अवैध कारोबार में लिप्त सुरक्षा अधिकारी की एनसीएल में जॉइनिंग पर उठे सवाल
अवैध कारोबार में लिप्त सुरक्षा अधिकारी की एनसीएल में जॉइनिंग पर उठे सवालSocial Media

अवैध कारोबार में लिप्त सुरक्षा अधिकारी की एनसीएल में जॉइनिंग पर उठे सवाल

सिंगरौली, मध्य प्रदेश : कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी ईसीएल आसनसोल से स्थानांतरित करके तनमय दास महाप्रबंधक सुरक्षा को एनसीएल में जॉइनिंग देना एनसीएल प्रबंधन की बद नियति को उजागर करता है।

सिंगरौली, मध्य प्रदेश। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी ईसीएल आसनसोल से स्थानांतरित करके तनमय दास महाप्रबंधक सुरक्षा को एनसीएल में जॉइनिंग देना एनसीएल प्रबंधन की बद नियति को उजागर करता है। सीबीआई द्वारा चार्जशीटेड, सिंगरौली के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक इरशाद वली द्वारा सीबीओ एनसीएल को पत्र लिखकर कठोर कार्रवाई की अनुशंसा करना जैसे आदेश को दरकिनार करने पर एनसीएल में सुरक्षा अधिकारी तनमय दास की जॉइनिंग मामला तूल पकड़ने लगा है। सूत्रों की मानें तो तनमय दास ने एनसीएल के ककरी, अमलोरी परियोजना में सुरक्षा अधिकारी के पद पर रह कर एनसीएल को काफी क्षति पहुंचाते हुए कोयला, डीजल, कबाड़, महंगे स्पेयर पार्ट्स की कालाबाजारी में लिप्त रहे हैं तथा कई गंभीर आरोपों के अपराधी रहे हैं। एनसीएल अमलोरी परियोजना में तैनात रहते हुए तनमय दास कई घोटालों में सन्लिप्त रहे। जिनके उपर कई आरोप सिद्ध हो चुके हैं। सिंगरौली के तत्कालीन एसपी इरशाद वली द्वारा दिनांक 8/11/2012 को एनसीएल के सीबीओ को पत्र लिखकर दंडात्मक कार्यवाही की अनुशंसा की थी। तनमय दास के घोटालों से परेशान होकर इन्हें ईसीएल आसनसोल तबादला कर दिया गया। बताया गया है कि तनमय दास की वजह से ईसीएल को जबरदस्त आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। इनके घोटालों की जांच सीबीआई ने की तथा सीबीआई जांच में इन पर लगे सभी आरोप सिद्ध हो गए। सूत्रों की मानें तो तनमय दास सीबीआई द्वारा चार्जशीटेड हैं तथा 8 पृष्ठीय रिपोर्ट इनके खिलाफ 27/11/2020 को दाखिल की गयी है। सीबीआई रिपोर्ट आते ही ईसीएल आसनसोल से तनमय दास का तबादला एनसीएल में कर दिया गया। ईसीएल से 27 नवंबर 2020 को रिलीव कर दिया गया दिनांक 14 दिसंबर 2020 को एनसीएल में सुरक्षा महाप्रबंधक तनमय दास की जॉइनिंग ने प्रबंधन के कारनामे का खुलासा कर दिया। जिसमें एनसीएल की पारदर्शिता और न्यायप्रिय व्यवस्था, जब चोरों को तरजीह देना है तो ईमानदारों को हाशिए पर करना आदि उच्च प्रबंधन से उच्च स्तरीय जांच की मांग आम लोगों में उठने लगी है।

भर्ती प्रक्रिया में एनसीएल की कार्यप्रणाली संदिग्ध :

तनमय दास की जॉइनिंग मामला जहां तूल पकड़ा रहा है वहीं, एनसीएल भर्ती प्रक्रिया में प्रबंधन की कार्यप्रणाली संदिग्ध मानी जा रही है। एनसीएल में भर्ती को लेकर 2019 से सवाल उठ रहे थे। जिसकी चिंगारी आज शोला बनकर एनसीएल में भर्ती विभाग के मुखिया तथा उनकी तथाकथित टीम आरोपों के कठघरे में आ गयी है। 29 नवंबर 2020 की भर्ती परीक्षा में 9 अभ्यार्थी पांडेपुर वाराणसी सेंटर से गिरफ्तार किए गए हैं। जो ब्लूटूथ के जरिए परीक्षा दे रहे थे। वाराणसी एसआईटी पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में खुलासा किया कि, परीक्षा से पहले पेपर लीक हुआ था। भर्ती विभाग के मुखिया और उनकी टीम जांच दायरे में आ गई है। बताया गया है कि भर्ती विभाग में हुई गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच हो गई तो सब सामने आ जाएगा। कई सवाल वर्तमान में उठ खड़े हो चुके हैं जब भर्ती की परीक्षाएं और पेपर तथा रिजल्ट अन्य एजेंसियों द्वारा होता था तो वर्ष 2019 एवं 2020 की परीक्षाओं का पेपर बनाना, जांचना एनसीएल ने अपने पास सुरक्षित क्यों रखा? यह बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है तथा इसकी भनक लगते ही एनसीएल में तनमय दास की जॉइनिंग बड़े नापाक इरादे की ओर इशारा करती है। जॉइनिंग हो गई लेकिन मेडिकल रिपोर्ट अभी तक सब्मिट नहीं होना सवालिया प्रश्न खड़ा करता है। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग तूल पकड़ने लगी है।

इनका कहना है :

किसी भी अधिकारी के व्यक्तिगत मामलों में प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है, कंपनी द्वारा किसी अधिकारी का ट्रांसफर नियम कायदे के तहत ही किये जाते हैं।

रामविजय सिंह पीआरओ, एनसीएल सिंगरौली

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