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Shivpuri Murder Case
Shivpuri Murder Case|Priyanka Sahu -RE
मध्य प्रदेश

शिवपुरी हत्‍या मामला (अपडेट): मृतकों की बहन ने किया चौंका देने वाला खुलासा

शिवपुरी हत्‍या मामला (Update): मृतकों के परिजन गांव के लोगों पर छुआछूत सहित समाज से अलग रखने का आरोप लगा रहे हैं, जो आरोप सामने आए, वो वह हर किसी को सोचने को मजबूर कर रहे हैं।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। शिवपुरी जिले के पोहरी रोड स्थित थाना सिरसौद के भावखेड़ी ग्राम में एक हैवानियत भरी घटना हुई थी, जिसमें दो मासूम बच्‍चों की पीट-पीटकर निर्मम तरीके से हत्‍या (Shivpuri Murder Case) कर दी थीं, जब से यहां आए दिन विरोध हो रहे हैं, लोग रैलियां निकाल रहे हैं। इसके अलावा मृतक के परिजनों से पूछताछ की गई तो, ये बात भी सामने आई कि, यहां उनके पूरे परिवार के बच्चों के साथ अछूत व्यवहार किया जाता है, मृतक के परिजन ने गांव के लोगों पर छुआछूत सहित समाज से अलग रखने का आरोप लगाया, जो भी आरोप सामने आए वह हर किसी को चौंका देने वाले हैं।

पूरे गांव में उनके साथ छुआछूत का व्यवहार :

खबरों के अनुसार, जब भावखेड़ी ग्राम में मृतक के परिजनों से पूछताछ की गई, तो उन लोगों ने बताया गया कि, उनके साथ छुआछूत का व्यवहार किया जाता है, जब उनकेे बच्चे गांव के ही मंदिर पर जाते है, तो उन्हें मंदिर पर नहीं चढ़ने दिया जाता।

स्कूल में भी छुआछूत का व्यवहार :

वहीं मृतक की 2 बहनों ने (काजल और पूनम) रोते हुए यह बात कहीं कि, उनके इकलौते भाई व बहन के आरोपियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। इसके अलावा एक बहन काजल ने ये भी बताया कि, वह कक्षा 7वीं की छात्रा है, उसके साथ स्कूल में भी शिक्षक सहित पूरे बच्चे छुआछूत का व्यवहार करते है। हमें स्कूल में अलग से बिठाया जाता है, सभी छात्र टाटपट्टी पर बैठते हैं, लेकिन हम स्कूल में बैठने के लिए अपने घर से टाटपट्टी लेकर जाते हैं।

मिड डे मिल में भी दौहरा बरताव :

यहीं नहीं स्कूल में मिलने वाले 'मिड डे मील' में भी इन बच्‍चों के साथ दौहरा बरताव किया जाता है, सभी छात्रों को स्कूल की ही थालियों में 'मिड डे मील' मिलता है, लेकिन इन बच्‍चों को अपने घर से ही बर्तन ले जाने पड़ते थे।

आरोपियों से है डर :

वहीं मासूमों के पिता का कहना है कि, ''यहां हमारी स्थिति यह है कि, यहां हमें मंदिर पर नहीं चढ़ने दिया जाता, कभी बच्चे पहुंच जाते हैं, तो जातिसूचक गालियां देकर कहते थे कि, मंदिर पर तेरे बच्चे आए तो खैर नहीं।'' इस दौरान मृतक का पिता दहशत में दिखाई दिया। उन्‍होंने यह भी बताया कि, आरोपियों से उसको डर है, अभी दो लोग ही जेल में गए हैं, बाकि आरोपियों का लंबा परिवार है, उनपर बंदूक है। वह बंदूक का डर दिखा कर हमें गांव में नहीं रहने देंगें, जिसके चलते अब पीड़ित परिवार दहशत से गांव में नहीं रहना चाहता।

बता दें कि, शिवपुरी की इस घटना के बाद भावखेड़ी गांव पुलिस की छावनी बना हुआ है, यहां पूरे गांव में पुलिस तैनात है। वहीं मृतकों की मां अपने मासूमों के चले जाने से अभी तक सदमें से उबर नहीं पा रही है।

इनका कहना ये है-

हां यह दोनोंं बच्चियां हमारे मिडिल स्कूल में ही पढ़ती हैं, जबकि इनका भाई प्राईमरी स्कूल में था। हमारे स्कूल में सभी बच्चों के लिए बर्तन उपलब्ध हैं। साथ ही स्कूल में बच्चों के साथ कोई भी ऐसा व्यवहार नहीं किया जाता। अब बच्चे आरोप क्यों लगा रहे है यह समझ से परे है।

सतीश वर्मा, प्राचार्य, शासकीय मिडिल स्कूल भावखेड़ी

बता देx कि, मासूम बच्चों की हत्या के विरोध में सफाई मजदूर यूनियन ने रैली भी निकाली थीं, अगर आप भावखेड़ी हत्‍या मामले की पूरी जानकारी जानना चाहते है, तो इस लिंक पर क्लिक करेें!