रंगों के पर्व पर मध्य प्रदेश में सियासी तूफान
रंगों के पर्व पर मध्य प्रदेश में सियासी तूफान|Social Media
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रंगों के पर्व पर मध्य प्रदेश में सियासी तूफान

भोपाल, मध्यप्रदेश: रंगों के त्यौहार में आया सियासी तूफ़ान, क्या कमल नाथ सरकार को सत्ता से हटा देगा? या एक बार फिर आपसी सामंजस्य से सत्ता पर राज करेगी कांग्रेस...?

Priyank Vyas

Priyank Vyas

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश में 2018 में विधान सभा चुनाव में 15 साल बाद कांग्रेस की सरकार बनी, परन्तु इस सरकार पर हमेशा से सियासी बादल मंडराते रहे। उसके कई कारण रहे। जिसमें सबसे बड़ा कारण जो बना वो बना ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपेक्षा करना। कल रात चले सियासी घमासान में कमलनाथ के मंत्रिमंडल के 20 मंत्रियों ने एक साथ इस्तीफा दिया और उनसे गुज़ारिश की है कि वे फिर से स्वतंत्र हो कर नए मंत्रिमंडल का गठन करें।

कमल नाथ के निवास पर रात्रि में मंत्रिमंडल की बैठक
कमल नाथ के निवास पर रात्रि में मंत्रिमंडल की बैठक
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सियासी उठापटक का प्रमुख कारण एक बार फिर बनी "उपेक्षा":

वर्तमान में सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद सरकार और मुखिया से बार-बार उपेक्षा का शिकार हो रहे सिंधिया ने जब सड़क पर उतरने की बात की तो कमलनाथ ने बात को हवा में उड़ा दिया और जिसे आज भी सिंधिया अपना साम्राज्य मानते हैं उस ग्वालियर में कमलनाथ कह आये की जिसे उतरना है सड़क पर उतर जाएं। यानी सिंधिया के गढ़ में सिंधिया को चुनौती?

फिर तो सिंधिया पारा चढ़ना ही था। होली के एक दिन पहले सरकार के 15 प्रतिशत विधायक सिंधिया के दिल्ली निवास पर थे और ये संख्या 35 तक जा सकती है।

राजनैतिक विश्लेषकों की मानें तो यदि संख्या बल 38 को छू गया तो संविद सरकार के इतिहास की पुनरावृत्ति हो सकती है। आपको बता दें कि, 1967 में मुख्यमंत्री डीपी मिश्र की सरकार को राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने 35 विधायकों को कांग्रेस से तोड़कर संघ, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के साथ मिलकर संविद सरकार बनाई थी।

संकट मोचक विवेक तनखा:

कमल नाथ सरकार को बचाने के लिए सांसद विवेक तनखा अहम किरदार निभा रहे हैं विवेक तनखा ने सचिन पायलट के द्वारा सिंधिया को मनवाया। सचिन पायलट विवेक तनखा को पिता तुल्य मानते हैं।

सचिन पायलट ने विवेक तनखा के आग्रह पर सिंधिया से बात की और उन्हें कांग्रेस के प्रस्ताव पर राजी करने का प्रयास किया है। इसी के मद्देनजर कल रात में हो रहे घटनाक्रम में सोनिया गांधी से भी सचिन पायलट ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की बात कराई। विवेक तनखा के आग्रह पर सचिन पायलट ने मध्य प्रदेश सरकार को बचाने का बीड़ा उठाया और अब सिंधिया को मनाने के प्रयास पूरे होते दिख रहे हैं।

कमलनाथ का महत्वपूर्ण बयान:

इसी घटनाक्रम के दौरान कमलनाथ का भी बयान आया है। कमलनाथ ने कहा हैं कि,

माफिया के सहयोग से अस्थिर करने वाली ताकतों को सफल नहीं होने दूंगा। प्रदेश की जनता का विश्वास और उनका प्रेम मेरे लिए सबसे बड़ी शक्ति है। मध्य प्रदेश की जनता के द्वारा बनाई गई सरकार को किसी भी कीमत पर अस्थिर करने वाले तत्वों को सफल नहीं होने दूंगा।
कमलनाथ

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