांग करूंगा कि हमारे यहां से क्वारंटाइन सेंटर बंद किया जाए । इससे जनरल ओपीडी शुरू की जा सके।

महेश शर्मा, प्राचार्य आयुर्वेदिक कॉलेज

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