असल में इंदौर कलेक्टर तो भाजपा नगर अध्यक्ष हैं - विधायक शुक्ला
असल में इंदौर कलेक्टर तो भाजपा नगर अध्यक्ष हैं - विधायक शुक्ला|Social Media
मध्य प्रदेश

असल में इंदौर कलेक्टर तो भाजपा नगर अध्यक्ष हैं - विधायक शुक्ला

इंदौर, मध्य प्रदेश : पूरी तरह से बाजार खुलने की घोषणा के बाद मध्य क्षेत्र के व्यापारियों ने संजय शुक्ला का स्वागत किया।

Mumtaz Khan

इंदौर, मध्य प्रदेश। मध्य क्षेत्र के बाजारों को गुरुवार से खोलने की घोषणा के बाद, इसको लेकर श्रेय लेने की राजनीति बुधवार को होती रही। बाजार खुलने की घोषणा से उत्साहित व्यापारियों ने विधायक संजय शुक्ला का हार पहनाकर स्वागत किया। कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने प्रशासन पर कांग्रेस की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। विधायक खुद पर कंट्रोल नहीं रख पाए और यहां तक कह दिया कि असल में इंदौर कलेक्टर तो भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे हैं।

शुक्ला के विधानसभा क्षेत्र स्थित मंदिर को तोडऩे का नोटिस जारी करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा मैं यहां का विधायक हूं, लेकिन दुर्भाग्य से मैं कांग्रेसी हूं। अभी भाजपा की सरकार है, मैंने व्यापारियों की लड़ाई लड़ी, ठेलेवालों को न्याय दिलवाया, अब इन्हें लग रहा है कि यहां से इनकी जमीन खिसक रही है तो ये ऐसी हरकत कर रहे हैं। द्वारिकापुरी स्थित यह मंदिर 25 साल पुराना है। यहां संतों की कोठी भी बनी हुई है, गौशाला है, कहीं कोई अवैध निर्माण नहीं है। यहां की एक ईंट भी गिरी तो बुलडोजर हमारे ऊपर से गुजरेगा।

विधायक ने कहा कि भाजपा अयोध्या में राम मंदिर बनाने की बात कह रही है, शहर में मंदिर तोडऩे पर उतारू है। मंदिर तोड़ा तो ईंट से ईंट का जवाब देंगे। इंदौर में ज्यादातर मंदिर बगीचों में बने हैं, वे इसलिए की उनकी देखरेख हो सके। विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग कलेक्टर बन गए हैं और कलेक्टर पीए बनकर काम कर रहे हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि यदि मेरी विधानसभा में कहीं भी कार्रवाई की तो उसका मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। यदि इस मंदिर को तोड़ा तो उनके बंगले के सामने मंदिर बना दूंगा और मूर्ति भी स्थापित कर दूंगा।

उन्होंने कहा कि कलेक्टर से मिलने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मिले, कहा कि आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में बात करेंगे, लेकिन हमें बैठक में भी नहीं बुलाया गया, जबकि हम यहां तीन विधायक और हमारे शहर अध्यक्ष कमेटी में शामिल हैं। कलेक्टर ने भाजपा के हारे हुए विधायकों तक से बात की। इसके बाद आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजार को खोलने की घोषणा की गई। इन्हें लगा कि यदि हम बैठक में आ जाएंगे तो बाजार खुलवाने का पूरा श्रेय कांग्रेसियों को मिल जाएगा। उल्लेखनीय है कि मध्य क्षेत्र के बाजार खुलवाने के लिए कांग्रेस ने मंगलवार को मार्च निकाला था, तो सोमवार कलेक्टर कार्यालय में धरने पर बैठ गए थे।

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