भोपाल : जनता के बीच नायक की छवि बनाने में जुटे शिवराज
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भोपाल : जनता के बीच नायक की छवि बनाने में जुटे शिवराज

भोपाल, मध्य प्रदेश : अभिनेता अनिल कपूर की फिल्म नायक का किरदार सबके जहन में आज भी बना हुआ है, सबको लगता है कि मुख्यमंत्री ऐसा ही होना चाहिए।

हाइलाइट्स :

  • हिचक नहीं रहे बड़े अधिकारी को हटाने में

  • जनहितैषी काम न करने वालों पर नजर

भोपाल, मध्य प्रदेश। अभिनेता अनिल कपूर की फिल्म नायक का किरदार सबके जहन में आज भी बना हुआ है, सबको लगता है कि मुख्यमंत्री ऐसा ही होना चाहिए। चौथी पारी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनता के बीच नायक की छवि बनाने में जुटे हैं। कई सालों से सरकार पर हावी प्रशासिक तंत्र को ठीक में करने में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री जनता के काम में लपवाही करने वाले अधिकारियों को हटाने में जरा भी झिझक नहीं रहे हैं। उन्होंने बीते तीन माह में कई बड़े अधिकारियों को हटाया है। मुख्यमंत्री के इस रूप से अधिकारियों में हड़कंप मच हुआ है, वहीं जनता में श्री चौहान की छवि नायक के रूप में स्थापित हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने तीन माह पहले से कलेक्टर-कमिश्नर कान्फ्रेंस लेना शुरू की थी। इस कान्फ्रेंस में मुख्यमंत्री अनेक जनहितैषी योजनाओं और अधिकारियों की कार्यप्रणाली, प्रदर्शन की समीक्षा करते हैं। पहली कान्फ्रेंस में ही उन्होंने अपना रूख स्पष्ट कर दिया था कि वे चौथी पारी में नरमी नहीं बरतने वाले और काम या गलत काम करने वाले अधिकारियों का हटना तय है। सोमवार को हुई कान्फ्रेंस से पहले हुई दो कान्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कटनी कलेक्टर, नीमच, कटनी के एसपी और ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर को हटाने के निर्देश दिए थे। तीसरी कान्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने बैतूल कलेक्टर राकेश सिंह, नीमच कलेक्टर जितेंद्र सिंह, निवाड़ी एसपी वाहिनी सिंह, गुना नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया और सीएसपी टीएस बघेल को मुख्यमंत्री ने हटाया है। इन अधिकारियों को हटाने के पीछे सरकारी तौर पर खराब प्रदर्शन बताया जा रहा है। श्री चौहा ने के लगातार बड़े अधिकारियों पर कार्यवाही करने से अब कान्फ्रेंस के नाम से अधिकारियों में भय हो गया है।

जनता की गोपनीय रिपोर्ट पर कार्रवाई :

सोमवार को तीसरी कान्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हटाने के पीछे के कारण बहुत ज्यादा स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन अंदर के सूत्रों के मुताबिक इन अधिकारियों की गोपनीय रिपोर्ट सीएम के पास थी, जिसमें जनता के प्रति इनका आचरण और काम के प्रति गंभीर लापरवाही शामिल है। मुख्यमंत्री अब सीधे अपने नजदीकी लोगों से अधिकारियों की गोपनीय रिपोर्ट ले रहे हैं।

शराब कांड में हटाए थे अधिकारी :

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उज्जैन और मुरैना में हुए जहरीली शराब कांड में कई अधिकारियों को हटाया था जिसमें कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी शामिल थे। 13 जनवरी को मुख्यमंत्री ने मुरैना में जहरीली से हुई कई लोगों की मौतों के बाद कलेक्टर अनुराग वर्मा, एसपी अनुराग सुजानिया और एसडीओपी हटाने के निर्देश दिए थे। इससे पहले उज्जैन में भी पुलिस अधिकारियों को हटाया गया था।

मेरी भी जिम्मेदारी तय होगी :

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि अब सबकी जिम्मेदारी तय होगी जिसमें वो स्वंय भी शामिल हैं। जनता के काम करने में किसी भी तरह की लपरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। जब मुख्यमंत्री स्वयं अपनी जिम्मेदार तय करेंगे तो फिर अधिकारियों को तो काम करना ही होगा।

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