Raj Express
www.rajexpress.co
बच्चों को कंधे पर बैठाकर स्कूल पहुंचाने को मजबूर अभिभावक
बच्चों को कंधे पर बैठाकर स्कूल पहुंचाने को मजबूर अभिभावक|Pankaj Yadav
मध्य प्रदेश

छतरपुरः बच्चों को कंधे पर बैठाकर स्कूल पहुंचा रहे अभिभावक

छतरपुर, मध्यप्रदेशः जहां एक ओर देश डिजिटल इंडिया की ओर कदम बढ़ा चुका है वहीं आज भी देश के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं ।

Pankaj Yadav

राज एक्सप्रेस। छतरपुर जिले में ईशानगर क्षेत्र के ग्राम पहाड़गाँव की जनता इन दिनों सड़क, बिजली और पानी के लिए मोहताज है। वर्तमान समय में पहाड़गाँव के बरा वाले पुरवा में रह रहे लोग तथा स्कूली बच्चों को पुरवा से स्कूल व गांव तक पहुंचने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। लोगों को रोजाना अपने सारे काम छोड़ कर बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए कंधे पर बैठाकर ले जाना पड़ता है।

कोई भी सरपंच के खिलाफ नहीं उठाता आवाजः

ठाकुर बहुल्य ग्राम पंचायत होने की वजह से कोई भी सरपंच के खिलाफ खड़ा नहीं हो पाता और सब चुपचाप समस्याओं से जूझते रहते हैं। वही इस मार्ग पर पुरातत्व विभाग का प्राचीन शिव मंदिर भी स्थित है जहां जिले भर से लोग दर्शन करने आते हैं और सड़क की स्थिति खराब होने से दो पहिया वाहन तक प्रवेश नहीं कर पाता।

ग्रामीणों का कहना है कि, हमारे यहां कोई भी सरपंच बने लेकिन जनता को आज तक पक्की सड़क नसीब नहीं हुई और बिजली तो सपना बनकर रह गई है।

जिला प्रशासन से कर चुके हैं शिकायतः

इस मामले में शिकायत करते हुए ग्राम के तुलसीदास कुशवाहा, रामबाई, धनीराम, विजयकांत विश्वकर्मा, ललिता कुशवाहा, बंदी, निमी मिश्रा समेत दर्जनों लोगो ने उनकी समस्याओं का निराकरण करने की मांग जिला प्रशासन से की है।

दबंगो की जमीन होने से नहीं बन पाई सड़कः

इस संबंध में सरपंच प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया, कि पुरवा के लिए सुदूर सड़क का डीपीआर तैयार हो गया था, पुरवा से गांव के रास्ते का माप भी किया गया था मगर कुछ दबंगों की जमीन रास्ते में होने की वजह से सड़क नहीं बन पाई।