आत्मनिर्भर MP: सीएम ने कहा- कार्य ऐसा हो कि एक साल बाद लोग मप्र को दें बधाई
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आत्मनिर्भर MP: सीएम ने कहा- कार्य ऐसा हो कि एक साल बाद लोग मप्र को दें बधाई

भोपाल, मध्यप्रदेश : "आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश" को लेकर प्रदेश के मुख़्यमंत्री काफी सक्रिय हैं, CM ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों के कल्याण के लिए ऐसा कार्य हो कि एक वर्ष बाद प्रदेश को बधाइयां मिलें।

भोपाल, मध्यप्रदेश। "आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश" को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान काफी सक्रिय हैं, प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार बैठक हैं, आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ प्रदेश के विकास के संबंध में विस्तार से चर्चा की, मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों के कल्याण के लिए ऐसा कार्य हो कि एक वर्ष बाद मध्य प्रदेश को बधाइयां मिलें।

मुख्यमंत्री ने कहा- एक साल में बदल देना है MP की तस्वीर

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ के लिए नए साल में नव चिंतन के साथ कार्य योजनाओं को अमल में लाया जाए। बैठक में सीएम ने आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए अच्छे कार्यों को संपादित करने के निर्देश दिए हैं। शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश देते हुए कहा कि पिछले 10 महीने के दौरान प्रदेश में विकास के लिए कई कदम उठाए गए, आम जनता से भी सरकार के अनेक कार्यों के प्रति समर्थन प्रतिक्रिया मिली है।

आत्मनिर्भर MP के लिए की गई ठोस पहल : CM

वहीं आगे सीएम ने कहा कि मार्च के आखिरी सप्ताह में भाजपा सरकार बनने पर कोरोना की बड़ी चुनौती सामने थी, इससे नागरिकों को बचाने का कार्य तत्परता से किया गया। वायरस पर नियंत्रण के साथ ही सबसे पहले मध्यप्रदेश में ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ का रोड मैप बनाया गया, सीएम ने कहा जैसे ही मोदी ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ की बात कही, उनके चिंतन की प्रक्रिया शुरू हो गई। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए ठोस पहल की गई। सभी मंत्रियों, अर्थशास्त्रियों, नीति आयोग के पदाधिकारियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विचार मंथन कर मध्यप्रदेश रोड मैप की तैयारी करने के सार्थक प्रयास हुए। मध्यप्रदेश सबसे पहले यह रोड मैप बनाने में सफल हुआ।

अर्थव्यवस्था, रोजगार सुशासन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के मुद्दों पर रोड मैप में विस्तार से कार्य का निर्धारण किया गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

बताते चलें कि प्रदेश में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए राजस्व वसूली के कार्य में तेजी लाई गई है, जीएसटी कलेक्शन में मध्यप्रदेश अन्य राज्यों से आगे है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों की सहायता से विकास कार्य को गति दी जा रही है। गेहूं उपार्जन के बाद किसानों के खातों में राशि पहुंचाने का कार्य किया गया। प्रदेश में दो एक्सप्रेस-वे प्रगति पर हैं। भोपाल के ग्लोबल स्किल पार्क से व्यापक पैमाने पर रोजगार की संभावनाओं को साकार किया जाएगा। सीएम ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र तत्काल देने की व्यवस्था, किसानों को बिना चक्कर लगाए विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने का कार्य प्रदेश में बखूबी किया जा रहा है।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के हैं चार स्तंभ- भौतिक अधोसंरचना, सुशासन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था एवं रोजगार!

प्रदेश में हर माह किया जाए 1 लाख रोजगार सृजन : सीएम

बता दें कि कोरोना संकट के बीच मध्यप्रदेश में रोजगार के साधन और स्वरोजगार के माध्यम बढ़ाने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जोर दिया है, बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हर जिले में शासकीय एवं निजी क्षेत्रों में नियोजन तथा स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित किए जाएं, हर माह 1 लाख रोजगार सृजित कर रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार सतत प्रयासरत है।

  • देश को आत्म-निर्भर बनना है तो हर राज्य को आत्मनिर्भर बनाना होगा।

  • मप्र प्राकृतिक संसाधनों में समृद्ध राज्य है, सभी क्षेत्रों के विकास के लिये इन संसाधनों का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से करना होगा।

  • प्रदेशवासियों को सिंगल डेटाबेस, सिंगल सर्विस डिलेवरी पोर्टल, दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन, चैट बॉट्स के विकास से मिल रहा सुशासन।

  • माफिया के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई और नशे से युवा वर्ग को बचाने के ठोस प्रयासों का अच्छा संदेश गया है।

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