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गंदगी से बना पेठा
गंदगी से बना पेठा|Neha Shrivastava-RE
मध्य प्रदेश

बुरहानपुर: गंदगी से बना पेठा कर रहा आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़

बुरहानपुर: आगरा के पेठेे से जुड़ी चौंकाने वाली बात सामने आई है कि शहर में बिक रहा पेठा कीड़े पड़े फलों व गंदगी से बनाया जा रहा है, जिससे आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा हैं और प्रशासन सो रहा हैं।

Ganesh Dunge

Ganesh Dunge

राज एक्‍सप्रेस। बुरहानपुर के शहर में आगरा का पेठा की एक सच्चाई सामने आई, जो हैरान कर देने वाली है और आप ये बात जानने के बाद पेठे को देखना भी पसंद नहीं करेंगे, क्‍योंकि शहर में बिक रहे आगरे के पेठे को लोग जिस चाव से खा रहे हैं। वो ही पेठा बनाने के लिए सड़े हुए व कीड़े पड़े फलों का उपयोग किया जा रहा है।

आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ :

जिस जगह पेठा बन रहा है, वो स्थान गंदगी से भरा पड़ा है, फर्श पर भी कीड़े रेंगते हैं, सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है और ये ही पेठा खाने से शहर में लाखों लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा का दावा करने वाला खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग इससे बेखबर है। जो लोग ये पेठा बना रहे हैं, उनकी कंपनी का नाम एबी इंटरप्राइजेस है। कीड़े पड़े फल से पेठा बनाने का काम इंदौर, इच्छापुर हाईवे के किनारे ट्रांसपोर्ट नगर से आगे स्थित मदरसे के सामने चल रहा है। क्विंटलों से फलों का उपयोग किया जा रहा है। एक दिन में 2 से 3 क्विंटल पेठा बनाया जा रहा है। ये पेठा शहर की होटलों, दुकानों तक भिजवाया जा रहा है। पेठा खाने से हजारों लोग फूड पाइजनिंग या अन्य बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो ये पेठा लोगों के लिए नासूर हो सकता है। खाद्य सामग्री बनाने के मानकों का पूरा उल्लंघन किया जा रहा है। लगातार यहां पर पेठा बनाने का काम चलता है।

पेठा कहां से आ रहा है किसी को खबर नहीं :

वैसे पेठा तो आगरा के नाम से मशहूर है और कई लोग इसी भ्रम में इसका स्वाद ले रहे हैं कि, शहर में बिकने वाला पेठा आगरा से आ रहा है। लोग इस बात से बिल्कुल बेखबर है कि, ये पेठा शहर में ही गंदगी के बीच बनाया जा रहा है। ना तो निर्माण स्थल पर सफाई हैं, ना ही इसे बनाने वाले सफाई का ध्यान रख रहे हैं। आसपास पूरी गंदगी पड़ी है, बदबू आ रही है। पेठे में आसपास की गंदगी भी मिल रही है। इसे साफ सूथरा दिखाने और मिठास के लिए किस केमिकल या दवाई का उपयोग किया जा रहा है, ये जांच का विषय है।

दो से तीन क्विंटल पेठा खप रहा :

दूषित पेठे का निर्माण करने वाले एबी इंटरप्राइजेस के लोग शहर में दो से तीन क्विंटल पेठा खपा रहे हैं। इन्होंने होटल, दुकान संचालकों, ठेले वालों से सेटिंग कर रखी है। हर दिन इन्हें पेठा बेचा जा रहा है। होटलों, दुकानों और ठेलों से पेठा लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। जरूरत है कि, लोग इस पेठे को खाना बंद करें और जिम्मेदार विभाग इस कंपनी पर प्रतिबंध लगाकर कार्रवाई करें। पेठा निर्माण करने वाले यदि शासन के नियमों का पालन नही कर रहे है, तो इसकी जांच कर दोषियो के विरूध्द वैधानिक कार्रवाई की जायेगी।

विभाग को क्यों नहीं है जानकारी :

खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग शहर में दिखावे के लिए होटलों, दूध डेयरियों से जांच का सेंपल लेता है, लेकिन क्या विभाग को दूषित पेठा बनाने वाली फैक्ट्री की जानकारी नहीं है। आज तक विभाग ने एक बार भी पेठे का सेंपल नहीं जुटाया है। विभाग को इसकी जानकारी होना चाहिए। पेठा कहां से आ रहा है, किस फैक्ट्री में किन परिस्थितियों में तैयार किया जा रहा है इसकी जानकारी लेना तक जरूरी नहीं समझा जा रहा है।

त्योहारी सीजन में बढ़ेगी खपत :

त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। इस सीजन में मिठाईयों की खपत बढ़ेगी। मिठाईयों में लोग पेठे की भी बड़ी मात्रा में खरीदी करते हैं। प्रसाद में इसे शामिल किया जाता है। इसलिए त्योहार के सीजन में शहर में बने रहे पेठे की फैक्ट्री पर रोक लगाई जाना जरूरी है। साथ ही शहर में बिकने वाली अन्य मिठाईयों की जांच भी जरूरी है, विभाग इसके लिए कार्रवाई करें।