पेट्रोल, डीजल की कीमतों में कमी दीपावली तोहफा न होकर उपचुनाव का परिणाम : कमलनाथ
पेट्रोल, डीजल की कीमतों में कमी दीपावली तोहफा न होकर उपचुनाव का परिणाम : कमलनाथSocial Media

पेट्रोल, डीजल की कीमतों में कमी दीपावली तोहफा न होकर उपचुनाव का परिणाम : कमलनाथ

भोपाल, मध्यप्रदेश : केन्द्र सरकार एवं भाजपा शासित राज्यों द्वारा पेट्रोल डीजल की कीमतों में की गई कमी को लेकर कमलनाथ ने इसें उपचुनाव के परिणाम से जोड़कर बताया है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। केन्द्र सरकार एवं भाजपा शासित राज्यों द्वारा पेट्रोल डीजल की कीमतों में की गई कमी को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसें उपचुनाव के परिणाम से जोड़कर बताया है।

नाथ ने ट्वीट करते हुए कहा कि 13 राज्यों की 3 लोकसभा और 29 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजों के अगले दिन केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल पर 10 रुपए की एक्साइज ड्यूटी में कमी, दीपावली का तोहफा नहीं होकर, यह तो जनता द्वारा इन उपचुनावों में देश भर में भाजपा को दिए गए सबक का परिणाम है। जिस मोदी सरकार में 6 वर्ष में पेट्रोल पर करीब 250 फीसदी एक्साइज ड्यूटी बढ़ी है, वह 5 रुपए कम कर इसे दीपावली का तोहफा बता रहे हैं।

वर्ष 2014 में जब कच्चे तेल का भाव 105 डालर प्रति बैरल होने के बावजूद कांग्रेस सरकार में पेट्रोल का दाम 71 रुपए और डीजल का दाम 55 रुपए प्रति लीटर के करीब था, वही आज 2021 में भाजपा सरकार में कच्चे तेल की कीमत 82 डालर प्रति बैरल होने के बावजूद पेट्रोल 120 रुपए और डीज़ल 110 रुपए प्रति लीटर से भी ऊपर पहुंच चुका था। वर्ष 2021 में ही मोदी सरकार में पेट्रोल पर 28 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 26 रुपए प्रति लीटर दाम बढ़े हैं। ऐसे में उस हिसाब से यह कमी बेहद कम है और जिस प्रकार से प्रतिदिन पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ रहे हैं, उस हिसाब से इस कमी का असर जल्द ही समाप्त हो जाएगा।

बात करें तो केंद्र में कांग्रेस की सरकार के समय पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 9.48 रुपए और डीजल पर मात्र 3.56 रुपए थी। इस कमी के बाद भी अभी भी पेट्रोल पर 27.90 रुपए और डीजल पर 21.80 रुपए एक्साइज ड्यूटी लग रही है। अभी जनता को महंगाई से और राहत चाहिए तो भाजपा को आगामी चुनावो में भी कड़ा सबक सिखाना होगा। अभी रसोई गैस के दामों में भी कमी के निर्णय की आवश्यकता है क्योंकि उसके दाम भी आसमान छू रहे हैं।

वहीं, बात करें तो मध्यप्रदेश में देश में सबसे ज्यादा पेट्रोल पर 33 फीसदी रेट, 4.50 रुपए प्रति लीटर का अतिरिक्त कर,1 फीसदी सेस लगता है, वही डीजल पर 22 फीसदी रेट, 3 रुपए अतिरिक्त कर व 1 फीसदी सेंस लगता है। नाथ ने कहा है कि शिवराज सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 4 फीसदी वैट घटाया है और अतिरिक्त कर में कमी है, जो कि बढ़ोतरी के अनुपात में काफी कम है।

मध्यप्रदेश में इन उपचुनावो में जनता ने भाजपा को सबक तो सिखाया है लेकिन थोड़ा कम, यदि यहां भी भाजपा को जनता अच्छा सबक सिखा देती तो प्रदेश में भी जनता को महंगाई में राहत वाले निर्णय देखने को मिलते।

लेकिन अब यदि देश और प्रदेश में किसानों को न्याय चाहिए,युवाओं को रोजगार चाहिए, महिलाओं को सम्मान व सुरक्षा चाहिए,जनता को महंगाई से राहत चाहिए तो जनता को भाजपा को अगले चुनावों में और कड़ा सबक सिखाना पड़ेगा, तभी जनता को राहत व न्याय मिल पाएगा।

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