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माध्यमिक स्कूल में छात्र की करंट से मौत
माध्यमिक स्कूल में छात्र की करंट से मौत |Syed Dabeer Hussain
मध्य प्रदेश

बुरहानपुर : माध्यमिक स्कूल में छात्र की करंट से मौत

करंट से छात्र की मौत, माध्यमिक स्कूल में कक्षा 8वीं के छात्र की करंट से मौत, डोईफोडिय़ा में हुआ हादसा, निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे परिजन

Ganesh Dunge

Ganesh Dunge

राज एक्सप्रेस। डोईफोडिय़ा माध्यमिक स्कूल में कक्षा 8 वीं के छात्र की करंट लगने से मौत हो गई। करंट लगने के बाद स्कूल से बालक को गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, यहां से बुरहानपुर लेकर निकले। निजी अस्पताल में डॉक्टर ने बालक को मृत घोषित कर दिया। इस घटना में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। परिजन ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के मुताबिक 13 साल का विक्की पिता मोहन पाटील प्रार्थना के बाद स्कूल के हॉल में गया था। बताते हैं उसने प्लग को हाथ लगा दिया था। इससे उसे करंट लग गया। साथी बालकों ने देखा तो शोर मचाया। शिक्षक जमा हो गए। विद्यार्थी तड़प रहा था।

बालक को गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां से परिजन बुरहानपुर लेेकर आए और निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जांच के बाद डॉक्टर ने बालक को मृत घोषित कर दिया। बालक की मौत की खबर सुनकर परिजन बिलख उठे। बालक पढ़ाई में होशियार था। पिता मजदूरी करते हैं। प्रधान पाठक ने बताया आज परीक्षा थी तो बच्चे क्लासेस के रवाना हुए। हम लोग परीक्षा के पेपर और अटेेंडेंस रजिस्टर लेने के लिए निकले। कुछ देर में बच्चों ने आकर बताया कि विक्की को कुछ हो गया है। हम दौड़कर गए, हमने देखा बच्चा बालक को तकलीफ हो रही थी। तत्काल उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। हमें बच्चे का इलाज कराना था, इसलिए मौके पर जांच नहीं कर पाए कि हुआ क्या था। गांव में दिखाने के लिए तुरंत बुरहानपुर के लिए निकले।

समय कम था, इसलिए सरकारी अस्पताल में न जाकर हाईवे से अंदर घुसते ही रेणुका माता रोड के निजी अस्पताल में लेकर आए। बच्चे को क्या हुआ है हम पूरी जांच करवाएंगे। मौके पर हमने देखा है कि बच्चा बिजली के बटन के नीचे पड़ा हुआ था। उसके हाथ, पैर टेढ़े हो रहे थे। एक बालक घर आया और उसने बताया कि विक्की को कुछ हो गया है। बच्चे की जान स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से गई है। करंट लगने से मौत हुई है। मौके पर पूरी जांच, पड़ताल की जाना चाहिए। अगर वहां पर प्लग, या तार खुला था तो उसे ठीक क्यों नहीं करवाया गया। किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिले भर के स्कूलों में जांच करवाएं अफसर डोईफोडिय़ा स्कूल में जिस तरह की घटना हुई है, ऐसी लापरवाही जिले के अन्य स्कूलों में भी हो सकती है।

शिक्षा विभाग के अफसरों को समस्त स्कूलों की जांच करना चाहिए। कहां, क्या कमियां है। उसे चिह्नित कर सुधार की जरूरत है। इसमें बिजली कनेक्शन, तार किस हालात में इसकी जांच इलेक्ट्रीशियनों से कराई जाना चाहिए। पुराने बालक छात्रवास में हो रहा थी कक्षा संचालित जहां बच्चे की मौत हुई वहां 3 साल पहले बालक छात्रवास था। पूर्व विधायक राजेंद्र दादू द्वारा नया छात्रवास लालबलड़ी के पास बनाया गया। 3 साल पहले छात्रवास स्थान्तरित हो गया लेकिन 2 साल से यही पुराने बालक छात्रवास में कक्षा 8 वीं की कक्षा संचालित हो रही थी जो पूरी तहत जर्जर है। जांच का विषय यह है कि इतने कक्ष होने के बाद जर्जर पुराने कक्ष में क्यों कक्षा संचालित हो रही थी।

क्या कहना है इनका

स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है मेरे घर का चिराग बुझ गया।में प्रसाशन से सख्त से सख्त कार्यवाई होनी चाहिए।

मोहन प्रभाकर पाटिल, विक्की के पिता।

2 साल से कक्ष में बिजली नही थी अचानक इलेक्ट्रिक बोर्ड में करंट कैसे आ गया पता नही। बच्चे को जैसे करंट लगा वैसे ही मेरे द्वारा अस्पताल रेफर किया गया

अशोक पाटिल, प्रधानपाठक माध्यमिक स्कूल डोईफोडिय़ा।

छात्र को करंट लगने की सूचना प्राप्त हुई थी, उसे जिला अस्पताल ले जाया गया था । इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई पोस्टमार्टम के बाद उसका मर्ग कायम किया जाएगा। उसके बाद अगले स्तर पर जांच की जाएगी कि उसे करंट कैसे लगा।

के पी धुर्वे, टीआई खकनार थाना।

मेरे द्वारा घटना स्थल पर निरक्षण किया गया, जिमसें कक्ष के सभी इलेक्ट्रिक बटन खुले में पाए गए है। जांच करके लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी।

अशोक शर्मा, डीपीसी।

मामला मेरा संज्ञान में आया है उच्चस्तरीय जांच की जाएंगी एवं लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाई की जाएंगी।

सुमित्रा कास्डेकर, विधायक नेपानगर क्षेत्र।