केवी में प्री-बोर्ड से कमजोर निकले बच्चों की रिमेडियल कक्षाएं प्रारंभ
केवी में प्री-बोर्ड से कमजोर निकले बच्चों की रिमेडियल कक्षाएं प्रारंभSocial Media

केवी में प्री-बोर्ड से कमजोर निकले बच्चों की रिमेडियल कक्षाएं प्रारंभ

भोपाल, मध्य प्रदेश : केंद्रीय विद्यालयों में हाल ही में संपन्न प्री बोर्ड परीक्षाओं के दौरान जो बच्चे कमजोर निकल कर सामने आए हैं उनकी तत्काल रिमेडियल कक्षाएं प्रारंभ कर दी गई हैं।

भोपाल, मध्य प्रदेश। प्रदेश में घातक कोरोना महामारी को लेकर विद्यालय जरूर बंद हों, लेकिन परीक्षा तैयारियों को लेकर शिक्षक दिन रात एक करने में जुटे हुए हैं। केंद्रीय विद्यालयों में हाल ही में संपन्न प्री बोर्ड परीक्षाओं के दौरान जो बच्चे कमजोर निकल कर सामने आए हैं उनकी तत्काल रिमेडियल कक्षाएं प्रारंभ कर दी गई हैं।

भोपाल के समस्त केंद्रीय विद्यालयों में कमजोर बच्चों की रिमेडियल कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। खासकर 10वीं और 12वीं के बच्चों को लेकर केंद्रीय विद्यालयों के प्राचार्य की चिंता साफ सामने आई है। केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 के प्राचार्य सौरभ जेटली ने बताया कि दो प्री बोर्ड बच्चों के संपन्न हुए हैं। पहला प्री बोर्ड दिसंबर में आयोजित किया गया था। इसमें जो बच्चे कमजोर निकल कर सामने आए थे उनकी दूसरी प्री बोर्ड के लिए बेहतर तैयारी करवाई गई थी। दूसरे प्री बोर्ड में जितने बच्चे विषय परीक्षा में आशाजनक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उनकी फिर से रिमेडियल कक्षाएं प्रारंभ कर दी गई हैं। शिक्षकों द्वारा इन्हें नियमित रूप से अध्यापन करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि अभिभावकों की अनुमति से बच्चों को विषय का संपूर्ण ज्ञान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि यह प्रक्रिया मुख्य परीक्षाओं की नजदीकी तक चलेगी। श्री जेटली ने बताया है कि इस समय मार्च से शुरू हो रहे 10वीं 12वीं के प्रैक्टिकल की भी तैयारियां की जा रही हैं।

सीबीएसई स्कूलों में प्रैक्टिकल 1 मार्च से :

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी से सीबीएसई से संबंध निजी विद्यालयों में 10वीं 12वीं के प्रैक्टिकल 1 मार्च से शुरू हो रहे हैं। सहोदय गु्रप के वाइस प्रेसिडेंट पीके पाठक का कहना है कि सेंट्रल बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार प्रैक्टिकल संपन्न करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि इस समय बच्चों की परीक्षा तैयारियों पर पूरा जोर है। बच्चों से कहा भी गया है कि अगर उन्हें विषय की तैयारी में कोई दिक्कत आती है तो वह स्कूल या फिर संबंधित विषय शिक्षक से दूरभाष पर संपर्क करके अपनी समस्या का समाधान करवा सकते हैं। पीके पाठक का कहना है कि प्रत्येक बच्चा अच्छे अंक लेकर मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण हो। इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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