राज एक्सप्रेस मुद्दा - बुजुर्गों को बचाओ कोरोना के खतरे से
इंदौर, मध्य प्रदेश : कोरोना के प्रकोप को देखते हुए पूरे देश में केंद्र और राज्य सरकार बुजुर्गों को घर में ही रहने की समझाइश दे रही है। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
राज एक्सप्रेस मुद्दा - बुजुर्गों को बचाओ कोरोना के खतरे से
बुजुर्गो को बचाओ कोरोना के खतरे सेSocial Media

हाइलाइट्स :

  • जीवित रहने का प्रमाण पत्र देना या जान आफत में डालना

  • कोरोना काल में आन लाइन मिलना जरुरी है बुजुर्गों को

  • सरकारी हो या ईपीएफ पेंशनर्स सभी बुजुर्ग डूबे चिंता में

इंदौर, मध्य प्रदेश। राज एक्सप्रेस सदैव ही जनहित के मुद्दों को उठाता रहा है। अब वह बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए मुद्दा उठा रहा है। कोरोना काल में भी जीवित प्रमाण पत्र देने के लिए या तो बैंक जाना पड़ेगा या फिर भविष्यनिधि के दफ्तर, कोरोना के खतरे को देखते हुए पेंशनर्स को आन लाइन प्रमाण पत्र देने की सुविधा होना चाहिए।

कोरोना के प्रकोप को देखते हुए पूरे देश में केंद्र और राज्य सरकार बुजुर्गों को घर में ही रहने की समझाइश दे रही है। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है लेकिन इसके बाद भी पेंशनर्स को घर से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बैंक की लंबी-लंबी लाइन में ये बुजुर्ग परेशान हो रहे हैं लेकिन सांसद हो या विधायक कोई भी इनकी ओर ध्यान नहीं दे रहा है। आने वाले कुछ ही दिनों में पेंशनर्स को अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र देना पड़ेगा। ये बैंक जाकर या भविष्यनिधि कार्यालय जाकर ही देना पड़ेगा। कोरोना काल में भी बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए अभी तक ऐसी किसी सुविधा की घोषणा नहीं हुई है कि वे आन लाइन ये प्रमाण पत्र दे सकें।

एक ओर तो सरकार और जनहितैषी संस्थाएं बुजुर्गों का ध्यान रखने का दावा करती हैं, उन्हें कई सुविधाएं दी जा रही है लेकिन पेंशनर्स घर बैठे एक मामूली प्रमाण पत्र भी नहीं दे सकता इसके लिए तो उसे बैंक या भविष्यनिधि कार्यालय जाकर घंटों तक परेशान होना पड़ेगा, कोरोना का खतरा झेलना पड़ेगा। अभी तक किसी भी राजनीतिक दल या किसी समाजसेवी संस्था ने इस मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा है, इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या हो सकता है कि जो बुजुर्गों की सेवा करने का दावा करते हैं वे नेता, मंत्री या जिम्मेदार बैंक अफसर अभी तक चुप्पी साधे हुए हैं। केंद्र सरकार की ओर से भी इस दिशा में कोई पहल नहीं हो रही है वैसे भी राज्य सरकार तो उप चुनाव में व्यस्त है अब ऐसे हालातों में जीवन प्रमाण पत्र देना कहीं कोरोना को निमंत्रण देना साबित न हो जाए। इस ओर ध्यान देना जरुरी है क्यों कि ये बुजुर्गों की जीवन-मृत्यु का सवाल है। अब देखना है कि सरकारी पेंशन और ईपीएफ पेंशन पाने वालों को कौन सा मंत्री, बैंक या सरकार राहत देती है।

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