ऑक्सीजन की किल्लत और 4 अंकों तक पहुंची कोरोना की दस्तक
ऑक्सीजन की किल्लत और 4 अंकों तक पहुंची कोरोना की दस्तक|Afsar Khan
मध्य प्रदेश

शहडोल : ऑक्सीजन की किल्लत और 4 अंकों तक पहुंची कोरोना की दस्तक

लॉकडाउन में मिले समय का शायद मेडिकल कॉलेज व प्रशासन में बैठे जिम्मेदारों ने सहीं उपयोग नहीं किया, यही कारण है कि ऑक्सीजन स्टॉक को लेकर कोई प्लानिंग नहीं हो पाई, जिले में कोरोना के मरीज बढ़ते गए।

Afsar Khan

शहडोल, मध्य प्रदेश। रविवार की दोपहर तक जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत का आंकड़ा 13 तक पहुंच चुका था, पूर्व में जहां संक्रमित मरीजों की संख्या 10 से 20 के बीच थी, अब यह आंकड़ा प्रतिदिन 50 के ऊपर जा रहा है, शनिवार की शाम को लगभग 59 नये मरीजों के साथ ही एक की मौत हुई, वहीं रविवार की दोपहर तक 54 नये लोगों की सूची सामने आ चुकी थी, हालाकि कोरोना संक्रमित मरीजों के ठीक होकर घर जाने का प्रतिशत संतोषजनक है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार रविवार की सुबह तक लगभग 618 मरीज स्वस्थ्य होकर घर जा चुके थे, वहीं 250 से 300 के बीच मरीजों का उपचार किया जारी है।

कटघरे में मेडिकल कॉलेज :

कोरोना की दस्तक मार्च के अंतिम माह में हो चुकी थी, लगभग 2 से 3 महीनों के लॉकडाउन में मिले समय का शायद मेडिकल कॉलेज व प्रशासन में बैठे जिम्मेदारों ने सहीं उपयोग नहीं किया, यही कारण है कि ऑक्सीजन स्टॉक को लेकर कोई प्लानिंग नहीं हो पाई, जिले में कोरोना के मरीज बढ़ते गए। कई गंभीर मरीज मिले और आइसीयू में संख्या बढ़ी तो आक्सीजन की डिमान्ड भी बढ़ गई है। पहले से प्लानिंग न होने के चलते निजी चिकित्सालय व दूसरे जिलों से आक्सीजन सिलेण्डर के लिए मदद लेनी पड़ रही है। 2 अगस्त को पहला मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंचा था जिसे आक्सीजन लगाने की आवश्यकता पड़ी थी। जिसके बाद लगभग 1 माह के समयांतराल में एकदम से आक्सीजन की आवश्यक्ता वाले मरीजों की तादाद बढ़ गई और पूर्व से तैयारी न होने की वजह से हालात बिगड़ते गए। बीते तीन से चार दिनों के दौरान हुई मौतों के मामले में परिजनों द्वारा सोशल मीडिया में ऑक्सीजन न होने और लापरवाही के बयान जारी किये गये, जिसने पूरी व्यवस्था व उनकी मंशा को कटघरे में खड़ा कर दिया।

स्टॉक का दावा, पर मदद की गुहार :

मेडिकल कॉलेज का प्रबंधन भले ही बीते दिनों हुई मौतों के मामले में ऑक्सीजन की कमी से पल्ला झाड़ते हुए पर्याप्त स्टॉफ की बातें कर रहा हो, लेकिन यह भी सच है कि आक्सीजन सिलेण्डरों कमी होने की वजह से प्रबंधन व प्रशासन द्वारा दूसरे जिलो से मदद लेनी पड़ी। जिसमें अनूपपुर, उमरिया व एसईसीएल से 40 सिलेण्डरों की व्यवस्था की गई। निजी चिकित्सालय अमृता हास्पिटल व श्रीराम हास्पिटल से भी मदद ली गई। पूर्व में ऑक्सीजन कम होने पर शहडोल कलेक्टर ने रात में उमरिया अनूपपुर से व्यवस्था कराई थी।

यह हैं खपत के आंकड़े :

मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे में 120 सिलेंडर की खपत इन दिनों प्रत्येक 24 घंटे में हो रही है, औसतन 120 ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो रहे हैं। प्रत्येक घंटे में 5 से 6 सिलेंडर खत्म हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में लगातार कोरोना मरीजों के बढऩे से सिलेंडर की खपत बढ़ी है, सबसे ज्यादा सिलेंडर वेंटिलेटर और आईसीयू में रखे जाने वाले मरीजों के उपचार में खत्म हो रहा है। मेडिकल कॉलेज के पास खुद के सिर्फ 70 ऑक्सीजन सिलेंडर हैं। कोरोना के मरीज बढ़ने के बाद शहडोल, उमरिया और अनूपपुर के जिला अस्पताल, केंद्रीय अस्पताल धनपुरी के साथ-साथ श्रीराम और अमृता अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाए गए। जिसके बाद लगभग 220 ऑक्सीजन सिलेंडर वर्तमान समय में मेडिकल कॉलेज के पास हो गए हैं। 50 कलेक्टर से मिलने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 270 हो जाएगी।

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