आए दिन नेहरू अस्पताल मे मरीज के परिजन और डाक्टर के बीच हो रही झड़प
आए दिन नेहरू अस्पताल मे मरीज के परिजन और डाक्टर के बीच हो रही झड़प|Raj Express
मध्य प्रदेश

आए दिन नेहरू अस्पताल में मरीज के परिजन और डॉक्टर के बीच हो रही झड़प

सिंगरौली, मध्य प्रदेश : परिजनों ने लगाया आरोप नियमों के चक्कर में रेफर मरीज तोड़ रहे दम।

Shashikant Kushwaha

सिंगरौली, मध्य प्रदेश। नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में मंगलवार दोपहर को ट्रॉमा सेंटर से रेफर मरीज को भर्ती करने को लेकर नियम और फॉर्म भरने के चक्कर में मरीज विमला देवी पत्नी प्रेमचंद शाह उम्र 30 वर्ष निवासी घरौली कलां ने दम तोड़ दिया। मृत मरीज के परिजनों और नेहरू चिकित्सालय के कर्मचारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया एवं धक्का-मुक्की और हाथापाई तक की नौबत आ गई।

नेहरू शताब्दी चिकित्सालय के कर्मचारियों ने बताया कि रेफर मरीज चिकित्सालय आने से पहले ही मृत हो चुका था परंतु मरीज के परिजन बार-बार भर्ती करने का दबाव बना रहे थे। जिसके कारण तू-तू-मै-मै की स्थिति उत्पन्न हुई।

परिजनों ने डॉक्टर एवं कर्मियों पर लगाया आरोप :

मृत मरीज के परिजनों ने नेहरू शताब्दी चिकित्सालय के डॉक्टर एवं कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि मरीज नेहरू अस्पताल आने तक जीवित थी लेकिन आपातकालीन सेवा में कर्मचारियों ने मरीज को भर्ती एवं इलाज करने से पूर्व कागजी कार्रवाई करने को कहा, जिसके कारण ज्यादा समय बीत जाने से मरीज ने दम तोड़ दिया। फिर चिकित्सालय कर्मचारियों एवं सिक्योरिटी गार्ड द्वारा मरीज को अस्पताल परिसर से बाहर करने को कहा गया, जिससे गुस्साए मरीज के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया और मरीज के परिजन और चिकित्सालय कर्मियों के बीच झड़प की स्थिति उत्पन्न हो गई।

पुलिस पर लीपा-पोती का आरोप :

मौके पर उपस्थित जयंत चौकी इंचार्ज महेंद्र सिंह से जब इस घटना के बाबत जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया तो चौकी इंचार्ज ने चिकित्सालय में मारपीट की घटना से इनकार किया और मीडिया कर्मियों को संतोषजनक जवाब नहीं दिया। मामले पर लीपा-पोती करती नजर आई जयंत पुलिस।

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया :

मौके पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब मरीज के परिजन और नेहरू चिकित्सालय के कर्मचारियों की कहासुनी हो रही थी तो एक व्यक्ति वीडियो बना रहा था। वीडियो बनाते व्यक्ति को देखकर नेहरू चिकित्सालय कर्मचारियों का गुस्सा इतना बड़ा है कि उन्होंने वीडियो बना रहे कर्मचारी का जमकर धुनाई कर दिया और मोबाइल से सभी डाटा को डिलीट कर दिया और मोबाइल छीन कर पुलिस चौकी प्रभारी को दे दिया।

आए दिन हो रही है घटनाक्रम की पुनरावृति :

लगातार नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड के नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में मारपीट करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। आपको बताते चलें कि इससे पूर्व में भी अस्पताल परिसर में मारपीट की घटना सामने आई है नेहरू अस्पताल में एनसीएल के अम्लोरी परियोजना में कार्यरत कर्मचारी के साथ भी मारपीट की घटना हो चुकी है जिसमें कि कर्मचारी के द्वारा एनसीएल प्रबंधन एवं पुलिस को लिखित तौर पर शिकायत दर्ज कराई गई।

कुछ दिन पूर्व में ही नेहरू अस्पताल का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हुआ था जिसमें की डॉक्टर एवं परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी संबंधित मामले में पुलिस के द्वारा अस्पताल में इलाज कराने गए गंभीर रूप से पीड़ित मरीज के ऊपर ही मामला पंजीबद्ध कर लिया गया।

सवालों के घेरे में अस्पताल प्रबंधन का रवैया :

आए दिन हो रहे मारपीट की घटना को लेकर अस्पताल प्रबंधन के रवैए पर सवाल उठने लगा है साफ तौर पर कहा जा सकता है कि जिले में अकेला सिर्फ एक नेहरू अस्पताल ही नहीं है इसके अलावा अन्य की अस्पताल हैं जैसे एनटीपीसी का अस्पताल एवं सरकारी जिला अस्पताल भी यहां उपलब्ध है बावजूद इसके हर बार नेहरू अस्पताल से ही विवाद क्यों खड़ा होता है और आखिरकार नेहरू प्रबंधन क्या कर रहा है?

बहरहाल आए दिन नेहरू चिकित्सालय में हो रहे इस तरह के बवाल से एनसीएल के चिकित्सालय के साख पर बट्टा लग रहा है। एनसीएल प्रबंधन को उचित प्रकरण को संज्ञान में लेकर जांच कराकर संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए और डॉक्टरों की सुरक्षा के संदर्भ में कुछ नए उपाय सोचना चाहिए।

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