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पोस्टमार्टम भवन खण्डहर में तब्दील
पोस्टमार्टम भवन खण्डहर में तब्दील|Pankaj Yadav
मध्य प्रदेश

छतरपुर: पोस्टमार्टम भवन खण्डहर में तब्दील

चंदला, छतरपुर: चंदला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल में सबसे ज्यादा गंभीर समस्या पोस्टमार्टम भवन की है, जो खण्डहर में तब्दील हो गया है, जिससे शव विच्छेदन के लिए परेशानी होती है।

Pankaj Yadav

राज एक्‍सप्रेस। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में क्षेत्रवासियों को अनावश्यक ही परेशान किया जाता है। चंदला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक मात्र ऐसा अस्पताल है, जहां आस-पास के गांव से आने वाले मरीजों का इलाज किया जाता है, मगर यहां कई बुनियादी सुविधाएं न होने के कारण लोगों को दर-दर भटकना पड़ता है। यहां पर सबसे ज्यादा गंभीर समस्या पोस्टमार्टम भवन की है, जिसके पूर्णत: खण्डहर में तब्दील होने तथा कर्मचारियों के अभाव के कारण डॉक्टर यहां पोस्टमार्टम करने से साफ इंंकार कर देते हैं, जिससे कई बार आक्रोशित जनता चक्का जाम जैसी स्थिति भी पैदा कर देती है।

विधायक कई बार दे चुके आश्वासन :

यहां के मौजूदा विधायक राजेश प्रजापति कई बार आश्वासन दे चुके हैं कि, जल्द ही यहां पोस्टमार्टम भवन बनवाया जाएगा, लेकिन अभी तक पोस्टमार्टम भवन के लिए एक ईंट भी नहीं रखी गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चंदला परिसर के किनारे एक जीर्णशीर्ण अवस्था में पोस्टमार्टम हाउस मौजूद है। किसी की मौत होने और उसका पोस्टमार्टम किए जाने की स्थिति में पॉलीथिन लगाकर कार्य किया जाता है। कई बार डॉक्टर की मौजूदगी न होने पर लोगों को लवकुशनगर तक जाना पड़ता है।

क्षेत्रीय विधायक राजेश प्रजापति से इस संबंध में चर्चा की गई थी। उन्होंने पोस्टमार्टम भवन बनवाने का भरोसा दिया था, लेकिन अभी तक सिर्फ विधायक के भरोसे पर ही लोग जी रहे हैं। यहां पदस्थ डॉ. लखन सिंह से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि, वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया गया है, जब वहां से कोई निराकरण होगा तो बताया जाएगा।

स्टाफ की कमी के कारण तमाम समस्याएं :

यहां डॉक्टर के 3 पद हैं, लेकिन सिर्फ एक डॉक्टर मौजूद है, स्टाफ की कमी के कारण तमाम समस्याएं सामने आती हैं। देखना यह है कि, दिए गए आश्वासन कब कार्यरूप में परिणित होते हैं। विधायक, चंदला राजेश प्रजापति का कहना है कि, पोस्टमार्टम भवन बनवाने का भरोसा दिया गया था। अस्पताल की बिल्डिंग स्वीकृत हो चुकी है और टेण्डर भी हो चुका है, लेकिन ठेकेदार का पता नहीं है। पीआईयू के इंजीनियर ने बताया कि, फिर से टेण्डर लगाए जाने हैं। बरसात खत्म होने के बाद विधायक निधि से कार्य कराऊंगा।