Indore : कोविड-19 से माता-पिता खोने वाले बच्चों को मिला मामा का साथ

इंदौर, मध्यप्रदेश : शिवराज सिंह ने इंदौर प्रवास के दौरान इंदौर में कोरोना महामारी के वज्रपात से अपने माता-पिता को खोकर अनाथ होने वाले बच्चों से संवाद किया व उन्हें आगे बढ़ने के लिये प्रेरणा दी।
Indore : कोविड-19 से माता-पिता खोने वाले बच्चों को मिला मामा का साथ
कोविड-19 ने माता पिता खोने वाले बच्चों को मिला मामा का साथSocial Media

हाइलाइट्स :

  • हिम्मत और हौसला बढ़ाया, आगे बढ़ने के लिये दी प्रेरणा

  • कोरोना से अनाथ हुए बच्चों से की मुलाकात और संग खिंचवाये फोटो

  • कोरोना की तीसरी लहर की आंशका खत्म होने तक स्वागत नही करवाएंगे मुख्यमंत्री की घोषणा

  • डायलिसिस-थैलेसीमिया सेंटर और अत्याधुनिक ब्लड बैंक प्रकल्प सुश्रुत का भूमिपूजन

इंदौर, मध्यप्रदेश। कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले सभी बच्चों निराश और हताश बिल्कुल भी मत होना। आपका ख्याल रखने के लिए अभी मैं हूँ! आप देश के भविष्य के निर्माता हैं। आपके सपनों को पंख लगाना मेरा कर्तव्य है। आप सभी को किसी भी चीज़ की कमी नहीं आने दूंगा। आप सब हमारे बच्चे हैं, हमारे होते हुए ये कैसे अनाथ हो सकते हैं! ये आगे बढ़ें, इन्हें माता-पिता की कमी महसूस न हो, यह हम सबकी और समाज की जिम्मेदारी है। हम इस कर्तव्य को पूरी तरह से निभायेंगे। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर में कही। वे इंदौर प्रवास के दौरान इंदौर में कोरोना महामारी के वज्रपात से अपने माता-पिता को खोकर अनाथ होने वाले बच्चों से संवाद कर रहे थे।

गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तय कार्यक्रम के अनुसार रतलाम से इंदौर आए। उन्होंने इंदौर में कोविड-19 के संक्रमण से माता-पिता को खोने वाले बच्चों से मुलाकात की। इसके पूर्व उन्होंने इंदौर के रेडक्रासस सोसायटी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में डायलिसिस-थैलेसीमिया सेंटर एवं अत्याधुनिक ब्लड बैंक प्रकल्प सुश्रुत का जीर्णोद्धार एवं 8 करोड़ रुपए की लागत के नवीन कार्यो का भूमिपूजन किया। उन्होनें टीकाकरण महाअभियान के दूसरे चरण के तहत खजराना गणेश मंदिर प्रांगण पर स्थित वैक्सीनेशन सेंटरों का अवलोकन किया। इस दौरान मंदिर परिसर में बने दिव्यांगजनों के सेंटर को भी देखा और उनसे चर्चा की। मुख्यमंत्री चौहान ने मध्यप्रदेश व्हीलचेयर क्रिकेट टीम से भी संवाद किया। और दिव्यांगों के लिए कार्य करने वाले 21 एनजीओ की भी सराहना की।

मामा बन कर हमेशा साथ रहूंगा :

कोविड-19 संक्रमण में अनाथ हुए बच्चों की सहायता के लिए लागू की गयी मुख्यमंत्री कोविड बाल सेवा योजना के अंतर्गत इंदौर जिले में 44 बच्चों का चयन किया गया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इन बच्चों से मुलाकात की। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में बच्चों तथा उनके अभिभावकों के संग फोटो खिंचवाये। बच्चों को गले लगाया, उन्हें सांत्वना दी। उनकी हिम्मत और हौसला बढ़ाया तथा आगे बढ़ने के लिये प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि घबराये नहीं मामा बनकर मैं हमेशा साथ रहूंगा। आपके सभी दुख-सुख में पूरी मदद की जायेगी। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की पूरी शिक्षा, स्वास्थ्य, अधिकारों और संपत्ति के संरक्षण, संस्कारों के उन्नयन में पूरी मदद दी जायेगी।

अभिभावक बने हैं अधिकारी :

उन्होंने कहा कि बेटी शिखा ठाकुर ने बताया कि कैसे कोविड-19 के कारण उसके माँ-बाप नहीं रहे। उसका संकल्प है कि वह अपने भाई को पढ़ाएगी और आर्मी जॉइन करेगी। मैं उसके जज़्बे को प्रणाम करता हूँ। मैं ऐसे सभी बच्चों को विश्वास दिलाता हूँ कि उनकी देखभाल के लिए उनका यह मामा भी है और समाज भी है। कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि इन बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिये जिले में नवाचार करते हुए प्रत्येक बच्चे के लिये एक-एक पालक और एक-एक सहायक पालक अधिकारी नियुक्त किये गए हैं। पालक अधिकारी गण प्रत्येक माह इन बच्चों से मुलाकात करते हैं और उनकी सकुशलता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य सभी जरूरतों का पूर्ण ध्यान रख रहे हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने इन बच्चों से भेंट की और उनके साथ फोटो भी खिंचवाये।

मुख्यमंत्री ने स्वागत नहीं करवाने की घोषणा की :

मुख्यमंत्री चौहान ने इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में घोषणा की कि वे कोरोना की तीसरी लहर की आशंका पूरी तरह समाप्त होने तक किसी भी मंचीय और अन्य कार्यक्रमों में फूलों और गुलदस्तों से स्वागत नहीं करवाएंगे। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर विशेष सावधानी और सतर्कता रखने की जरूरत है। जब देश के अन्य प्रांतों में कोरोना संक्रमण की दर बढ़ रही है, ऐसे समय हमें सजग रहने की आवश्यकता है। श्री चौहान इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित वैक्सीनेशन महाअभियान में सक्रिय सदस्यों एवं मुख्यमंत्री बाल कोविड योजना के पात्र बच्चों और उनके संरक्षकों के संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में गृह मंत्री और प्रभारी डॉ. नरोत्तम मिश्रा विशेष रूप से मौजूद थे। इस अवसर पर विधायकगण रमेश मेंदोला, आकाश विजयवर्गीय, मालिनी गौड़, महेन्द्र हार्डिया, पूर्व विधायक मनोज पटेल, राजेश सोनकर, राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे, कविता पाटीदार, संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा तथा कलेक्टर मनीष सिंह भी उपस्थित थे।

टीकाकरण महाअभियान की सराहाना :

इंदौर जिले में कोरोना टीकाकरण के लिये चलाए जा रहे महाअभियान की सराहना की और कहा कि इंदौर इस क्षेत्र में नया इतिहास रचेगा और देश को नई दिशा दिखाएगा। इंदौर विकास के क्षेत्र में नई इबारत लिख रहा है। उन्होंने कहा कि केरल सहित देश के अन्य प्रांतों में तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। केरल में कल एक ही दिन में 37 हजार प्रकरण आये हैं। यह हमारे लिये चिन्ताजनक है। हमारे लिये सीख है कि हम सावधान एवं सतर्क रहें। यह नहीं सोचें कि कोरोना समाप्त हो गया है। कोरोना के तीसरी लहर की आशंका बनी हुई है। इस अभियान को समाज के अंतिम व्यक्ति के टीकाकरण तक सतत् जारी रखा जायेगा। उन्होंने समाज के सभी लोगों से इस महाअभियान में जुड़कर समन्वित प्रयासों से इसे सफल बनाने की अपील की।

इंदौर में टीकारण का बनेगा इतिहास :

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इंदौर के टीकाकरण महाअभियान की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि इंदौर अपने स्वभाव के अनुरूप टीकाकरण क्षेत्र में भी नया इतिहास लिख रहा है। उन्होंने कहा कि प्रथम डोज के रूप में इंदौर में 18 वर्ष से अधिक आयु की लक्षित 28 लाख 07 हजार आबादी को शत-प्रतिशत टीकाकृत करने का लक्ष्य है, जो इसी माह के अन्त तक पूरा करने के प्रयास किये जाए। यहाँ अभी तक 27 लाख 37 हजार से अधिक लोगों को पहला डोज लगाया जा चुका है। मात्र 70 हजार लोग ही टीके के प्रथम डोज से वंचित हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इनकी विधानसभावार सूची बनाकर सघन प्रयास कर सभी का टीकाकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि दूसरे डोज के लिये भी लोगों को लगातार प्रेरित करते रहें, जब तक टीके के दोनों डोज नहीं लगते हैं, तब तक रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती है। उन्होंने दूसरा डोज दीपावली के अन्त तक सभी व्यक्तियों को लगाने के लिये भी निर्देशित किया। कार्यक्रम में राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे ने इंदौर में टीकाकरण महाअभियान की सफलता के लिये किये गए प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने नवाचार कर महिलाओं के लिये विशेष टीकाकरण केन्द्र ड्राइव इन वैक्सीनेशन सेंटर आदि की जानकारी दी।

रेडक्रॉस परिसर में की गर्भवती महिलाओं से चर्चा :

मुख्यमंत्री ने इंदौर के रेडक्रासस सोसायटी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में डायलिसिस-थैलेसीमिया सेंटर एवं अत्याधुनिक ब्लड बैंक प्रकल्प सुश्रुत का जीर्णोद्धार एवं 8 करोड़ रुपए की लागत के नवीन कार्यो का भूमिपूजन किया। अंतर्राष्ट्रीय स्तर की लैब के यहां स्थापित होने से प्रदेश के थैलेसीमिया से ग्रसित मरीजों को काफी राहत होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सिकलसेल और थैलेसीमिया बीमारी ने हमेशा ही मुझे व्यथित किया है। इलाज से बेहतर रोकथाम होती है। इस सेंटर के माध्यम से थैलीसीमिया के सम्भावित रोगियों का शुरुआती दौर में ही निदान और इलाज हो सकेगा। उन्होंने बताया कि सिकलसेल एनीमिया के इलाज में काफी खर्चा आता है। इसके प्रभावी इलाज हेतु यूएसए के डॉक्टर्स के ग्रुप से एमओयू किया गया है। हम प्रकल्प से जुड़े चिकित्सकों, समाजसेवियों, रेडक्रास के सहयोग से सरकार द्वारा निम्न व मध्यम वर्ग के सिकलसेल एनीमिया पीड़ितों का नि:शुल्क इलाज करेंगे।

वैक्सीन लगवाने वाली महिलाओं को दिए प्रमाणपत्र :

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लैब में अपना समय देने के संकल्प पर डॉक्टर विनीता कोठारी का आभार जताते हुए सम्मान किया। इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने परिसर में गर्भवती महिलाओं के लिए बनाए गए पिंक वैक्सिनेशन सेंटर का निरीक्षण कर वैक्सीन लगवा रही महिलाओं को वैक्सिनेशन सर्टिफिकेट भी दिया। आशा कार्यकर्ता चेतना कुशवाह ने उन्हें राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने टीकाकरण कराने आई गर्भवती महिलाएं रेशमा, सरिता, योगिता से हालचाल पूछ अपना ख्याल रखने का कहा। उन्होने कहा कि विधायक मालिनी गौड़ द्वारा गर्भवती महिलाओं के वैक्सिनेशन के लिए किए गए प्रयास सराहनीय है। मैने यहां देखा कि बहनें बिना किसी डर भय के टीकाकरण के लिए यहां आई। यह टीकाकरण उनको तथा उनके आने वाले बच्चों को कोरोना से सुरक्षित रखेगा।

सीएम की चेतवानी कोरोना से सावधान रहना :

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि फिलहाल कोरोना थमा है फिर भी पॉजिटिव केस आ रहे है। यह वायरस कब स्वरूप बदल ले, कोई ठिकाना नहीं, इसलिए सावधान रहें। उन्होंने मौजूद चिकित्सकों से अपेक्षा की कि वे आमजनों में इसके लिए जागरूकता भी फैलाए। इंदौर कई चीजों में नम्बर वन है। आशा है कि गर्भवती महिलाओं के वैक्सिनेशन में इंदौर अग्रणी होगा। इस मौके पर विधायक मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, आकाश विजयवर्गीय, डॉ. निशांत खरे, गौरव रणदिवे आदि मौजूद थे।

खजराना गणेश के दर्शन, वैक्सीनेशन सेंटर का निरिक्षण :

इंदौर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री चौहान ने टीकाकरण महाअभियान के दूसरे चरण में इंदौर जिले के खजराना गणेश मंदिर प्रांगण पर स्थित वैक्सीनेशन सेंटरों का अवलोकन किया। प्रांगण में एक ही स्थान पर तीन वैक्सीनेशन सेंटर बनाए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सर्वप्रथम प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर पहुंचकर श्री गणेश के दर्शन किये एवं पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत उन्होंने बनाए गए वैक्सीनेशन सेंटरों का अवलोकन किया। उन्होनें दिव्यांगजनों जिन्होंने कोरोना के विरूद्ध सुरक्षा का टीका लगवाया, उन्हें अभिवादन किया एवं आशीष दिया। मुख्यमंत्री चौहान ने मध्यप्रदेश व्हीलचेयर क्रिकेट टीम से भी संवाद किया। उन्होंने टीम के सदस्यों से पूछा कि आपने टीका लगवाया है या नहीं, प्रतिउत्तर पर सदस्यों ने बताया कि हमने टीका लगवा लिया है। यह सुनकर श्री चौहान ने कप्तान सहित सभी सदस्यों को सुरक्षा का टीका लगवाने की शुभकामनाएं दीं।

संवाद कर दिव्यांगजनों में दिखी आत्मविश्वास की झलक :

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सें संवाद कर दिव्यांग युवती रेखा मालवीय ने प्रसन्नता जतार्ई। उन्होनें कहा कि यह उनके लिये एक अदभूत पल रहा, जब खजराना गणेश मंदिर प्रांगण में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उन्हें टीकाकृत होने पर अभिवादन करते हुए आशीष प्रदान किया। सुश्री मालवीय ने कहा कि मेरे जिले में राज्य के मुखिया ने आकर मुझे आशीर्वाद दिया। मेरे जैसे अन्य दिव्यांगों के लिये विशेष सुविधा प्रदान करते हुए जिला प्रशासन द्वारा टीकाकरण के लिये की गई व्यवस्थित व्यवस्थाओं के लिये मैं मुख्यमंत्री की आभारी हूँ एवं जिला प्रशासन को साधुवाद ज्ञापित करती हूँ। इसके साथ ही उन्होंने इमरान अंशारी, दीपू राठौर का भी अभिवादन किया।

कोरोना काल में एनजीओ के कार्य सरहानीय :

मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में दिव्यांगजनों, कामकाजी बहनों एवं दिव्यांगों के लिये कोविड वैक्सीनेशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे एनजीओ का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह हर्ष का विषय है कि आप सभी दिव्यांगों के लिये वैक्सीनेशन के क्षेत्र में आगे आकर बेहतर कार्य कर रहे हैं। यहां उपस्थित दिव्यांगजनों के मुस्कुराते चेहरे यह कह रहे हैं कि हमने सुरक्षा का टीका लगवा लिया है अब हम सुरक्षित है। मुख्यमंत्री ने एनजीओ को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी ने जितने समर्पण एवं निष्ठा के साथ सहयोग दिया, इसके लिये आप धन्यवाद के पात्र है। जिले में सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग और कार्यरत 21 संस्थाओं के द्वारा कोरोना काल में कोविड संक्रमण से बचाव के लिये निरंतर कार्य किया। जरूरतमंद दिव्यांगों एवं वृद्धजनों को समय पर दवाई, खाद्य सामग्री पहुंचाने और अन्य जिलों में फंसे दिव्यांगजनों को उनके घर पंहुचाने का कार्य आनंद सर्विस सोयायटी, महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ, श्री युगपुरूष धाम बौद्धिक विकास केन्द्र सहित अन्य प्रमुख संस्थाओं ने कर अपना अमूल्य योगदान दिया है।

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