लाखों के जुर्माने को हजारों में निपटाया
लाखों के जुर्माने को हजारों में निपटाया|Afsar Khan
मध्य प्रदेश

शहडोल : लाखों के जुर्माने को हजारों में निपटाया

शहडोल, मध्य प्रदेश : रेत के अवैध कारोबार के लिये चर्चित ब्योहारी अनुविभाग में पदस्थ वर्दीधारियों ने मंगलवार को एक और नया कारनामा करके दिखा दिया।

Afsar Khan

हाइलाइट्स :

  • बिना खनिज पंजीयन के दौड़ रहे वाहनों को भी छोड़ा।

  • छत्तीसगढ़ के जनकपुर से नदियों से रेत लोड कर जा रहे थे वाहन।

  • वाहनों को पकड़ने के बाद घंटों जुगाड़ बनाने के लिये कार्यवाही की नौटंकी।

शहडोल, मध्य प्रदेश। रेत के अवैध कारोबार के लिये चर्चित ब्योहारी अनुविभाग में पदस्थ वर्दीधारियों ने मंगलवार को एक और नया कारनामा करके दिखा दिया, जहां प्रदेश सरकार की 2019 में आई खनिज नीति और ओव्हर लोड वाहनों पर कार्यवाही के लिये शासन के द्वारा परिवहन विभाग को दिये गये अधिकार को छोड़कर वर्दीधारियों ने छत्तीसगढ़ के जनकपुर में रेत का कारोबार करने वाले कटनी जिले के कैमोर के रहने वाले मो. नवाब से जुगाड़ बनाकर लाखों के जुर्माने को हजारों में निपटा दिया गया, वहीं घंटों खड़े रहे ब्योहारी थाने के सामने रेत से लदे वाहनों से पानी भी पटक रहा था, कुल मिलाकर प्रतिबंधन के बावजूद प्रदेश की सीमा से लगे जनकपुर से मानसून सीजन में भी कथित कारोबारी के द्वारा नदियों से रेत का उत्खनन और परिवहन कराया जा रहा है।

कार्यवाही के नाम पर बनाया जुगाड़ :

मंगलवार की दोपहर थाना प्रभारी अनिल पटेल और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस भविष्य भास्कर ने छत्तीसगढ़ के जनकपुर से आ रहे 09 वाहनों को पकड़कर ओव्हर लोड की कार्यवाही करते हुए अपना जुगाड़ बना लिया, 09 वाहनों से 75 हजार 500 रुपये का जुर्माना लेकर पूरे मामले को सस्ते में निपटा दिया गया, वैसे भी कई दिनों से इस बात का चर्चा थी कि नवाब ने रेत का कारोबार शुरू करने से पहले ही सबसे मुलाकात कर ली थी, मंगलवार को हुई कार्यवाही में ओव्हर लोडिंग का जुर्माना लगाकर सारे मामले को निपटा दिया गया।

इन वाहनों से बनाया सिस्टम :

पुलिस के द्वारा की गई कार्यवाही में एमपी 17 एचएच 4002, एमपी 17 एचएच 6002, एमपी 17 एचए 1885, एमपी 17 एसएच 4404, एमपी 17 एचएच 4115, एमपी 17 एचएच 4174, एमपी 17 एचएच 4136, एमपी 17 एचएच 4715 व एमपी 17 एचएच 5415 वाहन शामिल थे, जो कि ओव्हर लोड पाये गये और इन वाहनों में लदी रेत से पानी गिर रहा था, लेकिन उसके बावजूद छत्तीसगढ़ की रेत होने और मैनुयल टीपी की आड़ में अपना जुगाड़ वर्दीधारियों ने बना लिया।

बिना पंजीयन के वाहनों को भी छोड़ा :

ब्यौहारी पुलिस ने द्वारा एमपी 17 एचए 1885 व एमपी 17 एसएच 4404 को बिना इस बात की जांच किये गये सिर्फ ओव्हर लोड और टीपी के  दस्तावेज देखने के बाद छोड़ दिया गया, जबकि दोनों ही वाहनों का खनिज संसाधन विभाग से प्रदेश में खनिज परिवहन के लिये पंजीयन नहीं था, प्रदेश में बिना खनिज पंजीयन के वाहनों से परिवहन करना अवैध परिवहन की श्रेणी में आता है, लेकिन वर्दीधारियों को इस बात का भी ज्ञान नहीं था कि वह ऑनलाइन इन वाहनों की जांच कर लेते।

हजारों में निपटाया लाखों का जुर्माना :

खनिज संसाधन विभाग द्वारा 30 अगस्त 2019 को लागू की गई मध्यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्डारण एवं व्यापार) नियम 2019 में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि 4-6 एक्सल 10 पहिया वाहनों में वैध अभिवाहन पास होने के बावजूद अंकित मात्रा से अधिक खनिज होने पर 1 लाख से 2 लाख रुपये तक के जुर्माने के प्रावधान हैं, इतना ही नहीं संचानालय भौमिकी तथा खनिकर्म के द्वारा 26 जून को जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ओव्हर लोड के प्रकरणों को कार्यवाही के लिये अब परिवहन विभाग को भेजना होगा और आरटीओ विभाग अपने नियमों के तहत जुर्माना वसूल करेंगे, लेकिन ब्योहारी में पदस्थ वर्दीधारियों ने महज अपने जुगाड़ के लिये शासन को मिलने वाले लाखों रुपये के जुर्माने को हजारों में निपटा दिया।

कौन करेगा भरपाई :

रेत का कारोबार करने वाले और वाहन चालकों ने जुर्माना और जुगाड़ की राशि देकर अपने वाहना तो ले गये, लेकिन अब सवाल उठता है कि इन वाहनों के ऊपर जो नियम शासन के द्वारा लागू किये गये है, उसके तहत जुर्माना नहीं किया, लाखों रुपये की क्षति शासन के खजाने में पहुंची, इसका जिम्मेदार आखिर कौन होगा। जब दोपहर से लेकर शाम तक ये वाहन ब्योहारी थाने के पास खड़े रहे तो पुलिस अधिकारियों ने इसका सूचना न तो खनिज विभाग को दी और न ही परिवहन विभाग को दी, केवल केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम के तहत ओव्हर लोडिग की कार्यवाही करते हुए महज 75 हजार 500 रुपये की राशि वसूल कर कोरम पूरा कर लिया गया, अब लाखों रुपये का जुर्माना ऐसे वसूल होगा यह तो वर्दीधारी ही जानें।

इनका कहना है :

वाहन पकड़े गये थे, जिनका नाप कराया गया, जिसमें सभी ओव्हर लोड थे, जुर्माने की राशि लेने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, खनिज पंजीयन और शासन के नियम क्या हैं, इस बात की जानकारी मुझे नहीं है।

अनिल पटेल, थाना प्रभारी, ब्योहारी

चूंकि वाहनों में रेत छत्तीसगढ़ की थी, इसलिये हो सकता है कि वहां पर खनिज पंजीयन का नियम न हो, पर प्रदेश में खनिज पंजीयन के बगैर वाहन चलाने का अगर प्रावधान होगा तो, उसे खनिज विभाग से जानकारी लेकर कार्यवाही की जायेगी, केवल मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है।

भविष्य भास्कर, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, अनुविभाग, ब्योहारी

ब्योहारी पुलिस ने ओव्हर लोडिंग के तहत जुर्माने की कार्यवाही की गई है, शासन के नियमों के तहत अगर अधिक जुर्माना और परिवहन विभाग को कार्यवाही के लिये नियम बनाये गये हैं तो प्रकरण दोनों ही विभागों को भेजे जाएंगे।

सतेन्द्र कुमार शुक्ला, पुलिस अधीक्षक, शहडोल

पुलिस के द्वारा अगर प्रकरण विभाग को भेजा जायेगा तो नीति और नये नियमों के तहत कार्यवाही की जायेगी। वाहन अगर चले गये है तो छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के खनिज कार्यालय से कार्यवाही के लिये पत्राचार किया जायेगा। प्रदेश में नियमों के तहत बिना खनिज पंजीयन के कोई भी वाहन परिवहन नहीं कर सकता। दोपहर से लेकर शाम तक पुलिस ने द्वारा किसी प्रकार की कोई जानकारी विभाग को नहीं दी गई कि उनके द्वारा वाहन पकड़े गये हैं और कार्यवाही की जा रही है, केवल पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही कर दी।

सुश्री फरहत जहां, खनिज अधिकारी, शहडोल

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