तेंदूपत्ता तोड़ने गए लोगों का बाघ से हुआ सामना, ऐसे बचाई जान
लोगों का बाघ से हुआ सामनाAfsar Khan

तेंदूपत्ता तोड़ने गए लोगों का बाघ से हुआ सामना, ऐसे बचाई जान

कोरोना संकट के बीच शहडोल जिले के उत्तर वनमंडल के पूर्वी रेंज के आखेटपुर के ग्रामीण जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गये 15 लोगों का सामना बाघ से हुआ।

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश में कोरोना संकटकाल के बीच शहडोल जिले के उत्तर वनमंडल के पूर्वी रेंज के आखेटपुर के ग्रामीण जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गये हुऐ थे। जहां पर उनका सामना बाघ से हो गया। पत्ती तोड़ने गये 15 लोग जो बाघ को देखते ही पेड़ों पर चढ़ गये। लेकिन बाघ पेड़ के नीचे ही आकर बैठ गया और घन्टों बही पर मौजूद रहा जिससे पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाने वालों की सांस ही फंसी रही।

बाघ के जाने के बाद लोग घर पंहुचे

आपको बता दें कि लोगों को पेड़ पर चढ़े काफी देर हो गई और इस के बाद बाघ वहां से दूर चला गया तब कहीं जाकर वे सभी लोग पेड़ों से उतरकर अपने घर पहुंचे और सभी इस घटना से भयानक डर गए थे जैसे तैसे जान पेड़ पर चढ़कर बचाई जान बचाई और सभी घर पहुँच, इस घटना की सूचना लोगों को दी ओर जो वहा घटना हुई वहां का हाल लोगों को बताया।

ग्रामीणों में दहशत

जयसिंहनगर-ब्यौहारी सामान्य वन मंडल में बाघों का विचरण रहता है, अक्सर वह रिहायशी क्षेत्र में दस्तक देते रहते हैं, इसके अलावा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और संजय गांधी टायगर रिजर्व क्षेत्र भी लगा हुआ है, मवेशियों और इंसानों पर कई बार बाघों ने हमला किया है, जिसको लेकर ग्रामीणों और वन विभाग के बीच विवाद होता रहा है, इस घटना के बाद से फिर से लोगों में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आक्रोश देखने को मिला।

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