Shahdol : भीष्म को पोड़ी में मिला भ्रष्टाचार का वरदान
भीष्म को पोड़ी में मिला भ्रष्टाचार का वरदानRaj Express

Shahdol : भीष्म को पोड़ी में मिला भ्रष्टाचार का वरदान

बगैर निर्माण कराए ही सचिव ने निकाली राशि। उपयंत्री के मूल्यांकन के बाद निर्माण शुरू। शासकीय राशि में हेरफेर करने सचिव-उपयंत्री ने किया खेला। सामुदायिक शौचालय मामले में दर्ज होनी चाहिए एफआईआर।
Summary

गांव के विकास के लिए शासन द्वारा लाखों रुपये ग्राम पंचायतों के माध्यम से खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन सरपंच-सचिव इस राशि से गांव का विकास न करते हुए खुद का विकास कर रहे हैं। ग्राम पंचायत पोड़ी के सरपंच-सचिव ने बिना सामुदायिक शौचालय निर्माण किए ही लाखों रुपये की राशि निकाल ली।

शहडोल, मध्यप्रदेश। संभाग के अनूपपुर जिले की अनूपपुर जनपद की ग्राम पंचायत पोड़ी के तत्कालीन सचिव, सरपंच एवं उपयंत्री ने मिलकर जमकर फर्जीवाड़ा किया है। ग्राम पंचायत पोड़ी में स्वीकृत होने वाले निर्माण कार्य या तो घटिया तरीके से कराए गये हैं या फिर मौके पर काम ही नहीं करा गया। खास बात यह है कि उपयंत्री ने अपना कमीशन लेकर बगैर निर्माण के ही मूल्यांकन कर दिया है और सरपंच-सचिव ने धनराशि निकालकर बंदरबांट कर लिया है। पोड़ी ग्राम पंचायत में बिना सामुदायिक शौचालय निर्माण कराये ही फर्जी तरीके से राशि वेण्डर के खाते में डालकर राशि आहरित कर ली है। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी जनपद में बैठे जिम्मेदारों को नहीं है, लेकिन वह भी चुप्पी साधे हुए हैं।

बगैर निर्माण हुआ मूल्यांकन :

अनूपपुर की ग्राम पंचायत पोड़ी में गजब का खेल जिम्मेदारों द्वारा खेला गया है, पंचायत ने सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया नहीं, लेकिन उपयंत्री संध्या शुक्ला द्वारा बगैर निर्माण के मूल्यांकन कर दिया और राशि आहरित हो गई, खबर है कि उपयंत्री के पास 10-10 पंचायतों का प्रभार है, लगभग पंचायतों में ऐसा खेल-खेला गया होगा, पोड़ी पंचायत में सचिव, सरपंच सहित उपयंत्री ने 420 की है, जनपद में बैठे जिम्मेदारों को चाहिए कि उपयंत्री, सचिव सहित उपयंत्री पर शासकीय राशि खुर्द-बुर्द करने के आरोप में मामला दर्ज कराना चाहिए।

भ्रष्टाचार की सीमा रेखा पार :

ग्राम पंचायत पोड़ी में पूर्व सचिव द्वारा जमकर निर्माण सामग्री के बिल लगाये गये हैं और भण्डार क्रय नियमों की खुलकर धज्जियां उड़ाई गई है, सचिव द्वारा उक्त खरीदी में म.प्र. भंडार क्रय नियम एवं सेवा उपार्जन नियम 2015 का पालन नहीं किया है, ऐसा नहीं है कि सचिव द्वारा ऑफ रिकार्ड ऐसा किया गया है, पोड़ी पंचायत में ऑन लाईन गड़बड़ी दिख रही है, लेकिन जनपद में बैठे जिम्मेदार इस ओर से आंख बंद किये हुए है, जानकारों की मानें तो पंचायत सचिव-उपयंत्री ने शासन की राशि खुर्द-बुर्द करते हुए शासन को खुलकर चूना लगाया है।

दर्ज होना चाहिए मामला :

पोड़ी पंचायत में बिना निर्माण कराए ही सरपंच और सचिव ने राशि का आहरण किया है, लेकिन इस आहरण में जितने जिम्मेदार सरपंच और सचिव हैं, उतने ही जिम्मेदार उपयंत्री भी हैं, उपयंत्री ने बिना कार्य हुए, स्थल का मूल्यांकन कैसे कर दिया, जिससे राशि का आहरित कर ली गई, पूरे मामले में अब कार्यवाही की गेंद जनपद के मुखिया के हाथ में है, जानकारों का कहना है कि पूरे मामले में जनपद के जिम्मेदारों को उपयंत्री, सरपंच सहित सचिव के विरूद्ध पुलिस में अपराध दर्ज कराना चाहिए, क्योंकि इन्होंने राशि का बंदबांट किया और अब मामले को दबाने के फेर में आनन-फानन में निर्माण कराया जा रहा है।

इनका कहना है :

आप आज किसी कदर समाचार को रोक लीजिए, मैं आपसे कल आकर मिलता हूँ।

भीष्मदेव शर्मा, तत्कालीन सचिव, ग्राम पंचायत पोड़ी

राशि पूर्व में आहरित कर ली गई है, हां यह सही है कि निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन हमारे द्वारा निर्माण कार्य नहीं कराया जा रहा है।

हरिनाम सिंह कंवर, वर्तमान सचिव, ग्राम पंचायत पोड़ी

आप मैडम से बात कर लीजिए, पूरे मामले में वह ही बता पाएंगी।

संध्या शुक्ला, उपयंत्री, जनपद पंचायत, अनूपपुर

मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, आपने बताया है, मैं मामले को दिखवा लेती हूँ।
ऊषा किरण गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, अनूपपुर

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