कहते हो ग्वालियर-चंबल मेरा तो सिंधिया बताएं अंचल क्यों पिछड़ा: कमलनाथ

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : पायलट बोले पूरे देश को पता है उप चुनाव किसके कारण हो रहे हैं। ग्वालियर में सुनील शर्मा व ग्वालियर पूर्व में सतीश सिकरवार के समर्थन में ली सभा।
कहते हो ग्वालियर-चंबल मेरा तो सिंधिया बताएं अंचल क्यों पिछड़ा: कमलनाथ
कहते हो ग्वालियर-चंबल मेरा तो सिंधिया बताएं अंचल क्यों पिछड़ाSyed Dabeer-RE

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ग्वालियर व ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में सभाएं ली ओर उनके निशाने पर सिंधिया रहे। ग्वालियर के कोटेश्वर मंदिर प्रांगण एवं मुरार में बस स्टेण्ड पर बोलते हुए कमलनाथ ने सिंधिया से पूछा कि जब आप कहते हो कि ग्वालियर-चंबल मेरा तो यहां के लोगों को यह भी बताना चाहिए कि फिर अंचल विकास के मामले में इंदौर और भोपाल की तुलना में ग्वालियर क्यों पिछड़ा, जबकि बुजुर्ग साक्षी हैं कि पहले ग्वालियर प्रदेश में सबसे आगे रहता था। चुनावी मंच पर राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, राष्ट्र संत प्रमोद कृष्णन भी मौजूद रहे।

कमलनाथ यहीं नहीं रुके उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मैं महाराजा नहीं हूं, मैं चाय भी नहीं बेंचता, मैं कमलनाथ हूं। कहते हैं कमलनाथ ने क्या किया। एक समय ग्वालियर का नाम सबसे आगे लिया जाता था, लेकिन वे बताएं कि आखिर क्या वजह रही कि ग्वालियर पिछड़ता चला गया। यहां का नौजवान आज रोजगार के लिए परेशान है। उसे काम के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। यह भी कहते हैं कि 15 महीने कमलनाथ ने क्या किया। जनता जानती है कि 5 महीने तो लोकसभा चुनाव में निकल गए। एक महीने सरकार गिराने की सौदाबाजी में निकल गया। बाकी समय मेें हमसे जितना हो सका हमने जनता के लिए काम किया।

कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि कहते थे कि जनता मेरी भगवान है, जबकि हकीकत यह है कि जनता इनकी भगवान नहीं, प्रदेश के माफिया इनके भगवान हैं। कांग्रेस स्वच्छ राजनीति में विश्वास करती है। ये जीत के कितने ही झूठे दावे कर लें, लेकिन जनता तय कर चुकी है कि 3 नवम्बर के बाद शिवराज कुर्सी पर नहीं रहेंगे।

सचिन ने सिंधिया का नाम लिए बिना कहा सब जानते ही उप चुनाव क्यों ?

उप चुनाव का अंतिम दौर में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट भी प्रदेश में प्रचार के आ पहुंचे है। कमलनाथ के साथ मंच से उन्होंने कहा कि देश जानता है कि मध्यप्रदेश में उप चुनाव किसकी वजह से हो रहे है। इस दौरान पायलट ने सिंधिया का नाम तो नहीं लिया, लेकिन इशारा उनकी ही तरफ था। पायलट ने कहा कि जनता पांच साल के लिए अपना प्रतिनिधि चुनती है और प्रतिनिधि का भी दायित्व होता है कि वह 5 साल तक जनता की सेवा करे, लेकिन ऐसे सेवक किस काम के जो बीच में ही जनता को छोड़ अपना लाभ कमाने दूसरे दल में चले जाएं? पायलट ने बताया कि चुनाव ऐलान से पहले कमलनाथजी का फोन उनके पास आया था कि आप आओगे प्रचार करने तो मैने कहा कांग्रेस को मजबूत करने के लिए किसी भी स्थान पर जाने को तैयार हूं। पायलट ने कहा कि अब लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी जनता पर है, क्योंकि भाजपा जिस तरह से प्रलोभन देकर एवं डरा धमकाकर कांग्रेस विधायकों को तोड़ रही है उससे लगता है कि भाजपा का लोकतंत्र से विश्वास उठ गया है। भाजपा को लोगों ने घर बैठा दिया था, लेकिन उनको सत्ता की चासनी चाहिए जिसके लिए उन्होंने पिछला दरवाजा खोल दिया ओर उसके जरिए सत्ता में आ गए, लेकिन जनता सब देख रही है। पायलट ने कहा कि उप चुनाव में तो कांग्रेस वैसे भी बेहतर प्रदर्शन करती है, राजस्थान में जब मैं प्रदेश अध्यक्ष था उस समय 27 उप चुनाव हुए ओर कांग्रेस ने 25 जीते थे तो अब मध्यप्रदेश के लोगों की जिम्मेदारी है कि वह धनबल एवं प्रलोभन से सत्ता पर कब्जा करने वालो को करारा जवाब दें।

सचिन ने सिंधिया का नाम लिए बिना कहा सब जानते ही उप चुनाव क्यों ?
सचिन ने सिंधिया का नाम लिए बिना कहा सब जानते ही उप चुनाव क्यों ?Social Media

संत कृपाल सिंह के घर मिलने पहुंचे कमलनाथ-पायलट :

ग्वालियर विधानसभा में चुनाव सभा करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा को साथ लेकर संत कृपाल सिंह के निवास पर उनसे मुलाकात करने के लिए पहुंचे। इस मुलाकात के चुनावी मायने निकाले जाने लगे हैं, क्योंकि क्षेत्र में संत कृपाल सिंह का खासा प्रभाव है और यही कारण है कि कुछ दिन पहल भाजपा सांसद 'योतिरादित्य सिंधिया भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर को लेकर संत कृपाल सिंह से मिल चुके हैं।

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