5 माह बीते, नहीं बन पाई ''कमल" की टीम
5 माह बीते, नहीं बन पाई ''कमल" की टीम|Afsar Khan
मध्य प्रदेश

शहडोल : 5 माह बीते, नहीं बन पाई ''कमल" की टीम

शहडोल, मध्य प्रदेश : मण्डल अध्यक्षों को लेकर युमों में चल रही खींचातानी। कभी राजनैतिक विरोधी रहे, नेता आज गा रहे एक ही गाना।

Afsar Khan

शहडोल, मध्य प्रदेश। राजनीति में न तो कोई किसी का दोस्त होता है और न ही कोई दुश्मन, कार्यकर्ता और नेता के समर्थक भले ही अपने मुखिया व पार्टी को लेकर जमीनी स्तर पर एक-दूसरे के खिलाफ खड़े नजर आये, लेकिन ऊपरी स्तर पर यह सब बातें महज दिखावा ही रहती हैं। प्रदेश से कांग्रेस की सत्ता जाने और भाजपा की सत्ता आने के दौरान इन 5 से 7 माहों में दोनों ही प्रमुख दलों के नेताओं का इधर से उधर आना-जाना हुआ तो, यह बात आम लोगों को भी ठीक ढंग से समझ में आने लगी, बहरहाल जिले की भाजपा की राजनीति में पूर्व व वर्तमान अध्यक्षों के आपसी संबंधों के उतार चढ़ाव ही संभवत: अब तक भाजपा की जिला बॉडी न बनने का प्रमुख कारण रही है।

बीत गये 5 माह :

भाजपा के वर्तमान जिलाध्यक्ष कमल प्रताप सिंह लगभग 5 माह से अधिक समय से यहां के जिलाध्यक्ष बनाये गये थे, उनके जिलाध्यक्ष बनने के बाद से ही यह माना जा रहा था कि पूर्व जिलाध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह छाबड़ा का राजनैतिक जीवन अब धीरे-धीरे अस्त हो जायेगा। चूंकि पूर्व का समय इस बात का गवाह है कि श्री छाबड़ा के जिलाध्यक्ष रहने के दौरान उन्होंने कमल प्रताप सिंह को पार्टी में नीचा दिखाने और पार्टी से बाहर करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी, यही नहीं जब भोपाल से जिलाध्यक्ष की घोषणा होनी थी, उस दौरान भी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने कमल के राह में रोड़े अटकाने में कोई कमी नहीं छोड़ी, संभवत: इसी कारण उन्होंने अपने पुराने विरोधी अनुपम अनुराग तथा दौलत मनवानी जैसे अध्यक्ष की पद में दौड़ वाले नेताओं से भी हाथ मिलाया। बहरहाल राजनीति का नया समीकरण समय के साथ बदला और भाजपा के गलियारों में इस बात की चर्चा है कि भले ही 5 माह बीत गये हैं, लेकिन जब तक कमल व छाबड़ा के बीच जिला बॉडी को लेकर चल रही चर्चा अंतिम रूप नहीं लेती, तब तक इंतजार करना होगा।

कोरोना व मण्डलों की नियुक्ति :

भाजपा में इस बात की भी चर्चा है कि कोरोना संक्रमण काल और उपचुनावों की व्यस्तता के कारण प्रदेश मुख्यालय से हरी झण्डी न होने पर ये घोषणा रूकी हुई है, बीते माहों में यह चर्चा थी कि पितृ पक्ष के बाद नई बॉडी पर विचार होगा, यही नहीं जिले के ब्यौहारी विधानसभा के 5 मण्डलों में अभी तक अध्यक्षों की घोषणा नहीं हुई है। यह घोषणा लंबे अर्से से रूकी है, इस पर भी विचार और नियुक्तियां हो जाने के बाद जिला बॉडी की घोषणा होगी।

इन नामों पर चर्चा सरगर्म :

भाजपा की जिला बॉडी मेें 5 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 6 मंत्री व कार्यालय मंत्री व कोषाध्यक्ष के अलावा मीडिया प्रभारी की नियुक्ति संभवत: होनी है। जिले में अध्यक्ष के बाद महामंत्री का पद महत्वपूर्ण माना जाता है, इन तीन नामों में महिला, पुरूष व आरक्षण का भी ध्यान पार्टी रखती है, वर्तमान में महामंत्री पद के लिए संतोष लोहानी, दौलत मनवानी, अमित मिश्रा, पदम खेमका, शालिनी सरावगी, मनोज सिंह जैसे नामों की चर्चा है, वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष के खेमे से राकेश पाण्डेय, सतीश तिवारी जैसे नाम भी आगे आ रहे हैं।

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