स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी का बयान
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी का बयान|Social Media
मध्य प्रदेश

न हो बच्चों का भविष्य खराब, शिक्षक भी होंगे रिजल्ट के जिम्मेदार

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी का बयान, बोर्ड परीक्षा के खराब रिजल्ट के लिए शिक्षक भी होंगे जिम्मेदार।

Priyanka Yadav

Priyanka Yadav

राज एक्सप्रेस। बोर्ड की परीक्षा मार्च से शुरू होने वाली हैं। दसवीं और बारहवीं के छात्रों ने बोर्ड के लिए तैयारी भी शुरू कर दी होंगी। सभी छात्रों के लिए बोर्ड की परीक्षा बहुत महत्तवपूर्ण होती हैं क्योंकि बोर्ड की परीक्षा से ही छात्र अपने भविष्य का फैसला करते हैं। बोर्ड परीक्षा में रिजल्ट के मामले में मंत्री का बयान तेजी से चर्चा में।

बोर्ड परीक्षा में अच्छा रिजल्ट लाने की जिम्मेदारी जितनी बच्चों की है, उतनी ही जिम्मेदारी शिक्षकों की भी होगी। अगर बच्चों का रिजल्ट खराब हुआ तो इसके लिए शिक्षक भी जिम्मेदार होंगे।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा

स्कूल शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कक्षा 5, 8, 10 और 12वीं की परीक्षाओं के संबंध में तैयारी के अलावा प्री-वार्षिक परीक्षा और एक शाला एक परिसर विषय पर अधिकारियों से चर्चा की। बैठक में पूर्व चयनित शालाओं द्वारा तैयार की गई कार्य योजना की गुणवत्ता और उपयोग की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा रश्मि अरूण शमी और आयुक्त लोक शिक्षण जयश्री कियावत आदि मौजूद रहे।

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परीक्षा तैयारी से थक रहे विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा मंडल की हेल्पलाइन ने योग से जोड़ दिया है। घबराहट, सिरदर्दी, उदररोग एवं विषय कठिनाइयों से संबंधित कोई सात सौ छात्रों के फोन हेल्पलाइन में आ चुके हैं। इन परिस्थतियों से निपटने के लिए तैनात काउंसलरों ने विद्यार्थियों को नियमित संतुलित खानपान एवं योग करने की सलाह दी है। छात्रों से यह भी कहा गया है कपाल भारती, अनुलोम विलोम, प्राणायाम की दी गई है नसीहत कि वह अल्प आहार लें। समय से भोजन करें। मंडल का कहना है कि तीन पारियों में हेल्पलाइन चल रही है। प्रत्येक पाली में चार काउंसलरों की तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि यहां पर जितने भी काउंसलर हैं, वह वह मनोविज्ञान में पीजी हैं।

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रारंभ की गई हेल्पलाइन में नियुक्त किये गये काउंसलर विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान सहज और सरल तरीके से कर कर रहे हैं। विषयों की तैयारियों में आ रही कठिनाइयों से सबंधित ज्यादातर समस्याएं सामने आ रही हैं। अभी तक अधिकांश शिकायतें ऐसी आई हैं कि जो याद करते हैं, वह भूल जाते हैं। गणित-विज्ञान अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान की तैयारी कैसे करें। इन परेशानियों से जुड़े सवाल विद्यार्थियों द्वारा किये जा रहे हैं।

अध्यापन के समय घबराहट होती है। नींद भी नहीं आ रही है। अगर ऐसी स्थिति बने तो फिर क्या किया जाए। हेल्पलाइन कै काउंसलरों के अनुसार छात्रों को सलाह दी गई कि वह खान-पान का विशेष ध्यान रखें। नींद भी पर्याप्त लें। किसी भी प्रकार के प्रेशर में न रहें।

सभी समस्याओं का है हल:- मंडल के अनुसार

विद्यार्थियों की समस्याएं अब विषय विशेषज्ञ दूर करेंगे। विद्यार्थी को जिस विषय से सबंधित समस्या होगी, उससे संबंधित सब्जेक्ट स्पेशलिस्ट का नंबर दिया जाएगा। परीक्षा के समय छात्रों को होने वाले मानसिक तनाव एवं मनोवैज्ञानिक समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, छात्र तैयारी चिंतामुक्त होकर करें। उन्होंने कहा कि पालकों को भी सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर बच्चों की हेल्प करना चाहिए। उनसे अनावश्यक अपेक्षाएं नहीं रखना चाहिए।

हेल्पलाइन में विशेषज्ञ कांसलरों की डय़ूटी लगाई गई है। काउंसलर विद्यार्थियों की विधिवत समस्याओं को समझकर उन्हें नये तरीके बता रहे हैं। ताकि वह चिंतामुक्त होकर अपनी परीक्षा की तैयारी कर सकें।

अनिल सुचारी, सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल

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