नागदा जं. : चंबल नदी के कैचमेंट एरिया पर रेतमाफियाओं की काली नजर

नागदा जं., मध्य प्रदेश : अत्याधुनिक संसाधन जुगाड़ से प्रतिदिन निकाल रहे रेत, एसडीएम ने शिकायत पर कार्यवाही के निर्देश दिए।
नागदा जं. : चंबल नदी के कैचमेंट एरिया पर रेतमाफियाओं की काली नजर
चंबल नदी के कैचमेंट एरिया पर रेतमाफियाओं की काली नजरसांकेतिक चित्र

नागदा जं., मध्य प्रदेश। चंबल नदी से अवैध रेत निकालने को गौरखधंधा राजनीतिक संरक्षण दोबारा शुरु हो गया है, गांव टुमनी के तट पर नदी में जुगाड़ डालकर धड़ल्ले से रेत निकालने काम चल रहा है। मामले को लेकर एसडीएम कुमार से शिकायत की गई है। एसडीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेकर खनिज विभाग को कार्यवाही करने के आदेश दिए है।

चंबल नदी के कैचमेंट एरिया को रेतमाफियाअेां की काली नजर लग गई है। अवैध रेत निकालने के लिए टुमनी नदी के तट पर राजनीतिक संरक्षण धड़ल्ले से काम शुरु हो गया है। नर्मदा नदी और ओंकारेश्वर की तर्ज पर लगभग 6 लाख रुपए की लागत से निर्मित नाव डालकर दिन रात तेजगति से रेत निकालने का काम किया जा रहा है, इसके लिए बकायदा नदी किनारे बड़ा गड्डा कर रेत को संग्रहित किया जाता और फिर जेसीबी से ट्रालियों में भरा जा रहा है प्रतिदिन बड़ी मात्रा में रेती चंबल नदी से निकाली जा रही है जिसमें सत्तापक्ष के एक बड़े नेता के शामिल होने की बात सामने आ रही है। मामले को लेकर एसडीएम पुरुषोत्तम कुमार से शिकायत की गई, एसडीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेकर खनिज विभाग के अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।

कलेक्टर के आदेश पर तीन स्थानों पर दबिश :

18 जनवरी 2018 गुरूवार को कलेक्टर के आदेश के बाद खनिज विभाग के अधिकारियों ने तत्कालीन तहसीलदार सुनील करवरे, बिरलाग्राम व मंडी की पुलिस मिलाकर एक दल बनाया। नपा के कर्मचारियों को शामिल कर गांव नायन, भाटीसुड़ा, भीलसुडा एवं टुमनी गांवो में चंबल नदी किनारे कार्यवाही करने पहुंचा। खनिज विभाग के अधिकारियों ने दिखावे के लिए 500 मीटर दुर वाहन खड़े कर दिए। पूर्व सूचना मिलने पर रेत माफिया वहां से गायब हो गए। मौके पर पहुंचे तो नदी में सिर्फ एक नांव जिससे रेती पानी से निकाली जाती है कार्यवाही कर जब्त की। उसे नदी से बाहर निकालने में 17 घंटे लगे। वह भी नपा के साधन के सहयोग से।

72 लाख रुपए की नाव जब्त की थी :

खनिज विभाग ने वर्ष 2018 में 15 से 21 मार्च तक कार्यवाही कर 8 नाव जब्त की थी, जिनको बंद पड़े भारत कॉमर्स उद्योग परिसर में रखा था। इसके बाद 10 अक्टूबर 2018 को गांव पिपलोदा में दबिश दी थी, लेकिन जब्ती की कार्यवाही नही की। इसके बाद 17 जनवरी 2019 को गांव नायन में दबिश देकर एक नाव व अन्य संसाधन जब्त किए। 22 जनवरी 2019 को गांव भीलसुडा में खनिज विभाग, राजस्व, पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्यवाही कर 8 घंटे की मशक्कत के बाद 6 लाख रुपए कीमत की नाव जब्त कर भारत कामर्स स्कूल परिसर में रखी थी। इसके बाद क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का काम बंद हो गया था, लेकिन अब दोबारा राजनीतिक संरक्षण में अवैध रेत उत्खनन का कार्य शुरु हो गया है।

इनका कहना है :

चंबल नदी के कैचमेंट एरिया गांव टुमनी में अवैध रेत उत्खनन जुगाड़ से किया जा रहा है इस संबंध में शिकायत मिली है। खनिज विभाग के अधिकारियों को दल गठित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।

पुरुषोत्तम कुमार, एसडीएम, नागदा

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