भोपाल : प्रोटेम स्पीकर शर्मा ने किया कात्यायनी मंदिर जीर्णोद्धार का भूमिपूजन
प्रोटेम स्पीकर शर्मा ने किया कात्यायनी मंदिर जीर्णोद्धार का भूमिपूजनSocial Media

भोपाल : प्रोटेम स्पीकर शर्मा ने किया कात्यायनी मंदिर जीर्णोद्धार का भूमिपूजन

भोपाल, मध्य प्रदेश : रामेश्वर शर्मा ने गुरुवार को यहां विधायक विश्राम गृह परिसर के सामने कात्यायनी शक्तिपीठ द्वारा निर्मित किए जा रहे कात्यायनी मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम का भूमिपूजन किया।

भोपाल, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने गुरुवार को यहां विधायक विश्राम गृह परिसर के सामने कात्यायनी शक्तिपीठ द्वारा निर्मित किए जा रहे कात्यायनी मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम का भूमिपूजन किया।

भूमिपूजन कार्यक्रम प्रोटेम स्पीकर श्री शर्मा, क्षेत्रीय विधायक पीसी शर्मा एवं विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह एवं स्थानीय धर्म प्रेमियों के अलावा अमरकंटक सहित पूरे प्रदेश के विभिन्न मठों से आए संतों के बीच गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभ में पूर्व कत्यायनी शक्तिपीठ प्रमुख संत एवं ओमनंद ने बताया कि इस मंदिर की स्थापना 1953 में की गई थी। विधायक विश्राम गृह स्थित 70 साल पुराने मंदिर का जीर्णोद्वार आज जो हो रहा है वह श्री शर्मा के कारण हुआ है। मां कात्यायनी की 10 भुजा की सवा पांच फुट की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी, भव्य मंदिर का निर्माण होगा। अमरकंटक की यह कल्याणदास आश्रम से जुड़ी यह संस्था की तरफ से ओमानंद ने श्री शर्मा तथा विधानसभा के प्रमुख श्री सिंह एवं स्थानीय विधायक पीसी शर्मा के प्रति आभार प्रगट किया। सभी मठ के संतों ने श्री शर्मा के निर्णय की प्रशंसा की। प्रोटेम स्पीकर श्री शर्मा ने अपने उद्बोधन मे कहा है कि मां भगवती का जल्द से जल्द मंदिर का निर्माण हो, जिसमें क्षेत्रीय जनता एवं प्रदेश से आए हुए हमारे जन प्रतिनिधियों को धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ लाभ मिले, यह मंदिर की व्यवस्थित एवं सुंदर निर्माण हो, इसकी शुभकामनाएं दी। मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम में भारी संख्या में संत, महात्मा एवं अन्य नागरिक उपस्थित थे।

मंदिर निर्माण के लिए फांसी भी लगे तो कोई गम नहीं : शर्मा

भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोटेम स्पीकर श्री शर्मा ने कहा कि तमाम दस्तावेज होने के बाद भी पिछले 70 साल से कात्यायनी शक्ति पीठ के मंदिर निर्माण कार्य का काम लंबित था और जिनके पास पेपर नहीं वो अपने धार्मिक स्थल बनाए जा रहे हैं। शर्मा ने कहा कि मंदिर राष्ट्र निर्माण का माध्यम होता है। सनातन संस्कृति ने विश्व कल्याण का संदेश दिया है। मंदिर जैसे पुनीत और पावन कार्य के लिए यदि फांसी भी हो जाए तो मुझे कोई गम नहीं। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक सभी बाधाओं को दूर कर लिया गया है अब भव्य मंदिर निर्माण में कोई अड़चन नहीं आएगी। आवंटित भूमि पर छह करोड़ की लागत से भव्य निर्माण कराया जाएगा।

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