सेल्स अधिकारी के इशारे पर तकनीकी निरीक्षक का रिश्वतखोरी का खेल
सेल्स अधिकारी के इशारे पर तकनीकी निरीक्षक का रिश्वतखोरी का खेल|Shubham Tiwari
मध्य प्रदेश

सेल्स अधिकारी के इशारे पर तकनीकी निरीक्षक का रिश्वतखोरी का खेल

शहडोल, मध्यप्रदेश : एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में की गई एक शिकायत में रिश्वतखोरी के लगाए गये गंभीर आरोप, रिश्वतखोरी का वीडियो हुआ वायरल।

Shubham Tiwari

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश के जिले शहडोल में एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में की गई एक शिकायत में रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाये गये हैं। जिसमें सोहागपुर क्षेत्र में तैनात विवादों से घिरे सेल्स अधिकारी प्रसन्नजीत बैनर्जी के इशारे पर अमलाई ओसीएम में तैनात तकनीकी निरीक्षक सी.एल. पटेल के द्वारा खुले तौर पर रिश्वत लेकर आरओएम कोयले के स्थान पर स्टीम कोयला दिया जा रहा है। जिससे कोल प्रबंधन को रोजाना लाखों रूपये की क्षति हो रही है, अपने आर्थिक स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए सेल्स विभाग के अफसर ने अपने पुराने खास तकनीकी निरीक्षक को यह जिम्मेदारी सौंपी हुई है, शिकायत में यह भी उल्लेख है कि इस पूरी रिश्वतखोरी का वीडियो भी मुख्यालय के अधिकारियों को भेजा गया है। सीएल पटेल पूर्व में अमलाई ओसीएम में तैनात रहने के दौरान डीओ होल्डरों से रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुए थे।

140 रूपये प्रति टन है रेट :

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अमलाई ओसीएम में सभी डीओ होल्डरों को 4 से 5 दिन सौदेबाजी के लिए डीओ जारी करने के लिए रोका जाता है, आरओएम (-250एम.एम.) के बदले स्टीम कोयला छांटकर प्रदान किया जा रहा हैं। जिसके लिए कथित अधिकारी और कर्मचारी ने 140 रूपये प्रति टन का रेट निर्धारित कर रखा है। परेशान होने के बाद डीओ होल्डरों को यह रकम देकर कोयला मिल रहा है।

बाहरी मजदूर छांटते हैं कोयला :

स्टीम कोयला रिश्वत के बदले देने के लिए अमलाई ओसीएम में बाहरी मजदूरों को लगा रखा है, जिनके द्वारा आरओएम की जगह स्टीम कोयला छांटकर लोडिंग करवाई जाती है, जबकि सतर्कता विभाग बिलासपुर का सख्त निर्देश है कि किसी भी हालत में बाहरी व्यक्ति खदान में प्रवेश नहीं कर सकते। रोड सेल की गाड़ियों में कोयला लोडिंग के दौरान छांटकर कोयले का लदान नहीं कर सकते। बावजूद इसके रिश्वत के चलते सतर्कता विभाग के नियमों को भी कथित अधिकारियों ने रद्दी की टोकरी में फेंक दिया, जबकि मजदूरों के माध्यम से कोयले की छंटाई के कार्य पर भी प्रतिबंध है।

सुपरवाईजर को वसूली का जिम्मा :

अमलाई ओसीएम में तैनात तकनीकी निरीक्षक इससे पहले रिश्वतखोरी के मामले में फंस चुके हैं, इसलिए सेल्स में बैठे अपने आका के इशारे पर आरओएम की जगह स्टीम कोयले देने के लिए वसूली जा रही है। 140 रूपये प्रतिटन की रिश्वत की राशि की वसूली की जिम्मेदारी सुपरवाईजर को सौंप रखी है, जो कि 140 रूपये प्रति टन लोडर के हिसाब से वसूल किया जाता है।

कैमरे में कैद करतूत :

अमलाई ओसीएम में चल रही इस रिश्वतखोरी का पूरा माजरा कैमरे में कैद है, शिकायत के साथ वीडियो भी भेजा गया है, शिकायतकर्ता ने मुख्य सतर्कता आयुक्त, अध्यक्ष सह प्रबंधक निर्देशक, निर्देशक तकनीकी और महाप्रबंधक विक्रय और व्यापार को प्रेषित करते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग की गई है।

सुरक्षा गार्ड और उपक्षेत्रीय प्रबंधक इस मामले में जिम्मेदार हैं, इसमें मैं क्या कर सकता हूँ, वरिष्ठ अधिकारी और सेल्स कार्यालय के निर्देश के अनुसार ही काम किया जा रहा है।

सीएल पटेल, तकनीकी निरीक्षक, अमलाई ओसीएम

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