इंदौर: निजी क्षेत्र के बड़े अस्पताल गोद लेंगे फीवर क्लीनिक
इंदौर: निजी क्षेत्र के बड़े अस्पताल गोद लेंगे फीवर क्लीनिक|Social Media
मध्य प्रदेश

इंदौर: निजी क्षेत्र के बड़े अस्पताल गोद लेंगे फीवर क्लीनिक

इंदौर, मध्यप्रदेश: फीवर क्लीनिकों के प्रति नागरिकों में तेजी से विश्वास बढ़ रहा है। फीवर क्लीनिकों की सेवाओं, व्यवस्थाओं को और अधिक विस्तारित तथा सुदृढ़ बनाया जाएगा।

Mumtaz Khan

इंदौर, मध्यप्रदेश। जिले में सर्दी, खांसी, बुखार आदि के मरीजों के उपचार के लिये शुरू किये गये फीवर क्लीनिकों को बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। फीवर क्लीनिकों के प्रति नागरिकों में तेजी से विश्वास बढ़ रहा है। जिले में निजी क्षेत्र के बड़े अस्पतालों के सहयोग से फीवर क्लीनिकों में सेवाओं को और अधिक विस्तारित किया जाएगा तथा व्यवस्थाओं का और अधिक बेहतर बनाया जायेगा। इसकी शुरूआत इंदौर के शेल्बी हॉस्पिटल से होगी। शेल्बी हॉस्पिटल द्वारा झोन क्रमांक-9 के फीवर क्लिनिक को गोद लिया जायेगा। यह अभिनव और अनूठी पहल कलेक्टर श्री मनीष सिंह द्वारा की जा रही है।

फीवर क्लिनिकों के प्रति नागरिकों का विश्वास तेजी से बढ़ा - कलेक्टर मनीष सिंह

कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि शेल्बी हॉस्पिटल के संचालकों द्वारा सोमवार को इस संबंध से सहमति दी गई है। जिले में कुल 44 फीवर क्लिनिक चलाये जा रहे हैं। इन क्लिनिकों के प्रति नागरिकों का विश्वास तेजी से बढ़ रहा है। जिले में फीवर क्लीनिकों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। जिले में औसतन सवा हजार से अधिक मरीज प्रतिदिन फीवर क्लीनिक पहुंचकर अपना परीक्षण तथा इलाज करवा रहे हैं।

इन क्लीनिकों में अभी सर्दी, खांसी, बुखार के साथ ही डायबिटिज, हृदयरोग, हायपर टेंशन आदि बीमारियों का इलाज हो रहा है। फीवर क्लीनिकों में पर्याप्त मात्रा में दवाईयां उपलब्ध कराई गई हैं। निजी क्षेत्र के बड़े अस्पतालों द्वारा प्रत्येक जोन के एक-एक अस्पताल को गोद लिया जायेगा। इससे फीवर क्लीनिकों के चिकित्सक तथा पेरामेडिकल स्टॉफ का आत्मविश्वास बढ़ेगा। बड़े अस्पतालों के चिकित्सक इन फीवर क्लीनिकों में मौजूद रहकर नागरिकों का इलाज करेंगे और उन्हें परामर्श देंगे। प्रायवेट अस्पतालों द्वारा फीवर क्लीनिकों को अन्य जरूरी सुविधाएं भी मुहैया कराई जायेंगी। इससे नागरिकों को और ज्यादा फायदा मिलेगा। कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने बताया कि फीवर क्लीनिकों में कोरोना के लक्षण दिखाई देने से मरीजों की पूर्व पहचान हो रही है। इससे मरीजों को समय पर इलाज हो जाता है।

कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि इंदौर जिले में कुल 44 फीवर क्लीनिक चलाये जा रहे हैं। इनमें से शहरी क्षेत्र में 19 और शेष 25 फीवर क्लीनिक ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित हैं। जिले में 28 दिनों में 37 हजार 647 मरीजों ने फीवर क्लीनिक का लाभ लिया है। जिले में इन फीवर क्लीनिकों का संचालन गत 25 मई से शुरू किया गया था। पहले दिन ही इन क्लीनिकों में बड़ी संख्या में मरीज आये। पहले दिन 25 मई को जहाँ 631 मरीजों ने इसका लाभ लिया, वहीं धीरे-धीरे यह संख्या बढ़कर प्रतिदिन औसत रूप से सवा हजार से अधिक हो गई है। जिले में एक ही दिन में सर्वाधिक 2007 मरीज 9 जून को पहुंचे। इन फीवर क्लीनिकों में सर्दी, खाँसी, बुखार तथा साँस लेने में दिक्कत वाले 600 से अधिक मरीजों का उपचार किया गया। इसके अलावा डायबिटिज के 38, हायपरटेंशन के 52 तथा अन्य बीमारियों के मरीजों का उपचार भी किया गया। अस्पताल में आने वाले 285 मरीजों को होम आइसोलेशन का परामर्श दिया गया। क्लीनिक में 56 मरीजों के सैम्पल लिये गये।

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