सिंगरौली : प्रधानमंत्री मोदी ने की किताबों वाली दीदी की तारीफ

सिंगरौली, मध्य प्रदेश : सिंगरौली जिले में किताबों वाली दीदी के नाम से मशहूर शिक्षिका ऊषा दुबे की तारीफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की है।
सिंगरौली : प्रधानमंत्री मोदी ने की किताबों वाली दीदी की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी ने की किताबों वाली दीदी की तारीफShashikant Kushwah

सिंगरौली, मध्य प्रदेश। सिंगरौली जिले में किताबों वाली दीदी के नाम से मशहूर शिक्षिका ऊषा दुबे की तारीफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की है। अपने मन की बात कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के उर्जाधानी सिंगरौली में शिक्षिका उषा दुबे का जिक्र किया प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान उषा दुबे अपनी स्कूटी में किताबों की एक पूरी लाइब्रेरी लेकर आसपास के इलाकों के बच्चों को शिक्षित करने का कार्य कर रही हैं।

लॉकडाउन में गरीब बच्चों की पढ़ाई रुकी तो सिंगरौली जिले के शासकीय शिक्षिका उषा दुबे ने खुद की स्कूटी को चलता फिरता पुस्तकालय बना लिया। सुबह आठ बजे से चार घंटे तक बच्चों के बीच रहना और उनको पढ़ाना अब दिनचर्या बन गया है। बच्चे भी ‘किताबों वाली दीदी’ का सुबह से उठकर इंतजार करते हैं। स्कूटी की आवाज सुनकर वे दौड़ पड़ते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा :

प्रधामंत्री मोदी ने सिंगरौली की शिक्षिका उषा दुबे को लेकर कहा कि "कोरोना काल मे स्कूटी को मोबाइल लाइब्रेरी उन्होंने बना दिया और कोरोनावायरस के कारण गांव में जाकर बच्चों को पढ़ाने का काम करती है और वहां बच्चों को पढ़ाती हैं मध्य प्रदेश के सिंगरौली की शिक्षिका उषा दुबे जी ने तो स्कूटी को ही मोबाइल लाइब्रेरी में बदल दिया है जो प्रतिदिन अपने चलते-फिरते पुस्तकालय के साथ किसी गांव में पहुंच जाती है और वहां बच्चों को पढ़ाती है बच्चों ने प्यार से किताबों में दीदी कर बुलाते हैं।"

प्राथमिक पाठशाला की है शिक्षिका :

श्रीमती उषा दुबे सिंगरौली जिले के हर्रई पूर्व के प्राथमिक पाठशाला की शिक्षिका है। जो कि कक्षा 1 से लेकर पांचवी कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य कर रहीं हैं। सिंगरौली में कोरोना संकट के बीच दादी नानी वाले किस्सों की पूरी लाइब्रेरी स्कूटी में सवार होकर बच्चों के पास पहुंच रही हैं, जिसे पढ़ कर बच्चे यहाँ खेल खेल में पढ़ाई कर रहे हैं और ये सब कर रही हैं ‘किताबों वाली दीदी।

100 किताबें से ज्यादा किताबें रहती हैं मौजूद :

स्कूटी में ज्ञान-विज्ञान से लेकर जरूरी विषयों की 100 किताबें मौजूद रहती हैं। सिंगरौली जिले की माध्यमिक पाठशाला हर्रई पूर्व में पदस्थ शिक्षिका बच्चों को कहानियां पढ़ाने और वाचन क्षमता बढ़ाने के लिए करीब दो महीने से मोहल्ले-मोहल्ले पहुंच रही हैं। हर मोहल्ले में करीब 15-20 बच्चे अलग-अलग आकर कहानियां पढ़ते हैं बच्चे अब अंग्रेजी भाषा बोलना भी सीख रहे हैं। लॉकडाउन के बाद बच्चों की पढ़ाई एकदम रुक सी गई थी। चलते-फिरते इस पुस्तकालय ने तो बच्चों में उत्साह पैदा कर दिया है।

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