Bhopal : इस्लामपुरा के अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की तैयारी, प्रशासन ने चिंहित किए
इस्लामपुरा के अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की तैयारीसांकेतिक चित्र

Bhopal : इस्लामपुरा के अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की तैयारी, प्रशासन ने चिंहित किए

भोपाल, मध्यप्रदेश : पुराने शहर के इस्लामपुरा में घर-घर अवैध स्लाटिंग पहले से चल रही थी। अब यहां 6 अवैध बूचड़खाने भी बन गए हैं, जहां 100-100 रुपए लेकर अवैध स्लाटिंग करवाई जा रही है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। पुराने शहर के इस्लामपुरा में घर-घर अवैध स्लाटिंग पहले से चल रही थी। अब यहां 6 अवैध बूचड़खाने भी बन गए हैं, जहां 100-100 रुपए लेकर अवैध स्लाटिंग करवाई जा रही है। लंबे समय से यह पूरा खेल प्रशासन की मदद से चल था। अब प्रशासन ने ही अवैध बूचड़खाने सहित यहां मौजूद अवैध स्टोर भी चिंहित कर लिए हैं। इसके लिए नगर निगम जल्द ही बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

दरअसल स्लाटिंग रूल्स के मुताबिक 14 वर्ष से कम उम्र के भैंस-पड़ा की स्लाटिंग नहीं की जा सकती, लेकिन पुराने शहर के इस्लामपुरा में रोजाना 8 से 10 महीने के भैंस के बच्चों को भी काट दिया जाता है। अगर इन बच्चों को नगर निगम के स्लॉटर हाउस भेजा जाएगा तो सरकारी डॉक्टर इनको पास नहीं करेगा, इसलिए इन अवैध बूचड़खानों में इन बच्चों की आसानी से स्लाटिंग हो जाती है। वहीं स्लाटिंग के बाद निकली गंदगी सेंट्रल लायब्रेरी के नाले में बहाई जा रही है। यहां रोज नाले से बड़ी मात्रा में पशुओं के अवशेष मिलते हैं। निगम ने इन अवशेषों को रोकने के लिए जाली भी लगाई है।

एक लायसेंस पर तीन-तीन दुकानें :

इस्लामपुरा में दर्जनों मांस की दुकानें हैं। लेकिन अधिकांश दुकानों के लाइसेंस नहीं है, बल्कि एक लायसेंस पर तीन-तीन दुकानें चल रही हैं। कुछ समय पूर्व निगम की टीम लायसेंस चेक करने पहुंची थी। हालांकि बाद में जांच बंद हो गई। इसी इलाके में बड़े-बड़े अवैध गोदाम भी हैं। शासन के नियमानुसार रहवासी इलाकों में औधोगिक गतिविधियों के लिए अनुमति लेना जरूरी है, लेकिन यहां अवैध रूप से चमड़ा, चर्बी, मीट और ओमसम स्टोर किया जा रहा है।

प्रशासन की कार्रवाई में सहयोग के लिए तैयार हुई समाज :

बुधवार को समाज की ओर से बुलाई गई प्रेसवार्ता में मुबश्शीर कुरैशी ने कहा कि अगर इस्लामपुरा में अवैध स्लाटिंग चल रही है और प्रशासन कार्रवाई करता है तो इस कार्रवाई में समाज सहयोग करेगी। यह प्रेसवार्ता राजधानी में बन रहे आधुनिक स्लाटर हाऊस को लेकर बुलाई गई थी। मुबश्शीर कुरैशी ने बताया कि शहर में आधुनिक स्लाटर जरूरी है, लेकिन नगर निगम और जो कंपनी इसका संचालन करेगी, उसकी ओर से अब तक नहीं बताया गया कि स्लाटिंग शुल्क क्या रखा जाएगा। इसके अलावा टेंडर शर्त को लेकर भी समाज में संशय बना हुआ है और महंगाई का डर व्यापारियों को सता रहा है। इसलिए इस मामले को हाईकोर्ट में लेकर जाने की तैयारी कर रहे हैं।

प्रशासन की कार्रवाई में सहयोग के लिए तैयार हुई समाज
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