खरगोन के पुलिस अधीक्षक के स्थानांतरण के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे
एसडीएम को ज्ञापन सौपते हुए जन मानसराज एक्सप्रेस, संवाददाता

खरगोन के पुलिस अधीक्षक के स्थानांतरण के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे

खरगोन, मध्यप्रदेश : बिस्टान थाना क्षेत्र के खेरकुंडी गाँव के निवासी बिसन कि मौत पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा खरगोन एसपी शैलेंद्र सिंह को हटाना अब आमजन मानस का मुद्दा बनता जा रहा है।

खरगोन, मध्यप्रदेश। खरगोन जिले के पुलिस अधीक्षक के बिस्टान घटना को लेकर हुए स्थानांतरण के विरोध में आज सकल समाज के लोग सड़कों पर उतर गए और उन्होंने ज्ञापन सौंपकर कल खरगोन बंद करने की भी घोषणा की है।

सकल समाज खरगोन के महिला पुरुष तथा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी आज खरगोन में रैली निकाल कर एसडीएम सत्येंद्र सिंह के दफ्तर तक पहुंचे और उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने खरगोन के पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान को सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने, अनुशासन प्रिय और ईमानदार छवि का होने का हवाला देते हुए उनके स्थानांतरण का पुरजोर विरोध करते हुए इसे तत्काल रोके जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शासन के इस निर्णय के विरोध में कल खरगोन बंद भी रखा जाएगा।

सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉक्टर पुष्पा पटेल ने कहा कि स्थानांतरण एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन प्रताड़ना के तौर पर शासन की उक्त कार्यवाही शासकीय अधिकारियों के लिए विपरीत असरकारी सिद्ध होगी। शिवसेना पदाधिकारी राहुल शर्मा सामाजिक कार्यकर्ता दीप जोशी तथा कुबेर जोशी ने कहा कि आपराधिक तत्वों पर अंकुश लगाने वाले पुलिस अधीक्षक को बिस्टान के लूट के आरोपी आदिवासी की मृत्यु तथा बिस्टान थाने पर हमले के मामले में हटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है। उन्होंने कहा खरगोन बंद के अलावा क्रमिक हड़ताल और अन्य आंदोलन भी किए जाएंगे।

उधर आज जय आदिवासी संगठन (जयस) के संरक्षक राजेंद्र पवार के नेतृत्व में भी ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि जयस ने बिस्टान घटना में आदिवासी बिसन की मृत्यु के लिए दोषी पुलिसकर्मियों तथा चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस अधीक्षक का हटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 14 सितंबर को उनका प्रस्तावित आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

एक अन्य आदिवासी संगठन ने आज बलिराम सोलंकी के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपकर बिसन की मृत्यु को लेकर समस्त जानकारी प्रदान करने की मांग की तथा 14 सितंबर को चक्का जाम किए जाने की घोषणा की। सोशल मीडिया पर भी पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान चौहान को हटाए जाने को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

इस बीच आज शासन ने भीकन गांव के अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) प्रवीण कुमार उइके को बिस्टान मामले में कमजोर पर्यवेक्षण और कर्तव्य के प्रति लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है। पुलिस ने बिस्टान थाने पर हमला करने के मामले में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध कई धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी तलाश आरंभ कर दी है।

बिस्टान थाना क्षेत्र में आदिवासियों के लूट के आरोप में खैर कुंडी ग्राम के बिसन समेत 12 आरोपी लूट के माल के साथ गिरफ्तार किए गए थे। बिसन की 6 सितम्बर की रात खरगोन जेल में न्यायिक हिरासत में मृत्यु हो जाने के चलते आक्रोशित खैर कुंडी के लोगों ने अगले दिन बिस्टान थाने पर हमला बोल दिया था, जिसके चलते 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। घटना के चलते पुलिस को बचाव में हवाई फायर तथा आंसू गैस छोड़ने पड़े थे।

शासन ने उसी दिन घटना की न्यायिक जांच आरंभ कर खरगोन जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया था तथा पुलिस अधीक्षक ने भी बिस्टान थाने के चार पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विरोध के चलते खरगोन के पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान को सुपर विजन में कमी का हवाला देते हुए खरगोन से स्थानांतरित करने की घोषणा की थी।

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