शहडोल : धान खरीदी केन्द्र में मची धांधली
धान खरीदी केन्द्र में मची धांधलीRaj Express

शहडोल : धान खरीदी केन्द्र में मची धांधली

शहडोल, मध्य प्रदेश : 730 बोरी धान गोदाम प्रभारी ने किया रिजेक्ट। किसानों ने खोला मोर्चा, लैम्प्स प्रबंधक की मनमानी।

शहडोल, मध्य प्रदेश। हैरानी की बात तो यह है कि जब वेयर हाउस में खरीदी केंद्रों की धान रखी जाती है तब वेयर हाउस प्रभारी, गोदाम के प्रभारी, नान के कर्मचारी और खरीदी करने वाले एफसीआई क्वालिटी इंस्पेक्टर के द्वारा धान के ट्रकों में लोड सभी धान की बोरियों का सेंपल लिया जाता है। इसके बाद धान गोदाम में रखी जाती है, खबर है कि धान का सेंपल पास करने के बाद गोदाम में लगे धान के लाट को रिजेक्ट कर दिया। वापस ट्रक में लोड कर लैम्पस भेज दिया गया है। जिसके बाद किसानों द्वारा खरीदी केंद्रों पर इसका विरोध किया गया।

धान की हुई है अदला-बदली :

केंद्र सरकार के नए कृषि बिल पर मचे बवाल के बीच जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में धान उठाव केन्द्रों में किसान कड़ाके की ठण्ड में रहने को परेशान है, वहीं धान उठाव के बाद ट्रकों में माल लोड होने के बाद पीजी गोदाम से धान को रिजेक्ट किया जा रहा है, किसानों का आरोप है कि गोदाम प्रभारी द्वारा जानबूझकर धान रिजेक्ट किया गया है, जबकि उक्त धान हमारी नहीं है, किसानों का कहना है कि ट्रक में बलबहरा सिंधली की बोरियां मिली हैं, इससे साफ जाहिर होता है कि धान की अदला-बदली गोदाम में की गई है।

यह है मामला :

लेदरा लैम्प्स से 30 दिसम्बर को एक ट्रक धान लोड होकर पीजी गोदाम के लिए निकला था, 31 दिसम्बर को 280 क्विंटल धान पीजी गोदाम में खाली करा दिया गया, वहीं दूसरी ओर गोदाम प्रभारी राजाराम पटेल ने पूरी धान को रिजेक्ट करते हुए धान लोड कराकर लेदरा वापस भेज दिया, लेदरा पहुंचे ट्रक में बलबहरा सिंधली की पर्चियां मिली, जिससे किसानों ने मोर्चा खोल दिया। वहीं गोदाम प्रभारी का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश है कि एक ट्रक धान के बोरियों अगर 30 बोरियों का धान सही नहीं है तो, उसे वापस भेज दिया जाये, साथ ही प्रभारी ने बताया कि मजदूरों द्वारा ट्रक लोड करते समय एक-दो बोरी दूसरे जगह की चढ़ गई होगी।

नहीं होगा धान खाली :

लेदरा लैम्प्स पहुंचे ट्रक में 280 क्विंटल (730 बोरी) धान रिजेक्ट कर भेजी गई, जहां ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह धान हमारी नहीं है, साथ इस ट्रक में बलबहरा सिंधली की धान लोड है, मजे की बात तो है कि जो ट्रक लेदरा से माल लेकर आया था, वह कथित गोदाम संचालक ने खाली तो कराया, लेकिन रिजेक्ट करने के बाद उसमें बलबहरा सिंधली का माल भेज दिया, किसानों का कहना है कि उक्त धान हम लेदरा में उतरने नहीं देंगे, क्योंकि उक्त धान हमारी नहीं है, किसानों का आरोप है कि गोदाम प्रभारी ने घटिया धान लेदरा वापस भेज दिया है।

नहीं होगा धान खाली
नहीं होगा धान खालीRaj Express

जब तक जांच नहीं, तब तक होगी परेशानी :

किसानों का आरोप है कि प्रशासन के नुमाईंदों द्वारा औने-पौने दाम में खुले बाजार में धान बेचने के लिए यह षड्य़ंत्र किया जा रहा है, यदि धान की गुणवत्ता की जांच करनी थी तो सभी खरीदी केंद्र में जाकर किसानों के सामने धान की जांच करना चाहिए था, ताकि किसानों को भी मालूम होता कि उनकी धान किस क्वालिटी की है, लेकिन गोदाम प्रभारी ने धान की जांच कर जो रिजेक्ट की है, जिससे गोदाम प्रभारी की मंशा साफ समझ में आ रही है, किसानों का कहना है कि जिस धान को रिजेक्ट किया है वो धान कौन से किसान की है, यह भी समस्या खड़ी हो गई है।

लैम्पस प्रबंधक की भी मनमानी :

कलेक्टर-कमिश्नर के सख्त निर्देश है कि किसानों को खरीदी केंद्रों में किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, लेकिन जिले के लेदरा में किसानों को किसी तरह की कोई सुविधा नहीं दी जा रही, यहां तक कि पीने का पानी तक नहीं है और न ही इस कड़कड़ाती ठंड में आलाव की व्यवस्था की गई है और किसान परेशान हो रहे हैं, इसके साथ ही लैम्प्स परिसर में ठण्ड में पडऩे वाली ओस से बचने के लिए टेंट नहीं लगाया गया है, बारदाने को लेकर भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खबर है कि लेदरा लैम्प्स प्रबंधक द्वारा किसानों को किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं दी जा रही है, लेकिन जिम्मेदारों ने पूरी तरह से आंख मूंद रखी है।

बारदाने को तरसते किसान :

एक ओर सरकार किसानों का धान खरीदने के लिए हर संभव प्रयास कर रही तो, वही दूसरी ओर अफसर व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते किसानों को धान खरीदी केंद्रों में बारदाना (बोरिया) नहीं मिल रहे है। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारदाना नहीं होने से किसानों को इस कड़कड़ाती ठंड में अपनी धान की सुरक्षा के लिए रात गुजारनी पड़ती है, किसानों का कहना है कि इन्ही सब परेशानियों के चलते देश मे किसान विरोध कर सड़क पर उतरे हैं।

इनका कहना है :

आरोप लगते रहते हैं, जांच टीम बनाकर भेजी जाएगी।

डॉ. सतेन्द्र सिंह, कलेक्टर, शहडोल

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश थे कि ट्रक में अगर 30 बोरी धान खराब आती है तो, पूरा ट्रक वापस केन्द्र भेज दिया जाये, मैंने निर्देश का पालन किया है, रही बात बोरी बदलने की तो, लेबरों ने लोड किया होगा, एक-दो बोरी चली गई होगी।

राजाराम पटेल, गोदाम प्रभारी, शहडोल

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