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लाखों लोगों की प्यास बुझाने वाले जलाशय में घुला जहर
लाखों लोगों की प्यास बुझाने वाले जलाशय में घुला जहर|Shashikant kushwaha
मध्य प्रदेश

सिंगरौली: लाखों लोगों की प्यास बुझाने वाले जलाशय में घुला जहर

सिंगरौली, मध्य प्रदेश: रिहंद बांध में एनटीपीसी संयंत्र से निकली करीब 35 मीट्रिक टन राख समा गई है, जिसने रिहंद जलाशय के पानी को जहरीला कर दिया।

Shashikant Kushwaha

राज एक्सप्रेस। सिंगरौली युँ तो मध्य प्रदेश में ही क्या संपूर्ण भारत देश में अपनी पहचान बना चुका है। देश की बड़ी नामी-गिरामी कंपनियों को जगह देने वाले सिंगरौली को नेताओं ने सिंगापुर तक कह डाला पर उर्जा धानी सिंगरौली की व्यथा, तो देखते ही बनती है आखिर सिंगरौली में बीते दिनों हुई वारदात में सिंगरौली ही नहीं बल्कि प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर खलबली मचा दी है।

लाखों लोगों की प्यास बुझाने वाले जलाशय में घुला जहर
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क्या है मामला:

'रिहंद बांध' सिंगरौली और उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के करीब 20 लाख लोगों के लिए पीने के पानी के लिए प्रमुख स्रोत है। 'रिहंद बांध' में एनटीपीसी संयंत्र से निकली करीब 35 मीट्रिक टन राख समा गई है, जिसने रिहंद जलाशय के पानी को जहरीला कर दिया। इस दूषित पानी से कैंसर जैसी घातक बीमारियां भी हो सकती हैं। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के विन्ध्यनगर क्षेत्र स्थित भारत के सबसे बड़ी बिजली उत्पादन संयंत्र नेशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) विंध्याचल का शाहपुर स्थित विशालकाय ऐश डैम 6 अक्टूबर, 2019 को टूट गया था। इस डैम में बिजली संयंत्रों में कोयले की राख को जमा किया जाता है। जिस क्षेत्र में यह ऐश डाइक डेम फूटा है वहाँ पर कुल मिलाकर 7 ऐश डाइक के डैम हैं, जिसमें की 6 डेमों में राख जमा हो चुकी है तथा सातवां निर्माणाधीन हैं तथा पूर्व निर्मित डेमो में से एक डैम फूटा था जिसकी राख रिहंद जलाशय में समा गई।

लाखों लोगों की प्यास बुझाने वाले जलाशय में घुला जहर
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