सिंधिया का पुतला दहन
सिंधिया का पुतला दहन|Social Media
मध्य प्रदेश

सांसद पिता-पुत्र के पक्ष में BJP ने किया सिंधिया का पुतला दहन

भारतीय जनता पार्टी सांसद के.पी.यादव एवं उनके पुत्र सार्थक यादव पर एफआईआर दर्ज होने का भाजपा और अखिल भारतीय यादव महासभा ने किया विरोध।

Priyanka Yadav

Priyanka Yadav

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश के गुना से भारतीय जनता पार्टी सांसद के.पी. यादव एवं उनके पुत्र सार्थक यादव पर एफआईआर दर्ज होने का भाजपा और अखिल भारतीय यादव महासभा ने विरोध किया है। शिवपुरी गुना लोकसभा संसदीय क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डॉ के पी यादव और उनके पुत्र के पक्ष में बीजेपी ने कांग्रेस के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला जलाया है।

सांसद केपी यादव पर एफआईआर का विरोध

आपको बता दें कि, गुना सांसद के.पी.यादव एवं उनके पुत्र सार्थक यादव पर FIR दर्ज होने का भाजपा और अखिल भारतीय यादव महासभा ने विरोध किया है। भाजपा ने पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला जलाया। वहीं गुना यादव महासभा ने ज्ञापन देकर एफआईआर वापस लेने की मांग की।

भाजपा जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिकरवार ने कहा

बीजेपी ने कांग्रेस के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुतला दहन के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिकरवार ने कहा- कमलनाथ सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। पूर्व सांसद सिंधिया अपनी हार को पचा नही पा रहे हैं। कांग्रेस के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के कहने पर ही प्रशासन पर दबाव बनाकर यह केस दर्ज किया है। यदि एफआईआर वापस नहीं ली तो पूरे लोकसभा क्षेत्र में आंदोलन किया जाएगा।

राजनीतिक द्वेष की भावना से सांसद पर FIR दर्ज की है। ऐसा लगता है कांग्रेस नेता गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र में बीजेपी को मिले जनादेश को पचा नहीं पा रहे हैं। यदि FIR वापस नहीं ली तो महासभा जन आंदोलन करेगी।

राजू यादव, महासभा के जिलाध्यक्ष

जानिए पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, यह मामला सन् 2014 का है जिसमें गुना सांसद केपी यादव ने अपने पुत्र सार्थक को पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का लाभ दिलाने और फायदा लेने के लिए अपनी आय को क्रीमीलेयर के 8 लाख रुपए से कम बताया गया था वहीं लोकसभा चुनाव के समय भी अपनी आय के खुलासे में आय 39 लाख के करीब बताया गया था, जिसे लेकर दोनों आयों में अंतर पाए जाने पर कांग्रेस विधायक ब्रजेंद्र सिंह यादव ने इस मामले में शिकायत एसडीएम से की थी।

जिसके आधार पर एसडीएम ने जांच करते हुए पाया कि, उनकी आय 8 लाख रुपए से ज्यादा है, जिस पर कार्रवाई करते हुए उनके जाति प्रमाण-पत्र को निरस्त कर इसका प्रतिवेदन एडीएम को भेजा गया। बता दें कि, हाल ही में 2019 में लोकसभा चुनाव में सांसद केपी यादव गुना सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर सांसद निर्वाचित हुए थे, जिसके बाद से वे चर्चा में थे।

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