Shahdol : ग्राम पंचायत चकोड़िया जीआरएस पीएम आवास पर खेल रहा खेल
ग्राम पंचायत चकोड़िया जीआरएस पीएम आवास पर खेल रहा खेलRaj Express

Shahdol : ग्राम पंचायत चकोड़िया जीआरएस पीएम आवास पर खेल रहा खेल

जिले के जनपद पंचायत बुढ़ार अंतर्गत ग्राम पंचायत चकोड़िया जीआरएस पर पीएम आवास सहित शौचालय निर्माण की अनियमितता सहित दर्जनों मामलों पर शिकायत होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है।

शहडोल, मध्यप्रदेश। जिले के जनपद पंचायत बुढ़ार अंतर्गत ग्राम पंचायत चकोड़िया जीआरएस पर पीएम आवास सहित शौचालय निर्माण की अनियमितता के साथ-साथ तालाब उन्नयन सहित दर्जनों मामलों पर शिकायत होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। ग्राम पंचायत चकोड़िया के प्रभारी सचिव व जीआरएस के पद पर बैठे रोजगार सहायक राम सहोदर यादव के द्वारा ग्राम पंचायत के हितमूलक कार्यो में भारी गड़बड़ी की जा रही है। जिसमें लगातार पीएम आवास योजनाओं के अलावा पूर्व में भी आवास योजना के अंतर्गत कई पात्र हितग्राहियों के डाटा को अलग तरीके से फिट करके उनके मद के पैसे को अपने तरीके से भुगतान करा लिए गए हैं, और आज तक चिन्हित हितग्राहियों के यहां पीएम आवास योजना के घर नहीं बनाए गए हैं।

शिकायतों की बह रही बयार :

पीएम आवास योजना के अंतर्गत कई हितग्राहियों द्वारा जिन्होंने अपना श्रमदान करते हुए अपने घरों को अपने से बनाया है, जिनकी मजदूरी उनके खातों में आनी चाहिए, उनके मजदूरी के भुगतानो को अपने चहेते परिजनों के खातों में डालकर हितग्राही को स्वयं के द्वारा बनाए हो तो आपको मजदूरी का भुगतान नहीं मिलेगा कहकर, मजदूरी भुगतान से वंचित कर रखा है। इसी के साथ-साथ तालाब निर्माण कार्यों पर भी भारी अनियमितता करते हुए काम करने वाले मजदूर आदिवासी वर्ग के लोगों को श्रम ना देते हुए अन्य काम ना करने वाले लोगों का जॉब कार्ड बनाकर भुगतान आहरित लगातार कराए जाने की शिकायत ग्रामीणों के द्वारा 50 रुपये के स्टांप पेपर के अलावा जनसुनवाई में पहुंचकर दर्जनों बार दर्ज कराई गई है। लेकिन आज तक प्रभारी सचिव व रोजगार सहायक राम सहोदर यादव के ऊपर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है। जिससे लगातार ग्राम के विकास के साथ-साथ पीएम आवास से भी लोगों का विश्वास टूट चुका है।

यह कर रहा रोजगार सहायक :

ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक एवं प्रभारी सचिव के पद पर बैठे राम सहोदर यादव लगातार अपने क्षेत्र पर दबदबा कायम करते हुए कई ग्रामीण पात्र हितग्राहियों को जिनका नाम आवास योजना के अंतर्गत शामिल किया गया था उन लोगों का घर ना बनाते हुए उनके खाता को ही बदल कर अपने चहेतों को खाता डालते हुए भुगतान आहरण कराने की शिकायत लगातार मिलती रही है जिसमें लगभग आधा दर्जन ग्रामीण ऐसे हैं जिन्होंने बताया कि पात्र हितग्राही के सूची में उनका नाम तो आया था लेकिन आज तक उनका घर नहीं बन पाया है प्रभारी सचिव एवं रोजगार सहायक राम सहोदर यादव द्वारा 2011 के जनगणना का हवाला देते हुए कई लोगों का पैसा खुद ही हजम कर गया है जिसमें प्रमुख रुप से बारेलाल पाव पिता शोभा पाव जिनका जन्म दिनांक 15 जुलाई 1998 है तो यह बारेलाल 2011 के पात्र सूची में जनगणना के समय 13 वर्ष की उम्र रही होगी तो आज उसे किस मूल्यांकन के तहत पीएम आवास योजना का लाभ दिया गया है, इस प्रकार की कई कमियां ग्राम पंचायत के दर्जनों शिकायत कर्ताओं ने आरोप लगाते हुए रोजगार सहायक पर कड़ी कार्यवाही की मांग भी की है।

फर्जी तरीकों से किस्तों का भुगतान :

रोजगार सहायक पद के अलावा ग्राम पंचायत के प्रभारी सचिव के रूप में कई वर्षों तक पदस्थ रहने वाले रोजगार सहायक राम सहोदर यादव द्वारा पीएम आवास योजना के तहत या आवास योजना के अंतर्गत होने वाले भुगतान पर बड़ी गड़बड़ी करते हुए जिन हितग्राहियों के खातों पर पात्र सूची के अनुसार भुगतान होना था उस सूची पर खाता क्रमांक को बदलते हुए अपने चाहतों का खाता क्रमांक डालकर पीएम आवास के किस्तों का भुगतान किया गया है जिसमें स्वर्गीय महावीर की पत्नी आज जिस घर में रहती है वहां जानवर बांधने लायक तक स्थिति नहीं है लेकिन उसके अज्ञानता और अनपढ़ होने के कारण उन्हें धोखे में रखकर उनके नाम पर आवास योजना के तहत 25000 की राशि निकाली गई है वहीं दूसरा विमलाबाई जिसका आवास तो आया लेकिन आज तक भुगतान का ही पता नहीं है। इस तरह से फर्जीवाड़ा करके आधा दर्जन हितग्राहियों के भुगतान को अपने तरीके से आहरण करा लिए गए हैं।

आवास योजना की मजदूरी में गोलमाल :

पीएम आवास योजना भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है जिसे सरकार के द्वारा लगातार सभी ग्रामीण लोगों को एक घर का वादा 2022 तक पूरा करने का रहा है। लेकिन शासकीय योजनाओं को बंदरबांट करने का जिम्मा उठाएं रोजगार सहायक राम सहोदर यादव ने इन योजनाओं पर पलीता लगाने का काम बखूबी रूप से करते हुए ना सिर्फ सरकार के सपनों को चकनाचूर करते हुए गोलमाल किया है, बल्कि शर्म तो इस बात की है कि पीएम आवास योजना के अंतर्गत अपने घरों को बनाने के लिए जिन हितग्राहियों ने अपने घरों पर स्वयं काम किया था, उन लोगों को यह कहकर कि आपने अपने घर में श्रमदान किया है तो आपको इसकी मजदूरी नहीं मिलेगी, ऐसा कह कर हजारों रुपए अपने द्वारा बिना काम किए जाने वाले जॉब कार्ड पर मजदूरी भरकर गोलमाल करते हुए मजदूरी को अपनों के खातों में भुगतान करा लिए गए।

सरपंच ने कहा, नहीं देते योजना की जानकारी :

ग्राम पंचायत चकोड़िया के सरपंच मुन्नी बाई से जब पंचायत में मचे भारी भ्रष्टाचार पर ग्रामीणों ने बात की तो उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत के प्रभारी सचिव एवं रोजगार सहायक के पद पर बैठे राम सहोदर यादव द्वारा उन्हें किसी भी प्रकार की योजनाओं की जानकारी नहीं दी जाती है और अपने कम-पढ़े लिखे होने के कारण को विशेष रूप से बताते हुए कहा कि 'यादा पढ़े-लिखे ना होने के कारण उन्हें सचिव जिसे उनके साथ कदम से कदम बढ़ाने के लिए प्रदान किया जाता है उस पर विश्वास करना पड़ता है, आज जिस तरह से ग्राम पंचायत के लोगों के द्वारा आवास योजना, तालाब योजना, मजदूरी के कार्यों के भुगतान, सहित अन्य प्रकार के शौचालय निर्माण के अधूरे कार्यों, पर पूर्ण भुगतान ,संबंधी शिकायत पर किसी प्रकार की कोई जानकारी उन्हें नहीं मिल पाई है ।साथ ही उन्होंने आरोप लगाते हुए यह भी बताया कि गुप्त तरीके से कई प्रकार के पंचायतों के कागजातों को अपने घर पर ले जाकर रखते हैं और उन्हें गुप्त तरीके से हस्ताक्षर करवाया जाता है इसलिए इन बातों से अपने आप को अनभिज्ञ जाहिर करते हुए ऐसे सचिव और रोजगार सहायक पर कार्यवाही की बात तक करने से नहीं मुकर रही हैं।

पद का उठाया जा रहा लाभ :

ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक अपने पद का बखूबी फायदा उठाते हुए ना सिर्फ शौचालय निर्माण, तालाब निर्माण योजना एवं पीएम आवास योजना का बंदरबांट कर लाखों रुपए की हेराफेरी करते हुए गोलमाल किया है, बल्कि इसके अलावा खुद के नाम पर गरीबी रेखा का कार्ड एवं अपने पत्नी शांति बाई यादव के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना जारी कराना काम ना करने के बावजूद भी पत्नी के नाम का जॉब कार्ड बनाना नौकरी में रहने के बाद भी गरीबी रेखा के कार्ड का लाभ उठाना और अपने माता-पिता और भाई जो आज भी एक साथ रहते हैं उनके नाम से अलग-अलग समग्र आईडी बनाकर सभी योजनाओं से लाभान्वित कराने के आरोप भी लगते रहे हैं कई ग्रामीणों के द्वारा दर्जनों शिकायत के बावजूद भी आज भी जिस तरह से अपने पद पर बैठकर भ्रष्टाचार मचा रहे हैं निश्चित रूप से इस मामले पर जनपद के जिम्मेदारों के अलावा जिला पंचायत के साथ साथ कई लोगों सन लिप्त होने की बात भी सामने आती रही है क्या इतने बड़े क्षेत्र को संभालने के लिए अन्य सचिव की नियुक्ति नहीं की जा सकती या फिर मैनेजमेंट के जरिए उन्हें जानबूझकर प्रभारी सचिव के पद पर बैठाया गया है ताकि ऊपर तक चैनल सेट होकर चलता रहे।

इनका कहना है :

आपके द्वारा मामला संज्ञान में आया है, जल्द ही जांच करवाई जायेगी।

मुद्रिका सिंह पटेल, सीईओ, बुढ़ार

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