Seoni Wainganga river Bridge broken
Seoni Wainganga river Bridge broken|Social Media
मध्य प्रदेश

सिवनी: वैनगंगा नदी पुल टूटने के मामले में दोषी पाए 2 इंजीनियर निलंबित

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में 2 महीने पहले ही में बरबसपुर-सुनवारा मार्ग पर वैनगंगा नदी पर पुल का निर्माण किया गया था। इस मामले में दोषी पाए गए 2 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में 2 महीने पहले ही में बरबसपुर-सुनवारा मार्ग पर वैनगंगा नदी पर पुल का निर्माण किया गया था। जिसको प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्मित किया गया था। बता दें, इस पुल का निर्माण मात्र 2 महीने पहले ही हुआ था और अब तेज बारिश के चलते यह पुल टूट गया है। हालांकि, इस पुल के टूटने से किसी के जान माल की कोई हानि होने की खबर सामने नहीं आई है। इस मामले में दोषी पाए गए 2 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है।

तेज बारिश के कारण टूटा पल :

दरअसल, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत सिवनी जिले में करीब 2 महीने पहले यानि जून 2020 में बरबसपुर-सुनवारा मार्ग पर वैनगंगा नदी पर एक 150 मीटर लंबा और नौ मीटर ऊंचा पुल निर्मित किया गया था। जिसको बनाने में 3.12 करोड़ रुपये की लागत लगी थी। बता दें, सिवनी में 27 अगस्त से हो रही तेज बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ तक आ गई। इसी बारिस के चलते ही इस पुल का ऊपरी हिस्सा पानी के तेज बहाव के कारण टुट गया।

इंजीनियर किए गए निलंबित :

बताते चलें, इस पल के टूटने के बाद कार्यवाही के दौरान मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA) द्वारा दोषी पाए गए 2 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है। इसी मामले में एक अन्य कर्मचारी का ट्रांसफर भी कर दिया गया है। हालांकि, इस मामले को लेकर जांच अभी भी जारी है। खबरों की माने तो, इस पुल का उपयोग करना बिना औपचारिक उद्घाटन के ही एक महीने पहले शुरू कर दिया गया था। इस पुल के इतने सैम समय में टूटने से लोगों को इस पुल के निर्माण कार्य से भ्रष्टाचार की बू आ रही है।

मुख्यमंत्री के आदेश :

इस मामले की खबर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मिलते ही उन्होंने उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए थे। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अवश्य की जाएगी। हालांकि शुरुआती जांच में दोषी पाए गए दो इंजीनियरों के खिलाफ कार्यवाही हो चुकी है। इस मामले में निकाय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) शशांक मिश्रा ने MPRRDA में महाप्रबंधक और सहायक प्रबंधक के पद रखने वाले इंजीनियर जीपी मेहरा और एसके अग्रवाल को निलंबित कर दिया है। साथ ही पुल का सुपरविजन करने वाली सहायक इंजीनियर सोनल रजक का ट्रांसफर कर दिया गया है।

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